होम / बिजनेस / ये हैं भारतीय मूल के टॉप Canadian बिजनेसमैन, 43 हजार करोड़ से ज्यादा है संपत्ति!

ये हैं भारतीय मूल के टॉप Canadian बिजनेसमैन, 43 हजार करोड़ से ज्यादा है संपत्ति!

2021 में की गई गणना की मानें तो कनाडा में लगभग 14 लाख भारतीय लोग रहते है और ये देश की कुल आबादी का 3.7% हिस्सा हैं.

पवन कुमार मिश्रा 2 years ago

भारत और कनाडा (Canada-India Tensions) के बीच इस वक्त रिश्ते काफी खट्टे हो गए हैं और पिछले कुछ दिनों के दौरान कूटनीतिक तौर पर दोनों देशों ने काफी महत्त्वपूर्ण फैसले भी लिए हैं. दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक तनाव का असर अब धीरे-धीरे बिजनेस के क्षेत्र पर भी पड़ता हुआ नजर आ रहा है और पूरी दुनिया की नजर इस वक्त भारत और कनाडा पर ही है. 

Canada में रहने वाले भारतीय
फिलहाल भारत और कनाडा के बीच तनाव (Canada-India Tensions) काफी तेजी से बढ़ रहा है और इस कूटनीतिक तनाव का सबसे ज्यादा असर कनाडा में मौजूद भारतीय जनसंख्या पर भी दिख रहा है. 2021 में की गई एक गणना की मानें तो कनाडा में 1.4 मिलियन यानी लगभग 14 लाख भारतीय लोग रहते है और ये देश की कुल आबादी का 3.7% हिस्सा हैं. इतना ही नहीं, कनाडा में लगभग 7 लाख सिख लोग भी रहते हैं और यह देश की कुल आबादी का लगभग 2% हिस्सा हैं. इसके साथ ही बहुत से भारतीय ऐसे भी हैं जिन्होंने कनाडा में जाकर अपने दम पर एक बिजनेस खड़ा किया है.

टॉप भारतीय-कैनेडियन बिजनेसमैन
ऊपर बताई गई बातों से आपको यह तो स्पष्ट हो गया होगा कि कनाडा में भारतीय जनसंख्या भी मौजूद है. लेकिन बात सिर्फ जनसंख्या की ही नहीं है. आपको बता दें कि भारतीय मूल के टॉप 6 कैनेडियन कारोबारियों की संपत्ति की कीमत लगभग 43,632 करोड़ रुपए है जो देश की अर्थव्यवस्था का लगभग 0.25% हिस्सा है. यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि हम भारतीय मूल के केवल 6 कारोबारियों की ही बात कर रहे हैं.

आइये जानते हैं कौन हैं ये टॉप 6 कैनेडियन कारोबारी?
1.    इस लिस्ट में सबसे पहला नाम बिल मल्होत्रा (Bill Malhotra) का है. बिल का नाम फोर्ब्स द्वारा प्रकाशित की जाने वाली अरबपतियों की सूची में भी शामिल है. फोर्ब्स के अनुसार बिल की नेटवर्थ लगभग 1.9 बिलियन डॉलर्स यानी 15,793 करोड़ रुपए है. कनाडा के रियल एस्टेट सेक्टर में बिल का नाम काफी मशहूर है. 

2.    इस लिस्ट में दूसरा नाम प्रेम बाट्सा (Prem Watsa) है. प्रेम बाट्सा फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के मालिक हैं. यह एक फाइनेंशियल सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है जो कनाडा के जाने-माने टोरंटो शहर में स्थित है. फोर्ब्स की मानें तो प्रेम बाट्सा की नेटवर्थ लगभग 1.3 अरब डॉलर यानी लगभग 10,800 करोड़ रुपए है. 

3.    प्रेम बाट्सा के बाद इस लिस्ट में अगला नाम अपूर्व मेहता (Apoorva Mehta) का है. अपूर्व मेहता इन्स्टाकार्ट (Instacart) नामक कंपनी के मालिक हैं. यह कंपनी राशन डिलीवर करने वाली देश की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में से एक है. अपूर्व मेहता की नेटवर्थ लगभग 1 अरब डॉलर्स यानी 8313 करोड़ रुपए है. 

4.    इसके बाद लिस्ट में अगला नाम स्टीव गुप्ता (Steve Gupta) का है जो कनाडा में रहने वाले 4थे सबसे अमीर भारतीय हैं. स्टीव Eston’s ग्रुप (Eston’s Group) और गुप्ता ग्रुप (Gupta Group) के मालिक हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Eston’s ग्रुप कनाडा की सबसे बड़ी होटल चेन है और देश भर में इस ग्रुप के 18 होटल्स मौजूद हैं. स्टीव गुप्ता की नेटवर्थ लगभग 3324 करोड़ रुपए बताई जाती है. 

5.    इसके बाद लिस्ट में अगला नाम रमेश चोटाई (Ramesh Chotai) का है, जो फार्मा क्षेत्र का काफी जाना माना नाम हैं. रमेश चोटाई Bromed फार्मा (Bromed Pharma) के मालिक हैं और साल 1972 में वह कनाडा गए थे. रमेश चोटाई की नेटवर्थ लगभग 2909 करोड़ रुपए है. 

6.    इसके बाद लिस्ट में अगला नाम सुरजीत बाबरा (Surjit Babra) का है. सुरजीत बाबरा भारतीय मूल के सिख हैं और वह स्काईलिंक ट्रेवल ग्रुप (Skylink Travel Group) के मालिक हैं. सुरजीत बाबरा ने कनाडा जाने से पहले UK यानी ब्रिटेन में भी व्यवसाय में अपना हाथ आजमाया था. फिलहाल सुरजीत की नेटवर्थ लगभग 300 मिलियन डॉलर्स यानी लगभग 2493 करोड़ रूपए बताई जाती है.

गलत साबित हुए एक्सपर्ट्स? 
बिजनेस के नजरिये से दोनों देश एक दूसरे के लिए काफी महत्त्वपूर्ण हैं. जहां एक तरफ भारत द्वारा फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल, ज्वेलरी और कीमती पत्थरों को कनाडा में एक्सपोर्ट किया जाता है, तो वहीँ दूसरी तरफ कनाडा द्वारा भारत को दालों, पेपर और लकड़ी की सप्लाई की जाती है. 2022 में भारत और कनाडा के बीच लगभग 4.25 बिलियन डॉलर्स का व्यापार हुआ था. जब इन कूटनीतिक तनावों की शुरुआत हुई थी तो एक्सपर्ट्स का मानना था कि यह केवल कूटनीतिक स्तर की बातचीत है और इसका असर दोनों के देशों के बीच मौजूद व्यापार पर नहीं पड़ेगा लेकिन अब माहौल बदलता हुआ नजर आ रहा है. 


यह भी पढ़ें: भारी पड़ेगा Bharat से बैर: महिंद्रा की राह चलीं ये कंपनियां, तो क्या करेगा Canada?  

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

मुथूट फिनकॉर्प के IPO की राह आसान, सेबी ने 6 फैमिली ट्रस्टों को ओपन ऑफर नियम से दी छूट

सेबी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राहत केवल ओपन ऑफर नियमों तक सीमित है. अधिग्रहण करने वाले पक्षों को अन्य सभी लागू नियामकीय प्रावधानों का पालन करना होगा.

14 hours ago

अडानी इंफ्रा ने अडानी ग्रीन एनर्जी में 2,380 करोड़ रुपये में खरीदी 1.03% हिस्सेदारी

अडानी ग्रीन एनर्जी भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में बनी हुई है और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग तथा ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के बीच कंपनी लगातार अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है.

14 hours ago

मिडिल ईस्ट संकट का भारत को बड़ा फायदा! 1 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा फ्यूल एक्सपोर्ट

बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और वैश्विक बाजार में सप्लाई गैप का फायदा उठाते हुए भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली.

15 hours ago

महंगाई और वैश्विक चुनौतियों के बीच इमामी का दमदार प्रदर्शन, Q1 में राजस्व 15% बढ़ा

इमामी लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही के गैर-ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है. कंपनी ने बताया कि Q1 FY27 में समेकित परिचालन राजस्व 15 फीसदी बढ़कर 1,039 करोड़ रुपये रहा.

16 hours ago

'100% Pure' का दावा पड़ा भारी! FSSAI ने डाबर के कई प्रोडक्ट्स की बिक्री पर लगाई रोक

FSSAI के आदेश के मुताबिक, जिन उत्पादों पर कार्रवाई की गई है उनमें शहद, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जिन कोकोनट ऑयल, तिल का तेल, गाय का घी, नारियल पानी, नारियल का दूध और अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं.

18 hours ago


बड़ी खबरें

मिडिल ईस्ट संकट का भारत को बड़ा फायदा! 1 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा फ्यूल एक्सपोर्ट

बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और वैश्विक बाजार में सप्लाई गैप का फायदा उठाते हुए भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली.

15 hours ago

मुथूट फिनकॉर्प के IPO की राह आसान, सेबी ने 6 फैमिली ट्रस्टों को ओपन ऑफर नियम से दी छूट

सेबी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राहत केवल ओपन ऑफर नियमों तक सीमित है. अधिग्रहण करने वाले पक्षों को अन्य सभी लागू नियामकीय प्रावधानों का पालन करना होगा.

14 hours ago

अडानी इंफ्रा ने अडानी ग्रीन एनर्जी में 2,380 करोड़ रुपये में खरीदी 1.03% हिस्सेदारी

अडानी ग्रीन एनर्जी भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में बनी हुई है और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग तथा ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के बीच कंपनी लगातार अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है.

14 hours ago

नोएडा-गुरुग्राम बने रियल एस्टेट निवेश के सबसे बड़े हॉटस्पॉट, 7 साल में घरों की कीमतें 125% तक बढ़ीं: रिपोर्ट

ANAROCK रिसर्च एंड एडवाइजरी के विश्लेषण के अनुसार, देश के 11 प्रमुख आवासीय बाजारों में 2019 से Q2 2026 के बीच पूंजीगत मूल्य और रेंटल यील्ड, दोनों में लगभग समान गति से वृद्धि हुई है.

17 hours ago

महंगाई और वैश्विक चुनौतियों के बीच इमामी का दमदार प्रदर्शन, Q1 में राजस्व 15% बढ़ा

इमामी लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही के गैर-ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है. कंपनी ने बताया कि Q1 FY27 में समेकित परिचालन राजस्व 15 फीसदी बढ़कर 1,039 करोड़ रुपये रहा.

16 hours ago