होम / बिजनेस / कैसा होगा फ्यूचर वर्कप्लेस मॉडल? BW इवेंट में मिला इस सवाल का जवाब

कैसा होगा फ्यूचर वर्कप्लेस मॉडल? BW इवेंट में मिला इस सवाल का जवाब

आज दुनियाभर के 41% संस्थान रिमोटली वर्किंग का ऑप्शन दे रहे हैं, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका इसमें सबसे आगे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

कोरोना महामारी से पहले और उसके बाद वर्कप्लेस मॉडल कितना बदल गया और भविष्य में इसका स्वरूप कैसा होगा, इस बारे में एक्सपर्ट्स ने BW बिजनेस वर्ल्ड द्वारा आयोजित ‘Happiest Workplace Summit 2022’ में अपने विचार व्यक्त किए. दिल्ली के होटल रेडिसन में आयोजित इस कार्यक्रम में बिजनेस की दुनिया की कई जानी-पहचानी हस्तियां उपस्थित रहीं.    

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा
कार्यक्रम में ‘पास्ट बनाम प्रिजेंट बनाम फ्यूचर’ विषय पर बात करते हुए एसोसिएट डायरेक्टर ‘पीपल, कल्चर एंड टैलेंट-GoKwik’ ओमकार प्रधान ने कहा, ‘पिछले कुछ समय में काफी कुछ बदला है. यदि हम कोरोना काल से पहले की बात करें तो कंपनियां फिजिकल प्रिजेंस यानी ऑनलाइन मोड पर काम कर रही थीं. लेकिन अब स्थिति काफी अलग है. इन ढाई सालों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा मिला है, लोगों ने रिमोटली काम करना सीखा है’. 

बचती है कंपनियों की ओवरहेड कॉस्ट
उन्होंने कहा कि फ्यूचर वर्कप्लेस मॉडल की अगर बात की जाए, तो यह रिमोट या हाइब्रिड होगा. क्योंकि इसके कर्मचारी और कंपनी दोनों के लिए ही फायदे हैं. आज दुनियाभर के 41% संस्थान रिमोटली वर्किंग का ऑप्शन दे रहे हैं, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका इसमें सबसे आगे हैं. कोरोना से पहले ये आंकड़ा मुश्किल से 20% होगा. यानी ढाई साल में इसमें करीब 20 फीसदी इजाफा हुआ है. प्रधान ने आगे कहा कि रिमोटली काम करवाने वाली कंपनियों की ओवरहेड कॉस्ट बचती है. इस बचत को वह Employee Engagement, Employee Learning में लगा सकती हैं, जिससे निश्चित तौर पर एम्प्लॉई हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ेगा.

अब 9 टू 6 से फोकस हटा
वहीं, iBASEt  की ह्यूमन रिसोर्सेज हेड रूही भावसार ने कहा कि पिछले कुछ सालों में Employee Life Cycle से लेकर काफी कुछ बदला है. पहले मुख्य फोकस 9 टू 6 के कांसेप्ट पर रहता था, लेकिन अब प्रोडक्टिविटी और आउटकम पर ज्यादा ध्यान दिया जाने लगा है. एम्पलॉयीज़ के साथ-साथ एम्पलॉयर्स ने भी रणनीति बदली है. एम्पलॉयर्स का जोर पहले लॉन्ग टर्न हायरिंग पर रहता था, मगर अब शॉर्ट टर्म और कॉन्ट्रैक्ट हायरिंग पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं. फाइनेंशियल प्रोस्पेक्टिव के लिहाज से फ्रेशर हायरिंग भी उनकी प्राथमिकता में शुमार हो गई है. 

मैनेजर कनेक्ट की भूमिका महत्वपूर्ण
भावसार ने आगे कहा कि भर्ती के लिहाज से कंपनियां आजकल टीयर-2 और टीयर-3 शहरों पर ध्यान दे रही हैं. कैंडिडेट्स की बात करें तो वे आज यह जानना चाहते हैं कि सैलरी के अलावा, उन्हें और क्या मिलेगा? किस तरह की वेलबीइंग कंपनी ऑफर कर रही है, कंपनी का सोशल पक्ष क्या है, जैसे कि CSR गतिविधि, फ्लेक्सिबिलिटी, वर्क-लाइफ बैलेंस आदि. इसके अलावा, आज मैनेजर कनेक्ट भी बहुत महत्वपूर्ण है. कर्मचारी कंपनी के कामकाज, उसमें अपने फ्यूचर से जुड़े सवालों के जवाब चाहते हैं, ऐसे में मैनेजर कनेक्ट की भूमिका काफी बढ़ जाती है. 

हाइब्रिड वर्कप्लेस के फायदे
चर्चा को विराम देते हुए ओमकार प्रधान ने कहा कि आजकल कंपनियों के लिए टैलेंट एक्सेस बाउंड्रीलेस है. टैलेंट पूल भी काफी बड़ा हो गया है. कर्मचारियों के लिए भी पहले से बेहतर अवसर हैं. कुल मिलाकर कहा जाए तो हाइब्रिड ही वर्कप्लेस का फ्यूचर होगा. इसके कई फायदे होंगे. मोटे तौर पर देखा जाए तो इससे कर्मचारी हैप्पीनेस इंडेक्स मजबूत होगा. क्योंकि ट्रेवल आदि में लगने वाला समय वो अपने परिवार के साथ बिता पाएंगे, अपनी पसंद की चीज़ें कर पाएंगे.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

मैन्युफैक्चरिंग और बिजली सेक्टर की ताकत से औद्योगिक उत्पादन में उछाल, IIP ग्रोथ 7.3% पर पहुंची

मई के 5% के मुकाबले जून में औद्योगिक वृद्धि तेज, बाजार अनुमान 5.6% से भी बेहतर रहा आंकड़ा; इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट और ऑटो सेक्टर ने दिया बड़ा योगदान

8 hours ago

रॉकेट में जल्द लगेंगे ‘मेड इन भारत’ चिप्स, अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी

स्काईरूट के विक्रम-1 मिशन की सफलता के बाद स्वदेशी सेमीकंडक्टर इंटीग्रेशन पर बढ़ा फोकस, भारत के निजी स्पेस सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

8 hours ago

2032 तक वैश्विक खिलौना बाजार में 5% हिस्सेदारी का लक्ष्य, सरकार ने बनाई टास्क फोर्स

घरेलू खिलौना विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा. वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, रोजगार सृजन और 'मेड इन इंडिया' खिलौनों की पहुंच मजबूत करने पर रहेगा फोकस

8 hours ago

Nvidia ने लॉन्च किया Open Secure AI Alliance, AI सुरक्षा के लिए टेक कंपनियों का वैश्विक गठबंधन

Hugging Face साइबर हमले के बाद उठाया कदम. Adobe, Dell, CrowdStrike समेत कई कंपनियां हुईं शामिल, AI सुरक्षा के लिए ओपन-सोर्स टूल्स विकसित किए जाएंगे.

10 hours ago

HUL को झटका: कमजोर Q1 नतीजों से शेयर 5% तक टूटा, मुनाफा बाजार अनुमान से कम

Q1FY27 में HUL का शुद्ध मुनाफा 3% घटकर ₹2,673 करोड़ रहा, हालांकि कंपनी का राजस्व 10% बढ़ा; होम केयर कारोबार ने दर्ज की तीन साल की सबसे तेज ग्रोथ

12 hours ago


बड़ी खबरें

मैन्युफैक्चरिंग और बिजली सेक्टर की ताकत से औद्योगिक उत्पादन में उछाल, IIP ग्रोथ 7.3% पर पहुंची

मई के 5% के मुकाबले जून में औद्योगिक वृद्धि तेज, बाजार अनुमान 5.6% से भी बेहतर रहा आंकड़ा; इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट और ऑटो सेक्टर ने दिया बड़ा योगदान

8 hours ago

2032 तक वैश्विक खिलौना बाजार में 5% हिस्सेदारी का लक्ष्य, सरकार ने बनाई टास्क फोर्स

घरेलू खिलौना विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा. वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, रोजगार सृजन और 'मेड इन इंडिया' खिलौनों की पहुंच मजबूत करने पर रहेगा फोकस

8 hours ago

रॉकेट में जल्द लगेंगे ‘मेड इन भारत’ चिप्स, अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी

स्काईरूट के विक्रम-1 मिशन की सफलता के बाद स्वदेशी सेमीकंडक्टर इंटीग्रेशन पर बढ़ा फोकस, भारत के निजी स्पेस सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

8 hours ago

बजट सेगमेंट में Vivo का नया दांव, AI फीचर्स और 5500mAh बैटरी के साथ लॉन्च हुआ T5e

कंपनी का दावा है कि यह फोन दमदार बैटरी बैकअप, मजबूत बिल्ड क्वालिटी और स्मार्ट AI टूल्स के साथ बजट सेगमेंट के ग्राहकों को बेहतर अनुभव देगा.

11 hours ago

Nvidia ने लॉन्च किया Open Secure AI Alliance, AI सुरक्षा के लिए टेक कंपनियों का वैश्विक गठबंधन

Hugging Face साइबर हमले के बाद उठाया कदम. Adobe, Dell, CrowdStrike समेत कई कंपनियां हुईं शामिल, AI सुरक्षा के लिए ओपन-सोर्स टूल्स विकसित किए जाएंगे.

10 hours ago