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Happiest Workplace Summit 2022: ‘कर्मचारी की खुशी में ही है कंपनी की खुशी’
BW बिजनेस वर्ल्ड के इवेंट में एक्सपर्ट्स ने कहा कि कंपनियों को ऐसा माहौल निर्मित करना चाहिए कि कर्मचारियों को ऑफिस आते समय खुशी हो.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
किसी कंपनी के लिए खुद को सबसे खुशहाल कार्यस्थल के रूप में विकसित करना कितना ज़रूरी है? इस सवाल का जवाब BW बिजनेस वर्ल्ड द्वारा आयोजित ‘Happiest Workplace Summit 2022’ में मिला, जब एक्सपर्ट्स ने अपने विचार उपस्थित लोगों के साथ साझा किए. इस दौरान बिजनेस की दुनिया की कई जानी-पहचानी हस्तियां मौजूद रहीं.
इन्होंने रखे अपने विचार
कार्यक्रम में ‘Adaptability & Inclusion: Positive Workforce Implementation’ विषय पर चर्चा के लिए iSource ITES Pvt Ltd के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर सोमनाथन एस और NLB Services के वाइस प्रेसिडेंट एवं ग्लोबल HR हेड धीरज मोदी उपस्थित रहे. इस दौरान मोदी ने अलग-अलग सवाल किए और सोमनाथन ने उनके जवाब दिए. उन्होंने बताया कि किस तरह कर्मचारियों को खुश रखना हर कंपनी के लिए ज़रूरी है.
इसलिए ज़रूरी है खुश रखना
चीफ मार्केटिंग ऑफिसर सोमनाथन एस ने कहा, ‘बीते कुछ समय में कई बदलाव हुए हैं, लोगों का माइंडसेट बदला है. आज कर्मचारियों का ध्यान रखना पहले से ज्यादा ज़रूरी हो गया है. हालांकि, ये हमेशा से ही महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन मौजूदा परिवेश में इस पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए. जब कर्मचारी खुश होते हैं, तो वह नए-नए आइडिया इम्प्लीमेंट करते हैं. बतौर कंपनी हमारी ये जिम्मेदारी बनती है कि हम ऐसा माहौल निर्मित करें कि कर्मचारियों को ऑफिस आते समय खुशी हो. जब वह खुश होंगे तो समझ पाएंगे कि कंपनी क्या हासिल करना चाहती है’.
ज्यादा देर ऑफिस में न रोकें
इस सवाल के जवाब में कि ऐसा क्या है कि हर संस्थान चाहकर भी सबसे खुशहाल नहीं बन पाता? सोमनाथन ने कहा, ‘हमारा काम है कि जो मैसेज हम दे रहे हैं, वो कर्मचारियों के दिलोदिमाग पर असर करे और ऐसा तभी मुमकिन है जब वो खुश रहेंगे. खुश तभी रह पाएंगे, जब उन्हें खुलकर अपनी बात रखने का मौका मिलेगा. हमें वर्क-लाइफ बैलेंस बनाने में उनकी मदद करनी चाहिए, उन्हें ज्यादा समय तक ऑफिस में नहीं रोकना चाहिए. iSource ITES में हम कर्मचारियों के परिवारों से बात करते हैं, उन्हें महीने में एक बार ऑफिस आमंत्रित करते हैं. सुनिश्चित करते हैं कि सभी खुश रहें’.
कर्मचारियों पर ट्रस्ट ज़रूरी
ट्रस्ट यानी विश्वास की बात करते हुए धीरज मोदी ने कहा कि एक तरफ कंपनियां कहती हैं कि हम अपने कर्मचारियों पर भरोसा करते हैं और दूसरी तरफ कर्मचारी को लैपटॉप अपग्रेडशन तक के लिए 10 परमिशन लेनी पड़ती हैं. फिर ये कैसा ट्रस्ट हुआ? इस पर सोमनाथन ने कहा, ‘हम अपनी कंपनी में कर्मचारियों पर ट्रस्ट करते हैं और उसे दर्शाते भी हैं. हम उन्हें वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड मॉडल पर काम करने देते हैं. हम उन्हें दिए अपने लैपटॉप को ट्रैक नहीं करते, लॉग इन का समय नहीं मांगते. और भी कई बातें हैं, जिससे हम अपने कर्मचारियों को दिखाते हैं कि ट्रस्ट की जो बातें हम करते हैं, वो केवल बातें नहीं हैं’. iSource ITES Pvt Ltd के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर सोमनाथन एस ने यह भी कहा कि आजकल हायरिंग में सोशल मीडिया की भूमिका भी बढ़ गई है.
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