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सरकार ने ई- मार्केटप्लेस ‘GeM’ पर लगने वाला ट्रांजेक्शन शुल्क घटाया, व्यापार करने में होगी आसानी

आम आदमी, छोटे कारोबारी सरकार तक अपने इन सामान और सर्विस को आसानी से पहुंचा सकें, इसलिए सरकार ने ई-मार्केटप्लेस (GeM) जैसा पोर्टल बनाया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

अगर आप कोई बिजनेस करते हैं, किसी वस्तु या सर्विस की सप्लाई करते हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है. दरअसल,  ऑनलाइन पोर्टल GeM पर अब आपके लिए सरकार को अपना सामान या सर्विस बेचना आसान हो जाएगा. तो चलिए जानते हैं क्या है GeM पोर्टल और इससे कारोबारियों को क्या फायदा होगा?

GeM पोर्टल पर मिलती है ये सुविधा

देश में सरकार को कई तरह के सामान और सर्विसेस की जरूरत होती है. आम आदमी, छोटे कारोबारी सरकार तक अपने इन सामान और सर्विस को आसानी से पहुंचा सकें, इसलिए सरकार ने ई-मार्केटप्लेस (GeM) जैसा पोर्टल  बनाया है. अब इस पोर्टल पर बिजनेस करना काफी आसान होने वाला है क्योंकि सरकार ने इससे जुड़े एक बड़े चार्ज को घटा दिया है.

 10 लाख रुपये तक के सभी ऑर्डर पर जीरो ट्रांजेक्शन फीस 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सार्वजनिक खरीद के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘GeM’ ने अब पोर्टल पर विक्रेताओं और सर्विस प्रोवाइडर्स पर लगाए जाने वाले ट्रांजेक्शन शुल्क में बड़ी कटौती की है.  ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और अधिक समावेशी अर्थव्यवस्था बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता के साथ तालमेल बिठाते हुए GeM ने हाल ही में  नई रेवेन्यू पॉलिसी लागू की है. इसके हिसाब से अब 10 लाख रुपये तक के सभी ऑर्डर पर जीरो ट्रांजेक्शन फीस लगेगी. पहले ये लिमिट 5 लाख रुपये की थी.

10 लाख से ज्यादा के ऑर्डर पर लगेगा इतना शुल्क

वहीं, 10 लाख रुपये से 10 करोड़ रुपये तक के ऑर्डर पर कुल ऑर्डर मूल्य का 0.30 प्रतिशत लेनदेन शुल्क लगाया जाएगा, जबकि पहले यह भी 0.45 प्रतिशत था. उन्होंने कहा कि 10 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर पर अब तीन लाख रुपये का एक समान शुल्क देना होगा, जो पहले 72.5 लाख रुपये तक के लेनदेन पर लगने वाले शुल्क से काफी कम है.
नए बदलावों के बाद GeM पोर्टल पर लगभग 97 प्रतिशत लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. जबकि शेष पर 10 लाख रुपये से अधिक के ऑर्डर मूल्य का 0.30 प्रतिशत शुल्क लगेगा. वह भी अधिकतम तीन लाख रुपये तक होगा.

इन्हें होगा फायदा

उन्होंने कहा कि नई लेनदेन शुल्क संरचना का उद्देश्य छोटे एवं मझोले कारोबारियों को फायदा पहुंचाना है. बता दें, GeM एक एकीकृत डिजिटल मंच है जो विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों के विभागों, सार्वजनिक उद्यमों, स्वायत्त निकायों, पंचायतों, राज्य सहकारी समितियों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की खरीद की सुविधा देता है. इसकी शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी.
 

 


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