होम / बिजनेस / नहीं हो पाएगा Zee-Sony का मर्जर? जानिये अब कहां फंसा मामला!
नहीं हो पाएगा Zee-Sony का मर्जर? जानिये अब कहां फंसा मामला!
Sony-Zee के मर्जर को पूरा करने के लिए तय की गई 21 दिसंबर 2023 की समय सीमा को पूरा नहीं कर पायेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
Sony (SPNI) और Zee Entertainment (ZEEL) के बीच बहुत समय से जिस मर्जर का इंतजार हो रहा है, अब वह अस्थिर परिस्थिति में नजर आ रहा है. सोनी ने मंगलवार को एक बयान जारी किया है और कारोबार के क्षेत्र में इसे एक असामान्य कदम माना जा रहा है.
SPNI ने कही ये जरूरी बात
जी एंटरटेनमेंट (ZEEL) द्वारा प्रस्तावित मर्जर को पूरा करने के लिए 21 दिसंबर की समय सीमा को बढाए जाने के अनुरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनी (SPNI) ने मंगलवार को मीडिया में एक बयान जारी कर कहा है कि वह अभी तक समय सीमा को आगे बढ़ाए जाने के मुद्दे पर सहमत नहीं हुआ है और कहा है कि वह इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है. सोनी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि “17 दिसंबर को ZEE द्वारा BSE और NSE को दिया गया नोटिस इस बात को दिखाता है कि वह Sony-Zee के मर्जर को पूरा करने के लिए तय की गई 21 दिसंबर 2023 की समय सीमा को पूरा नहीं कर पायेंगे. इस नोटिस ने मर्जर की डील में मौजूद एक प्रावधान को ट्रिगर करता है जो दोनों पक्षों को समय सीमा बढ़ाने की संभावना पर चर्चा करने की अनुमति देता है. SPNI के लिए जरूरी है कि वह समय सीमा को आगे बढ़ाने की बातचीत शुरू करे लेकिन सोनी अभी समय सीमा को आगे बढ़ाये जाने पर सहमत नहीं है. हम जी के प्रस्तावों को सुनने के लिए उत्सुक हैं और साथ ही हम जानना चाहते हैं कि वे मर्जर की बाकी महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करने की योजना कैसे बना रहे हैं?
SPNI को इस चीज से है दिक्कत
जी (ZEEL) ने रविवार को प्रस्तावित मर्जर को पूरा करने की समय सीमा को आगे बढ़ाने के लिए सोनी (SPNI) से संपर्क किया है. आपको बता दें कि इस मर्जर से भारत का सबसे बड़ा मीडिया समूह बन सकता है. इस मर्जर की कीमत 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है और इसे कम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI), शेयर बाजार, NSE और BSE, कंपनी के शेयरधारकों और लेनदारों से भी आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है. इस मर्जर से देश का सबसे बड़ा मीडिया समूह सामने आएगा और इससे 75 चैनल, दो वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाएं (Zee5 और SonyLiv) और दो फिल्म स्टूडियो (Zee Studios और Sony Pictures Films India) एक ही कंपनी में आ जाएंगे. कथित तौर पर सोनी (SPNI) कॉरपोरेट गवर्नेंस मामले में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) द्वारा जी (ZEEL) पर की जा रही जांच से संबंधित चिंताओं का हवाला देते हुए, प्रस्तावित सौदे में एक प्रावधान पर आपत्ति जता रही है. ये वही मामला है जिसमें पुनित गोयनका को मर्जर के बाद सामने आने वाली इकाई के CEO के रूप में चुना गया है.
2021 में शुरू हुआ था मर्जर
रिपोर्ट के मुताबिक जी (ZEEL) जहां 2021 के समझौते का पालन करने पर जोर दे रहा है, वहीं कंपनी का नेतृत्व पुनित गोएंका कर रहे हैं, वहीं सोनी (SPNI) गोएंका के खिलाफ सेबी की जांच के कारण झिझक रही है. 14 अगस्त को SEBI ने गोएंका पर जी (ZEEL) और उसकी शाखाओं में प्रमुख प्रबंधकीय भूमिकाएं निभाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. जी (ZEEL) से फंड की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने और उनके रिटर्न लेनदेन, जी (ZEEL) की बकाया राशि की प्राप्ति को गलत तरीके से चित्रित करने जैसे आरोपों की वजह से पुनीत गोएंका पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. 30 अक्टूबर को सिक्योरिटीज अपील ट्रिब्यूनल (SAT) द्वारा हटा दिया गया था. इस मंजूरी ने गोएंका को अपनी भूमिका फिर से शुरू करने की अनुमति दी थी. जिसके बाद जी (ZEEL) ने सोनी समूह (Sony Group) की भारतीय इकाई के साथ मर्जर की योजना बनाई. यह मामला दिसंबर 2021 में शुरू हुआ था जब जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) ने कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट (Culver Max Entertainment) के साथ एक महत्वपूर्ण मर्जर की घोषणा की थी.
यह भी पढ़ें: Ebix ने मिलाया Zinnia से हाथ, क्या कारोबार पर पड़ेगा असर?
टैग्स