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आखिरी बाधा भी दूर, अंबानी की इस कंपनी पर जल्द होगा हिंदुजा समूह का कब्जा
इंश्योरेंस सेक्टर रेगुलेटर इरडा ने जूनियर अंबानी की कंपनी के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
अनिल अंबानी (Anil Ambani) की कर्ज में डूबी कंपनी रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) के बिकने की राह में आ रही आखिरी बाधा भी दूर हो गई है. इंश्योरेंस सेक्टर रेगुलेटर इरडा (IRDAI) ने हिंदुजा ग्रुप द्वारा रिलायंस कैपिटल के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है. हिंदुजा समूह की इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) अनिल अंबानी की इस कंपनी की नई मालिक बनेगी. IIHL को इस डील को 27 मई 2024 तक पूरा करना होगा.
काफी लंबी चली समाधान प्रक्रिया
रिलायंस कैपिटल के अधिग्रहण की प्रक्रिया काफी लंबे समय से चल रही है. पिछले साल जुलाई में IIHL ने कंपनी के अधिग्रहण के लिए 9,861 करोड़ की बोली लगाई थी. रिलायंस कैपिटल के क्रेडिटर्स यानी लेनदारों ने उस बोली का समर्थन किया था और इसके पक्ष में 99% वोट पड़े थे. हालांकि, यह पूरी प्रक्रिया कानूनी मुकदमेबाजी में उलझती चली आई है. टोरेंट पावर ने IIHL की बोली को मंजूरी दिए जाने के खिलाफ अदालत का रुख अपनाया था. दरअसल, टोरेंट ने पहली नीलामी के दौरान 8,640 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी. नीलामी प्रक्रिया के बाद हिंदुजा समूह ने 9000 करोड़ से अधिक की बोली लगाकर कर्जदाताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया. लेकिन, टोरेंट का कहना था कि चूंकि हिंदुजा ने नीलामी प्रक्रिया के बाद बोली लगाई, लिहाजा उसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए.
2021 में भंग हुआ था बोर्ड
रिलायंस कैपिटल के रिलायंस जनरल इंश्योरेंस और रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस के बीमा कारोबार को IIHL को हस्तांतरित करने के लिए इरडा की मंजूरी जरूरी थी. अब जब यह मंजूरी मिल गई है, तो रिलायंस कैपिटल को नया मालिक मिलने का रास्ता साफ हो गया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नवंबर 2021 में रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को भंग करके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को हटा दिया था. नवंबर 2019 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने कर्ज में डूबी कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी थी.
जारी नहीं किए वित्तीय परिणाम
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने इसी साल 27 फरवरी को समाधान योजना को मंजूरी देते हुए हिंदुजा समूह को 90 दिनों के भीतर यानी 27 मई तक समाधान योजना को लागू करने का निर्देश दिया था. रिलायंस कैपिटल की बात करें, तो कंपनी अपने ग्राहकों को फाइनेंस से जुड़ी करीब 20 सेवाएं देती है. कंपनी लाइफ इंश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी सर्विसेज के साथ ही होम लोन, कमर्शियल लोन, इक्विटी और कमोडिटी ब्रोकिंग जैसे सेक्टर में भी सेवाएं दे रही थी. रिलायंस कैपिटल ने दिसंबर 2018 के बाद अपना कोई फाइनेंशियल रिजल्ट जारी नहीं किया है.
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