होम / बिजनेस / ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में सरकार दे रही इतनी सब्सिडी, अडानी समेत 13 कंपनियों को होगा फायदा!
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में सरकार दे रही इतनी सब्सिडी, अडानी समेत 13 कंपनियों को होगा फायदा!
देश में इलेक्ट्रोलाइजर्स के निर्माण के लिए SIGHT योजना की दूसरी किश्त के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए 13 कंपनियों को चुना गया है. सरकार ने इसके लिए करोड़ों रुपयों का आवंटन किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं. इसी कड़ी में अब सरकार इलेक्ट्रोलाइजर्स के निर्माण के लिए स्ट्रैटेजिक इंटरवेंशन फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन (SIGHT) योजना के तहत देश के दिग्गज समूहों को सब्सिडी प्रदान करने जा रही है. इसमें अडानी एंटरप्राइजेज सहित 13 कंपनियों को शामिल किया गया है. इन कंपनियों ने SIGHT योजना के तहत प्रोत्साहन के लिए पात्र क्षमताएं हासिल की हैं. तो आइए ये कंपनियां कौन-कौन सी हैं और सरकार इस सब्सिडी पर कितना खर्च कर रही है?
सरकार करेगी 2200 करोड़ रुपयों का आवंटन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार SIGHT योजना की दूसरी किश्त के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए तेरह कंपनियों को चुना गया है. योजना में दूसरी किश्त के लिए 2200 करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया है. आपको बता दें, जनवरी 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी थी. इसके साथ ही सरकार ने इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन योजनाओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. SIGHT) योजना के तहत सरकार अडानी एंटरप्राइजेज, वारी एनर्जीज, ओहमियम ऑपरेशंस और अवाडा इलेक्ट्रोलाइजर्स सहित 13 कंपनियों को सब्सिडी देगी.
क्या है सरकार का मिशन?
सरकार का यह मिशन स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से भारत के आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य में योगदान देगा. मिशन अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण डीकार्बोनाइजेशन, जीवाश्म ईंधन आयात पर निर्भरता को कम करने और भारत को ग्रीन हाइड्रोजन में टेक्नोलॉजी और मार्केट लीडरशिप संभालने में सक्षम करेगा.
ये है मिशन का लक्ष्य
मिशन का लक्ष्य 2030 तक एमएमटी की वार्षिक हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता को पांच इकाइयों तक विस्तारित करने की उम्मीद है. यह अनुमान लगाया गया है कि हरित हाइड्रोजन की लक्षित मात्रा का उत्पादन और उपयोग करके, सालाना लगभग 50 एमएमटी CO2 उत्सर्जन से बचा जा सकता है. इसके अलावा, सरकार हरित हाइड्रोजन क्षेत्र के विकास में कई देशों के साथ द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा दे रही है.
टैग्स