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लीडरशिप में कैसे आएं न्यू ऐज के विचार, BW इवेंट में एक्सपर्ट ने साझा किए अपने अनुभव

आज के दौर में कर्मचारियों की महत्वकांक्षाए काफी बढ़ गई हैं, ऐसे में कंपनियों को अपनी एचआर पॉलिसी में बदलाव लाने पड़ रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः नए जमाने के साथ कदमताल करते हुए कंपनियों को चलाने के लिए बहुत सारे बदलाव करने पड़ रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि जिन सुविधाओं के लिए कर्मचारी कंपनियों के पास नौकरी करने 20 साल पहले चले जाते थे, उन सुविधाओं के बिना पर आज कोई कर्मचारी कंपनियों में टिकने को राजी नहीं है. सीएसई इंडिया के सीईओ हर्षवर्धन ने हैप्पी वर्कप्लेस समिट में हुए एक सेशन में अपनी बात रखते हुए कहा कि आज के दौर में कर्मचारियों की महत्वकांक्षाए काफी बढ़ गई हैं, ऐसे में कंपनियों को अपनी एचआर पॉलिसी में बदलाव लाने पड़ रहे हैं क्योंकि पहले के मुकाबले अब सभी कंपनियों में कर्मचारियों द्वारा नौकरी छोड़ने की दर में भी उछाल आ गया है. 

इस सेशन में अपनी बात रखने के लिए अभिषेक सीनियर डायरेक्टर इलिला लियन प्राइवेट लिमिटेड, अनेका दाराशाह, डायरेक्टर एचआर लुइस इंडिया, संजय खान एचआर हेड रिटेल फाइनेंस हीरो फिनकॉर्प और अनिल कुमार मिश्रा, एचआरएम जीएम मार्ट शामिल हुए और उन्होंने कहा कि नए जमाने के साथ तालमेल मिलाते हुए कंपनियों ने अपनी एचआर पॉलिसी में काफी बदलाव किए हैं. डिजिटल मार्केटिंग और एआई के आने से बहुत तेजी से बदलाव हो रहे हैं. एक गलत कदम से कंपनी की साख पर भी बट्टा लग सकता है. 

सीनियर्स को सुननी होगी बात

आज के दौर में सीनियर्स को कर्मचारियों की बातों को सुनना पड़ेगा, तभी कंपनी आगे ग्रोथ पर जा सकती है. नए जमाने के सीईओ को हर समस्या का समाधान ढूंढना पड़ेगा और इसके लिए जल्द से जल्द काम करना होगा, क्योंकि आज के दौर में किसी भी कंपनी के लिए कोई निगेटिव बात फैलने में ज्यादा देर नहीं लगती है. दूसरी बात ये है कि नए दौर के सीईओ को प्रत्येक डिपार्टमेंट के बारे में पता होना चाहिए. अगर उसको कुछ डिपार्टमेंट्स के काम करने के तरीकों की जानकारी नहीं है तो फिर वो कंपनी में सही तरीके से काम नहीं कर सकता है. सीईओ के लेवल पर किसी कंपनी के रोजाना के ऑपरेशंस को करने के लिए हर बात की नॉलेज होनी चाहिए. 

कर्मचारी फ्रेंडली होना पड़ेगा नए दौर के सीईओ को

इस बारे में बात करते हुए अभिषेक कुमार ने कहा कि कोविड के दौर में हमारी कंपनी ने बहुत से लोगों को हायर किया है. टेक इनेबल के साथ ही हम बदलाव के साथ काम कर रहे हैं. कम्यूनिकेशन के साथ ट्रांसपेरेंट तरीके से काम करना और डिसिप्लीन के साथ केयर कर रहे हैं. अनेका दाराशाह ने कहा कि लीडर्स में ये सारी क्वालिटी होनी चाहिए. सीएक्सओ को महामारी के बाद से काफी कर्मचारी फ्रेंडली होना पड़ रहा है. लीडर्स जल्द से जल्द फैसले ले रहे हैं और कर्मचारियों को ज्यादा से ज्यादा फायदा कराने की सोच रहे हैं. 

5 से 10 साल बाद आएंगे ये बड़े बदलाव

सीईओ की क्वालिटी में पांच से 10 साल बाद क्या बदलाव देखने को मिलेंगे, इस सवाल के जवाब में अनेका ने कहा कि सीईओ जो अभी काम फोर्सफुली करवा रहे हैं उनको आगे चलकर एक फेसिलिटिटेर की भूमिका में आना होगा. जियोमार्ट के एचआरएम अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि वर्कप्लेस फ्लेक्सिबिलिटी काफी ज्यादा हो गई है कोविड के बाद से और इसमें एचआर की भूमिका भी काफी बढ़ गई है.  आज कर्मचारियों की औसत उम्र 30 साल है.हमें टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ना होगा और हाई टेक व हाई टच के सामंजस्य से काम करना होगा. 

संविदा पर रखना होगा कर्मचारियों को

मिश्रा ने आगे कहा कि गिग इकोनॉमी में हमें कॉस्ट के हिसाब के काम करना होगा और संविदा पर भी लोगों को रखना होगा ताकि कंपनी की कॉस्ट में कमी ला सकें. आप हर व्यक्ति को फुल टाइम पर नहीं रख सकते हैं. इसके साथ ही कंपनियों को अब अपने कर्मचारियों के पर्सनल हितों व जरूरतों का भी ध्यान रखना होगा, जिसमें मूवी के टिकट से लेकर के डेटिंग के लिए भी समय देना पड़ेगा. अब पतंगबाजी या रंगोली बनाने से काम नहीं करेगा.  

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