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सरकार ने लॉन्च की डायमंड इम्प्रेस्ट ऑथराइजेशन स्कीम, जानिए क्या होगा इसका फायदा?
केंद्र सरकार ने हीरे के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए और निर्यात को बढ़ाने के लिए मंगलवार को हीरा इम्प्रेस्ट ऑथराइजेशन स्कीम की घोषणा की है. यह स्कीम इसी साल 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत में हीरे का व्यापार करने वाले व्यापारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है. दरअसल, देश में हीरे (Diamond) के व्यापार को बढ़ावा देने और निर्यात (Export) को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने हीरा इम्प्रेस्ट ऑथराइजेशन (Diamond Imprest Authorisation-DIA) स्कीम लॉन्च की है. यह स्कीम इसी साल 1 अप्रैल, 2025 से लागू कर दी जाएगी. इस स्कीम का उद्देश्य देश में हीरे के मार्केट को बढ़ाना है और इसके साथ-साथ इसको बाहर के देशों में भेजना भी है. कॉमर्स इंडस्ट्री के अनुसार देश में डायमंड सेक्टर के एक्सपोर्ट में कमी आई है और नौकरियां भी घटी हैं. तो आइए जानते हैं इस स्कीम को लागू करने से क्या फायदा होगा?
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
मंत्रालय ने कहा कि यह योजना भारतीय हीरा निर्यातकों, खासकर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र के लिए समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई है. इसका उद्देश्य भारतीय हीरा कारोबारियों द्वारा हीरा खनन स्थलों की ओर संभावित निवेश को रोकना है. इसके अलावा स्कीम के जरिए नए रोजगार पैदा करना सरकार का लक्ष्य है. मंत्रालय की ओर से कहा गया कि इस योजना से हीरा उद्योग में कुशल कारीगरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है और इससे भारत से कटे और पॉलिश किए गए हीरे के निर्यात में भी वृद्धि होने की उम्मीद है.
हीरा उद्योग से जुडी हैं 7 हजार कंपनियां
देश में हीरा से जुड़े काम करने वाली कंपनियों की संख्या 7 हजार से ज्यादा है, जो कि हीरे की कटाई और पॉलिशिंग का काम करती हैं. इनमें से अधिकांश कंपनियां सूरत, गुजरात और मुंबई, महाराष्ट्र में केंद्रित हैं. इसमें भी पारिवारिक व्यवसाय करने वालों की संख्या ज्यादा है. पारिवारिक व्यवसाय का मतलब है कि जो एक दो पीढ़ी से इसी काम में हैं. भारत में हीरा उद्योग से लगभग 1.3 मिलियन श्रमिकों को सीधे नौकरी मिलती है. अकेले सूरत में ही करीब 8,00,000 कर्मचारी काम करते हैं. इसके अलावा इस सेक्टर से इनडायरेक्ट तौर पर परिवहन, खनन से जुड़ा काम लोगों को मिलता है. सरकार ने सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए ही हीरा इम्प्रेस्ट ऑथराइजेशन स्कीम को शुरू करने का फैसला किया है.
रूस-यूक्रेन युद्ध से व्यापार हुआ प्रभावित
रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध से हीरे का व्यापार काफी प्रभावित हुआ क्योंकि रूस एक प्रमुख कच्चा हीरा उत्पादक देश है. इसके अलावा भारत के कच्चे हीरे के आयात में बेल्जियम की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2020 में 37.9 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2024 में 17.6 प्रतिशत हो गई है. दुबई की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2020 में 36.3 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 60.8 प्रतिशत और अप्रैल-जून 2024 में 64.5 प्रतिशत हो गई थी.
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