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Hilti इंडिया का वडोदरा प्लांट बना भारत का पहला DGNB गोल्ड प्रमाणित औद्योगिक केंद्र
हिल्टी मैन्यूफैक्चरिंग इंडिया का वडोदरा प्लांट न केवल तकनीकी दृष्टि से उन्नत है, बल्कि यह भारत में औद्योगिक निर्माण के लिए एक नई दिशा भी तय करता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
हिल्टी मैन्यूफैक्चरिंग इंडिया (Hilti) के गुजरात के वडोदरा में स्थित प्लांट को जर्मन सस्टेनेबल बिल्डिंग काउंसिल (DGNB) से देश का पहला DGNB गोल्ड सर्टिफिकेशन मिला है. यह उपलब्धि हिल्टी की भारत में टिकाऊ और भविष्योन्मुखी इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. साथ ही, यह कंपनी के वैश्विक ग्राहक वादे उत्पादकता, सुरक्षा और स्थिरता में सर्वश्रेष्ठ साझेदार बनने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
DGNB सर्टिफिकेशन विश्व के सबसे कठोर और समग्र मानकों में से एक है, जो भवन के पूरे जीवन चक्र योजना, निर्माण, संचालन और अंत में डी-कमीशनिंग के दौरान पर्यावरणीय प्रदर्शन, आर्थिक व्यवहार्यता, उपयोगकर्ता सुविधा और डिजाइन गुणवत्ता का मूल्यांकन करता है.
हिल्टी मैन्यूफैक्चरिंग इंडिया के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, गिरिधर जम्बुनाथन ने कहा, “औद्योगिक भवनों के लिए स्थिरता चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि उनकी जटिलता और परिचालन आवश्यकताएँ अधिक होती हैं. वडोदरा प्लांट के निर्माण में हमारा लक्ष्य केवल नियमों का पालन नहीं बल्कि भारत में औद्योगिक निर्माण के लिए एक नया मापदंड स्थापित करना था. DGNB का फ्रेमवर्क पर्यावरण, आर्थिक और सामाजिक पहलुओं का संतुलन प्रदान करता है, जिससे हमारा लक्ष्य साकार हुआ. यह गोल्ड सर्टिफिकेशन हमारी टीम की प्रतिबद्धता का प्रमाण है.”
DGNB के प्रबंध निदेशक जोहान्स क्राइसिग ने कहा, “भारत और हंगरी में DGNB सर्टिफिकेशन पूरा कर हिल्टी ने यह साबित कर दिया है कि वे अपने विश्वव्यापी निर्माण स्थलों में समग्र स्थायी निर्माण के उच्च मानक स्थापित करते हैं. भारत में यह पहला DGNB प्रमाणित प्रोजेक्ट है, जबकि हंगरी में हिल्टी के प्रोजेक्ट को DGNB प्लेटिनम रेटिंग मिली है, जो बेहतरीन परिणाम है.”
वडोदरा प्लांट की विशेषताएं:
- अत्याधुनिक HVAC सिस्टम, जिसमें चिल्ड बीम और रेडिएंट फ्लोर कूलिंग शामिल है, जो पारंपरिक प्रणालियों से पांच गुना अधिक कुशल है.
- ऊर्जा बचाने के लिए कई पैसिव कूलिंग तकनीकें जैसे बाहरी शेडिंग, इन्सुलेशन और सौर संरक्षण.
- 1500 मेगावाट घंटे की फोटovoltaिक प्रणाली, जो नवीनीकृत ऊर्जा उत्पादन करती है और इलेक्ट्रिक वाहन इन्फ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करती है.
- शून्य डिस्चार्ज कैंपस डिज़ाइन, जिसमें वर्षा जल संचयन और जल उपचार प्रणाली शामिल है, जो 100% जल पुनर्चक्रण सुनिश्चित करती है.
- 25% क्षेत्र में मियावाकी वनारोपण, जो स्थानीय प्रजातियों के माध्यम से जैव विविधता को बढ़ावा देता है.
- प्रकाश प्रदूषण को कम करने के प्रयास.
- मानव कल्याण और समावेशन के लिए ‘डिज़ाइन फॉर ऑल’ सिद्धांत के तहत रैम्प, लिफ्ट, पहुंच योग्य शौचालय और कार्यस्थल.
- 170 से अधिक हानिकारक वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (VOC) की जांच कर सुरक्षित इनडोर वायु गुणवत्ता सुनिश्चित की गई.
- कार्यालय और उत्पादन क्षेत्रों में ध्वनिक सुविधा और स्वस्थ सामग्री का उपयोग.
- बच्चों के देखभाल केंद्र, फिटनेस व योग क्षेत्र, जॉगिंग ट्रैक और कर्मचारियों के लिए सामान्य क्षेत्र भी उपलब्ध हैं.
हिल्टी की स्थायी भवन निर्माण की यात्रा 2010 में ऑस्ट्रिया में उनके पहले DGNB गोल्ड प्रमाणित प्लांट से शुरू हुई थी. तब से हर नए निर्माण में स्थिरता को प्रमुखता दी जा रही है. वडोदरा प्लांट हिल्टी के DGNB प्रमाणित भवनों की श्रृंखला में एक अहम सदस्य बन गया है, जो ऑस्ट्रिया और हंगरी में भी मौजूद हैं. यह उपलब्धि हिल्टी की भारत में पर्यावरणीय और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है, जो 2050 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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