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डॉलर में उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने में आया उछाल, जानिए भविष्य में कैसा रहेगा हाल?

डॉलर में जारी उतार-चढ़ाव स्पष्ट तौर पर या फिर अस्पष्ट तौर पर सोने एवं चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहा है.

पवन कुमार मिश्रा 2 years ago

इस वक्त ग्लोबल इकॉनमी में अनिश्चितताएं बनी हुई है और इसी बीच कल अमेरिकी डॉलर के इंडेक्स में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है. कल अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.62% छुटपुट की बढ़त देखने को मिली जिसके बाद अमेरिकी डॉलर 103.99 के स्तर पर पहुंच गया था. 

MCX पर गिर रहे सोना-चांदी
दूसरी तरफ MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. आज सोने की कीमतों ने 58,743 रूपए के साथ MCX पर शुरुआत की थी जिसके बाद सोने की कीमतें 58,696 रूपए के अपने निचले स्तर पर पहुंच गई. वहीं MCX पर चांदी के दामों में भी गिरावट देखने को मिली है. चांदी ने आज MCX पर 73,317 रूपए प्रति किलो की कीमत से शुरुआत की थी और बाद में इसकी कीमतें 73,281 रूपए प्रति किलो के अपने निचले स्तर पर पहुंच गए हैं.

डॉलर और सोने का रिश्ता
आज जापान द्वारा इन्फ्लेशन डाटा रिलीज किया गया है और इसकी बदौलत डॉलर इंडेक्स में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है जिसके बाद डॉलर इंडेक्स 104 के स्तर को पार कर चुका है. डॉलर में जारी उतार-चढ़ाव से सोने की कीमतों पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बात करते हुए केडिया कैपिटल के वाईस प्रेसिडेंट अजय केडिया ने कहा कि आमतौर पर सोने की कीमतों और डॉलर के बीच विपरीत संबंध देखने को मिलते हैं जिसका मतलब ये है कि जब भी डॉलर की वैल्यू बढ़ती है तो सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है और वहीं जब डॉलर की वैल्यू में गिरावट आती है तो सोने की कीमतों में बढ़त देखने को मिलती है, लेकिन इस वक्त सेफ हैवन्स की वजह से स्थिति अनिश्चित बनी हुई है. जहां डॉलर इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है वहीं सोने का दाम भी 1880 डॉलर्स के अपने निचले स्तर से उभरकर 1920 डॉलर्स के स्तर पर पहुंच गया है. 

डॉलर के उतार-चढ़ाव का सोने पर प्रभाव
डॉलर में जारी उतार-चढ़ाव की वजह से सोने की कीमतों पर पड़ने वाले प्रभावों के बार में बात करते हुए पृथ्वी फिन्मार्ट प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर एवं हेड ऑफ कमोडिटी एंड करेंसी के डायरेक्टर मनोज जैन कहते हैं कि इस वक्त डॉलर इंडेक्स दो महीनों के अपने अधिकतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है. अमेरिका में बेरोजगारी के दावों में कमी आई है जिसकी वजह से इस वक्त डॉलर इंडेक्स में यह वृद्धि देखने को मिल रही है. डॉलर इंडेक्स इस वक्त लगभग 104 के स्तर के पार है और यह स्पष्ट तौर पर या फिर अस्पष्ट तौर पर सोने एवं चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहा है.

कैसा होगा भविष्य में प्रदर्शन?
आने वाले समय में MCX पर सोने का प्रदर्शन कैसा रहेगा इस बारे में बात करते हुए केडिया कैपिटल के वाईस प्रेसिडेंट अजय केडिया ने कहा कि जहां फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में सकारात्मकता देखने को मिल रही है वहीं आने वाले समय में डॉलर की वैल्यू में कमी देखने को मिल सकती है जिसकी बदौलत इसकी कीमतों में वृद्धि भी देखने को मिल सकती है. वहीं मनोज जैन का कहना है कि पिछले कुछ समय से डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर दिखाई दे रहा था लेकिन हाल-फिलहाल में डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत हो रहा है और इसी वजह से भारत के घरेलु बाजारों में सोने की कीमतों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है और आने वाले समय में भी सोने की कीमतों में यह वृद्धि बने रहने की उम्मीद है.

क्या ये है इन्वेस्टमेंट का सही वक्त?
कंज्यूमर के नजरिये से सिर्फ एक ही सवाल का बहुत महत्त्व है और वह सवाल ये है कि क्या यह सोना खरीदने के लिए सही समय है या फिर नहीं. इस सवाल का जवाब देते हुए मनोज जैन कहते हैं कि इस वक्त भारत में फेस्टिव सीजन और वेडिंग सीजन आने वाला है और सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय मार्केट में पिछले पांच महीनों के अपने सबसे निचले दामों पर हैं और इसलिए सोने के दामों में इन्वेस्ट करना इस वक्त लाभदायक हो सकता है. साथ ही मनोज ने यह भी कहा कि घरेलु मार्केट में सोने के दाम 61,800 तक जा पहुंचे थे लेकिन अभी सोना लगभग 58,700 रूपए की कीमत पर उपलब्ध है, और यह दर्शाता है कि सोने में इन्वेस्ट करने के लिए यह एक उपयुक्त समय है. वहीं दूसरी ओर अजय केडिया का कहना है कि डॉलर की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है जिसकी वजह से आने वाले समय में सोने की कीमतों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है और आने वाले समय में सोना 12%-14% जितना रिटर्न प्रदान कर सकता है. 
 

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