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3D प्रिंटिंग से एयरोस्पेस क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए गोदरेज और EOS ने की साझेदारी, जानिए क्या है पूरी योजना?

यह साझेदारी भारत को एयरोस्पेस और अंतरिक्ष उद्योग में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश की वैश्विक स्थिति और प्रतिस्पर्धात्मकता को भी बल मिलेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (Godrej) का एयरोस्पेस व्यवसाय भारत के आत्मनिर्भरता दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और भी मजबूत कर रहा है. इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए, कंपनी ने औद्योगिक 3D प्रिंटिंग समाधानों में वैश्विक नेता EOS के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस साझेदारी का लक्ष्य भारतीय विमानन और अंतरिक्ष उद्योगों के लिए अत्याधुनिक एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (AM)-आधारित निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है. यह कदम भारत की तकनीकी प्रगति को गति देने और जटिल निर्माण प्रक्रियाओं को बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण है, साथ ही देश को एयरोस्पेस नवाचार में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा.

विमानन और अंतरिक्ष उद्योग को नया रूप मिलेगा

गोडरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप और EOS का यह साझेदारी भारतीय विमानन और अंतरिक्ष उद्योगों को AM-प्रेरित डिजाइन और कार्यात्मक रूप से उन्नत उत्पादों के निर्माण के माध्यम से नया रूप देने का लक्ष्य रखती है. EOS, जो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी उद्योग में सबसे बड़ा AM वैश्विक इंस्टाल-बेस रखता है, इस साझेदारी में तकनीकी विशेषज्ञता और निर्माण क्षमताओं का एक शक्तिशाली संयोजन लेकर आया है. दोनों कंपनियां मिलकर भारतीय और वैश्विक ओईएम (Original Equipment Manufacturers) की सेवा के लिए एक मजबूत AM-आधारित विमानन और अंतरिक्ष आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी क्षमताओं और उत्पादन क्षमता का निर्माण करेंगी.

प्रतिक्रिया

गोडरेज और बॉयस के एयरोस्पेस व्यवसाय के कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रमुख, मानेक बेहरामकामदिन ने इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए कहा, “यह साझेदारी भविष्य की तत्परता की दिशा में एक रणनीतिक कदम है. 3D प्रिंटिंग एयरोस्पेस डिजाइन में एक नया दृष्टिकोण ला रही है, जिससे हम जटिल आकार और डिजाइन को एकल प्रिंटिंग प्रक्रिया से बना सकते हैं. हम 'ग्रीन' उत्पादों की अपनी पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और सामग्री दक्षता तथा सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं के माध्यम से निर्माण मूल्य को बढ़ावा दे रहे हैं.”

EOS इंडिया के निदेशक, विनू विजयन ने कहा, “AM ने अंतरिक्ष उद्योग में अभूतपूर्व बदलाव किया है। हम पहले ही ऐसे उदाहरण देख रहे हैं, जहां पारंपरिक रूप से निर्मित असेंबली, जिसमें 100 से अधिक हिस्से होते थे, AM के माध्यम से केवल 3 या 4 हिस्सों में सरल हो गए हैं. इससे असेंबली को आसान बनाने, आवश्यकता के अनुसार निर्माण करने, और जटिलता तथा लागत में कमी लाने में मदद मिली है. हमने पहले फ्लाइट-सुरक्षा-आवश्यक, क्लास 2 टाइटेनियम हिस्से को विकसित और प्रमाणित किया है, जो यात्री विमान के लिए है – यह एयरोस्पेस के लिए सर्वोच्च स्तर की योग्यताएं हैं.”

भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अभूतपूर्व प्रगति

यह साझेदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अभूतपूर्व प्रगति की है. 1963 में अपने पहले प्रक्षेपण के बाद से, भारत ने कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं, जिनमें पहले प्रयास में मंगल की कक्षा में पहुंचना, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहले नरम लैंडिंग करना, और हाल ही में अपनी 100वीं लॉन्च पूरी करना शामिल है. गोडरेज भारत के अंतरिक्ष लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में हमेशा अग्रणी रहा है, और इसने सभी भारतीय अंतरिक्ष परियोजनाओं को शक्ति देने वाले क्रायो-इंजन असेंबली और उपग्रह थ्रस्टर्स के लिए महत्वपूर्ण असेंबली प्रक्रियाएं कार्यान्वित की हैं.

 


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