होम / बिजनेस / टाटा संस के चेयरमैन को इस साल मिली इतनी सैलरी, पिछले साल से हुआ मामूली इजाफा
टाटा संस के चेयरमैन को इस साल मिली इतनी सैलरी, पिछले साल से हुआ मामूली इजाफा
जहां एक ओर टाटा संस के चेयरमैन को 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया है, वहीं दूसरी ओर एक शख्स ऐसे भी हैं जिन्होंने कंपनी से कोई पैसा नहीं लिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारत में भरोसे का नाम कही जाने वाली कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की सैलरी को लेकर जो आंकड़ा सामने आया है उसे आप सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे. कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार उन्हें वर्ष 2022-23 के लिए 113 करोड़ का रुपये का भुगतान किया गया है. जबकि इसी टाटा संस ने उन्हें 2021-22 में 109 करोड़ रुपये का भुगतान किया था. वहीं कंपनी के एक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर सौरभ अग्रवाल को 27 करोड़ से ज्यादा का भुगतान किया गया है, जिसमें 22 करोड़ रुपये का कमिशन शामिल है.
कौन हैं एन चंद्रशेखरन?
चंद्रशेखर का टाटा संस के साथ काफी पुराना सफर रहा है. 2007 में उन्हें टीसीएस में शामिल किया गया था. इसके बाद उन्हें सीओओ बनाया गया था. लेकिन वहां उनकी बेहतरीन परफॉरर्मेंस को देखते हुए अक्टूबर 2009 में उन्हें टीसीएस का सीईओ बना दिया गया. वो सिर्फ 46 साल की उम्र में ही सीईओ बन गए थे. चंद्रशेखरन को 2019 में 65 करोड़ का वेतन मिला था, जबकि 21-22 में इसे बढ़ाकर 109 करोड़ रुपये कर दिया गया.
इन्होंने नहीं लिया कंपनी से कोई पैसा
वहीं दूसरी ओर अगर 2016 में नॉन-एक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर के तौर पर नियुक्त हुए वेणु श्रीनिवासन की बात करें तो उन्होंने कंपनी से कोई पैसा नहीं लिया है. वेणु इससे पहले टीवीएस के चेयरमैन रह चुके हैं. पिरामल ग्रुप के मालिक अजय पिरामल को कंपनी ने टाटा संस में बतौर नॉन-एग्जीक्यटिव डॉयरेक्टर 2.8 करोड़ रुपये का भुगतान किया है. वहीं टाटा संस के अन्य निदेशकों में, विजय सिंह, हरीश मनवानी, लियो पुरी, भास्कर भट्ट और राल्फ स्पेथ को कमीशन के रूप में FY23 के लिए 2.8 करोड़ रुपये सैलरी दी गई है. अनीता जॉर्ज, जिन्हें जुलाई 2022 में एक इंडीपेंडेंट निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था, उन्हें वेतन के रूप में 2.1 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था.
कैसे रहे टाटा संस की तिमाही के नतीजे?
वित्त वर्ष 2023 में टाटा संस ने 35058 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया है. जबकि कंपनी के स्टैंडअलोन मुनाफे की बात करें तो वो 22132 करोड़ रुपये रहा है.वहीं अगर पिछले साल यानी वर्ष 2022 में देखें तो कंपनी ने 24132 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया था, जबकि प्रॉफिट की बात करें तो वो 17171 करोड़ रुपये रहा था. टाटा संस को सबसे ज्यादा डिविडेंड टाटा कंसल्टेंसी ने दिया था. वहीं टाटा संस का वर्ष 2022 में जो घाटा 27516 करोड़ रुपये था वो वर्ष 2023 में 20642 करोड़ रुपये तक आ गया.
टैग्स