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₹8,500 करोड़ में बिकेगी Haldiram की 10% हिस्सेदारी, जानिए किसके हाथ लगी बाजी?
सिंगापुर की कंपनी Temasek ने हल्दीराम में 10% हिस्सा 8,500 करोड़ रुपये में खरीदा है, जिससे कंपनी की वैल्युएशन लगभग 85,000 करोड़ रुपये हो गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सिंगापुर सरकार की प्राइवेट इक्विटी कंपनी Temasek ने भारत की सबसे बड़ी नमकीन ब्रांड हल्दीराम में 10% हिस्सा खरीदने के लिए करार किया है. Temasek ने 8,500 करोड़ रुपये में हिस्सा खरीदारी के लिए यह करार हल्दीराम की पेरेंट कंपनी Haldiram Snacks Food से किया है. एक मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इस डील की जानकारी दी गई है. इसमें कहा गया है कि इस करार के लिए Haldiram Snacks Food Pvt. Ltd. की वैल्युएशन करीब 10 अरब डॉलर यानी 85,000 करोड़ रुपये आंकी गई है.
कब तक लिस्ट हो सकता है हल्दीराम?
बताते चलें कि करीब एक साल से कई मीडिया रिपोर्ट्स में हल्दीराम में हिस्सा बेचने को लेकर खबरें आती रही हैं. लेकिन, अब हालिया करार वैल्युएशन के हिसाब से भारत में सबसे बड़े PE डील के तौर पर देखा जा रहा है. इतनी बड़ी डील कंपनी के कारोबार और ग्रोथ की संभावनाओं को भी दर्शाता है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनी 24-36 महीने में लिस्ट होने की भी तैयारी में है. लिस्टिंग होने पर ही PE फर्म्स को इस डील से बाहर निकलने में मदद भी मिलेगी.
पिछले साल ही कंपनी में हुआ बड़ा बदलाव
हल्दीराम का कारोबार पहले अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ था. मुख्य रूप से इसे नागपुर और दिल्ली के परिवार ही चला रहे थे. पिछले साल ही नागपुर और दिल्ली के कारोबार को एक साथ लाया गया. पिछले साल ही हल्दीराम के नागपुर और दिल्ली परिवारों ने FMCG कारोबार को अलग करने का फैसला लिया. दिल्ली परिवार की HSPLऔर नागपुर परिवार की कंपनी Haldiram Foods International Pvt Ltd (HFIPL) के FMCG कारोबार को अलग किया गया.
फिर, इन अलग किए गए कारोबार को मिलाकर "Haldiram Snacks Foods Pvt. Ltd (HSFPL)" नाम से एक अलग कंपनी बनाई गई. नई कंपनी HSFPL में, HSPL के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को 56% हिस्सेदारी मिली, जबकि HFIPL के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को 44% हिस्सेदारी मिली. इसका मतलब है कि हल्दीराम के दिल्ली वाले हिस्से का कंपनी में 56% हिस्सा है, और नागपुर वाले हिस्से का 44% हिस्सा है.
क्यों अलग-अलग हिस्सों में बंटा है हल्दीराम का कारोबार?
हल्दीराम एक बहुत पुराना और प्रसिद्ध ब्रांड है. इसकी शुरुआत 1937 में गंगा बिशन अग्रवाल ने की थी. समय के साथ, यह व्यवसाय उनके परिवार के अलग-अलग सदस्यों द्वारा चलाया जाने लगा. यह दो हिस्सों में बंट गया: दिल्ली का हिस्सा और नागपुर का हिस्सा. दिल्ली के कारोबार को मुख्य रूप से मनोहर अग्रवाल और मधुसूदन अग्रवाल संभालते थे. नागपुर के कारोबार को कमलकुमार शिवकिशन अग्रवाल संभालते थे. कमलकुमार शिवकिशन अग्रवाल, हल्दीराम के संस्थापक गंगा बिशन अग्रवाल के पोते हैं.
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