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सुभाष चंद्रा के समर्थन में उतरे हर्ष गोयनका, बोले- ₹22,000 करोड़ के कर्ज का आंकड़ा ‘गलत समझा गया’
RPG Enterprises के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने कहा कि सुभाष चंद्रा की वित्तीय स्थिति को लेकर कई तथ्य गलत तरीके से प्रसारित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले चंद्रा का पक्ष भी सुना जाना चाहिए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
उद्योगपति और RPG Enterprises के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने Essel Group के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की वित्तीय स्थिति और उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को लेकर जारी विवाद में चंद्रा का पक्ष सामने रखने की जरूरत बताई है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में गोयनका ने कहा कि चंद्रा की देनदारियों से जुड़े 22,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को व्यापक रूप से गलत समझा गया है और इस मामले में प्रसारित किए जा रहे कई तथ्यों की गहन जांच की जरूरत है.
‘99% से ज्यादा हेयरकट’ वाली खबरों पर उठाए सवाल
गोयनका ने उन खबरों का हवाला दिया, जिनमें कहा गया था कि सुभाष चंद्रा को बैंकों से 99% से ज्यादा का हेयरकट मिला है. उन्होंने कहा कि इस तरह की सुर्खियों के बीच चंद्रा की ओर से पेश किए जा रहे पक्ष को भी सुनना जरूरी है. गोयनका ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि किसी भी मामले में कहानी के हमेशा दो पहलू होते हैं और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों को सुनना चाहिए.
22,000 करोड़ रुपये के कर्ज को लेकर चंद्रा का दावा
गोयनका की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सुभाष चंद्रा ने अपनी वित्तीय स्थिति और राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) की कार्यवाही को लेकर सामने आई खबरों पर आपत्ति जताई है. चंद्रा का कहना है कि कुछ रिपोर्टों में गलत तरीके से यह बताया गया कि करीब 22,000 करोड़ रुपये का उनका कर्ज NCLT की प्रक्रिया के तहत केवल 6.5 करोड़ रुपये में निपट गया. चंद्रा ने इस प्रस्तुति को गलत बताया है.
रिलायंस और मीडिया संस्थानों पर भी लगाए आरोप
चंद्रा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और रिलायंस से जुड़े कुछ मीडिया संस्थानों पर उनके और Essel Group के खिलाफ कथित तौर पर प्रचार किए जाने का आरोप भी लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि TV18 नेटवर्क के चैनलों, जिनमें CNBC भी शामिल है, ने उनके कर्ज और NCLT कार्यवाही से जुड़ी ऐसी जानकारी प्रसारित की, जिसे वह गलत मानते हैं.
2019 के Zee मामले को फिर उठाया
सुभाष चंद्रा ने Zee से जुड़े 2019 के घटनाक्रम को लेकर भी आरोप दोहराए हैं. उनका दावा है कि अंबानी से जुड़े कुछ संस्थानों की भूमिका Zee के शेयर मूल्य में आई तेज गिरावट में थी. इसके बाद उन्होंने निवेशक Invesco के साथ मिलकर Zee के अधिग्रहण की कथित कोशिश का भी आरोप लगाया.
चंद्रा के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था आगे नहीं बढ़ सकी क्योंकि यह अल्पसंख्यक शेयरधारकों के हित में नहीं थी. उन्होंने Essel Group पर वर्षों से रहे वित्तीय दबाव का भी जिक्र किया और कहा कि वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के प्रयासों के तहत समूह को अपनी कुछ परिसंपत्तियां बेचनी पड़ीं.
22,000 करोड़ रुपये के आंकड़े की व्याख्या पर बहस जारी
हर्ष गोयनका की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सुभाष चंद्रा की वित्तीय स्थिति और 22,000 करोड़ रुपये के आंकड़े की व्याख्या को लेकर बहस जारी है. गोयनका ने अपने बयान के जरिए चंद्रा के पक्ष को भी चर्चा में शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया है. हालांकि, चंद्रा की ओर से लगाए गए आरोपों और विभिन्न दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस पोस्ट से नहीं होती है. मामले से जुड़े वित्तीय आंकड़ों और NCLT की कार्यवाही को समझने के लिए संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड को देखना जरूरी है.
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