होम / बिजनेस / ह्युंडै मोटर का बड़ा ऐलान: भारत में ₹45,000 करोड़ का निवेश, 26 नए मॉडल लॉन्च होंगे 2030 तक
ह्युंडै मोटर का बड़ा ऐलान: भारत में ₹45,000 करोड़ का निवेश, 26 नए मॉडल लॉन्च होंगे 2030 तक
ह्युंडै मोटर इंडिया की यह निवेश योजना भारतीय ऑटो सेक्टर में एक बड़ा बदलाव ला सकती है. स्थानीय उत्पादन, ईवी निर्माण और निर्यात केंद्र बनने की दिशा में यह कदम भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल मानचित्र पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारत के तेजी से बढ़ते ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए ह्युंडै मोटर इंडिया (HMIL) ने वित्त वर्ष 2030 तक ₹45,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की है. कंपनी ने बताया कि इस निवेश के तहत वह 26 नए वाहन पेश करेगी, जिनमें सात नए मॉडल एमपीवी और ऑफ-रोड एसयूवी सेगमेंट में होंगे. इनमें से चार मॉडल अगले एक साल के भीतर बाजार में उतरेंगे.
स्थानीय इलेक्ट्रिक एसयूवी और लक्जरी ब्रांड ‘जेनेसिस’ की तैयारी
ह्युंडै ने घोषणा की है कि वह 2027 तक भारत में स्थानीय रूप से निर्मित इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च करेगी. साथ ही, कंपनी अपने लक्जरी ब्रांड ‘जेनेसिस’ को भी भारतीय बाजार में पेश करने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ह्युंडै का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राजस्व को डेढ़ गुना से अधिक बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ तक पहुंचाने का है. ह्युंडै मोटर के प्रेसिडेंट और सीईओ जोस मुनोज ने कहा, “भारत हमारे लिए केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक विनिर्माण और निर्यात केंद्र है. हम वित्त वर्ष 2030 तक 45,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ भारत को वैश्विक स्तर पर ह्युंडै का निर्यात केंद्र बनाने जा रहे हैं.”
भारत बनेगा वैश्विक निर्यात केंद्र
कंपनी वर्ष 2030 तक अपने कुल उत्पादन का 30 फीसदी निर्यात करने की योजना बना रही है.
- 50% निर्यात पश्चिम एशिया और अफ्रीका को.
- 40% मध्य और दक्षिण अमेरिका को.
- 10% एशिया-प्रशांत क्षेत्र को.
वर्ष 2020 में कंपनी की वैश्विक बिक्री में भारत का योगदान 11% था, जो 2025 में बढ़कर 15% हो गया. अनुमान है कि वित्त वर्ष 2030 तक भारत ह्युंडै का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा.
इलेक्ट्रिक वाहनों में स्थानीयकरण की नई रणनीति
मुनोज ने बताया कि कंपनी दो चरणों में ईवी स्थानीयकरण की योजना बना रही है.
- पहला चरण चेन्नई प्लांट में ईवी असेंबली और बैटरी पैक निर्माण पर केंद्रित होगा.
- दूसरा चरण आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को भारत में विकसित करने पर केंद्रित रहेगा, ताकि एक आत्मनिर्भर ईवी इकोसिस्टम तैयार किया जा सके.
ह्युंडै इंडिया के लक्ष्यों की झलक
एचएमआईएल के एमडी उनसू किम ने कहा, “हम वित्त वर्ष 2030 तक ₹1 लाख करोड़ का राजस्व हासिल करेंगे और दो अंकों में एबिटा मार्जिन बनाए रखेंगे.” वहीं, कंपनी के सीओओ तरुण गर्ग ने बताया कि ह्युंडै का लक्ष्य घरेलू बाजार में 15% से अधिक हिस्सेदारी हासिल करना है. साथ ही, कंपनी के पोर्टफोलियो में यूटिलिटी वाहनों की हिस्सेदारी 80% से अधिक करने की योजना है.
निर्यात से बढ़ेगी लाभप्रदता
मुनोज ने कहा कि निर्यात के लिए कंपनी का औसत बिक्री मूल्य घरेलू बाजार से 6% अधिक है, जिससे लाभप्रदता में इजाफा होगा. भारतीय वाहन उद्योग के 2030 तक सालाना 5.2% की दर से बढ़कर 56 लाख वाहनों तक पहुंचने का अनुमान है.
टैग्स