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चुनाव के बीच आई गुड न्यूज, RBI के सोने के भंडार में शानदार इजाफा, डिविडेंड का भी किया ऐलान
बैंकों के शानदार प्रदर्शन के चलते RBI ने केंद्र सरकार को 2.11 लाख करोड़ रुपये (2,10,874 करोड़) का डिविडेंड देने का ऐलान किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गोल्ड रिजर्व में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. RBI की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक-मार्च 2019 और मार्च 2024 के बीच भारत का घरेलू गोल्ड रिजर्व 40 फीसदी बढ़ गया है. इसी अवधि के दौरान कुल गोल्ड रिजर्व में 34 फीसदी की ग्रोथ आई है. मार्च 2024 के अंत तक, भारतीय रिज़र्व बैंक के पास कुल 822 टन सोना था, जिसमें से 408 मीट्रिक टन सोना देश के भीतर रखा गया था. मार्च 2019 के अंत तक कुल सोने का भंडार 612 टन था, जिसमें से 292 टन घरेलू स्तर पर रखा गया था. कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2023 के अंत में 7.37 फीसदी से बढ़कर मार्च 2024 के अंत में 8.15 फीसदी हो गई.
RBI सरकार को देगा 2.1 लाख करोड़ रुपये
सरप्लस फंड से RBI सरकार को 2.1 लाख करोड़ रुपये देने की तैयारी में है. RBI के घरेलू गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी आई है. आरबीआई की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च 2019 और मार्च 2024 के बीच भारत का घरेलू गोल्ड रिजर्व 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसके दौरान टोटल गोल्ड रिजर्व में 34 फीसदी की बढ़त आई है. इसके साथ ही आरबीआई के 608 वीं बैठक में अबतक का सबसे अधिक डिविडेंड पेआउट का निर्णय लिया गया. यह पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है. पिछले वित्त वर्ष में RBI ने 87,416 करोड़ रुपये का डिविडेंड पेआउट सरकार को दिया था.
आने वाली सरकार के लिए गुड न्यूज
आप अंदाजा लगा सकते हैं आने वाली सरकार को इस डिविडेंड से कितनी मदद मिलेगी. इस राशि से सरकार को अपना वित्तीय घाटा कम करने में मदद मिलेगी, साथ ही नई योजनाओं में खर्च करने में भी मदद मिलेगी. यही नहीं, इतनी बड़ी रकम मिलने से भारत सरकार को विनिवेश के लक्ष्य से चूक जाने के बाद रेवेन्यू कलेक्शन में आई कमी की भरपाई करने का मौका मिलेगा. इसके साथ ही सरकार की जनकल्याण योजनाओं के लिए पैसा जुटाना भी इस रकम के मिलने के बाद काफी हद तक आसान हो जाएगा.
आरबीआई कैसे कमाता है?
RBI के कमाई का बड़ा जरिया गोल्ड पर किया गया इन्वेस्टमेंट, सरकारी बॉन्ड और विदेशी मार्केट में फॉरेक्स और बॉन्ड ट्रेडिंग होता है. ऐसे में आरबीआई के पास इस बार अबतक का सबसे अधिक सरप्लस था. ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले साल दोनों बाजारों में, गोल्ड और विदेशी मुद्रा बाजार एक्टिव था. बैंक ने डॉलर को बड़े प्रॉफिट पर बेचा वहीं मुद्रा बाजार में रेकॉर्ड बॉन्ड खरीदा गया, जिस पर अच्छा रिटर्न मिला है.
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