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GIFT सिटी खोलेगा 500 बिलियन डॉलर का अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अवसर
GIFT सिटी अब केवल एक वित्तीय ज़ोन नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार, समावेशन और नेतृत्व का मंच बन रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT सिटी) में आयोजित GIFT इंटरनेशनल बैंकिंग फोरम (GIBF) 2025 का दूसरा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस विशेष कार्यक्रम में वरिष्ठ नियामकों, वैश्विक बैंकों के सीईओ और फाइनेंस जगत के विचारकों ने भाग लिया. इस मंच का मुख्य उद्देश्य यह था कि भारत, विशेष रूप से GIFT सिटी, वैश्विक वित्तीय नेतृत्व में किस तरह अग्रणी भूमिका निभा सकता है.
भारत को वैश्विक फाइनेंस का लॉन्चपैड बनाएगा GIFT सिटी
इस साल GIBF 2025 का आयोजन “भारत के वैश्विक वित्तीय नेतृत्व को सशक्त बनाना” की थीम पर हुआ. पूरे दिन चले इस कार्यक्रम में मुख्य भाषणों, प्रस्तुतियों और पैनल चर्चाओं के माध्यम से चर्चा हुई कि GIFT सिटी किस प्रकार होलसेल बैंकिंग, रिटेल वेल्थ और ट्रेजरी जैसे क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा दे रहा है. कार्यक्रम में 50 से अधिक बैंकों और 150 से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया, जिसमें भारत को वैश्विक वित्तीय केंद्र बनाने की दिशा में GIFT सिटी की भूमिका पर विस्तार से विचार किया गया.
$500 अरब डॉलर के वैश्विक वित्तीय अवसर को अनलॉक करने की तैयारी
इस कार्यक्रम के दौरान यह भी सामने आया कि GIFT सिटी के ज़रिए भारत कई वैश्विक वित्तीय प्रवाहों को आकर्षित कर सकता है, जिनमें शामिल हैं:
- 86% वैश्विक GDP के बराबर बैंक क्रेडिट
- $34 ट्रिलियन की क्रॉस-बॉर्डर लेंडिंग संभावना
- $860 बिलियन का रेमिटेंस मार्केट
- बॉन्ड्स, फॉरेक्स, डेरिवेटिव्स व इन्वेस्टमेंट में 15-25% ट्रेजरी ऑपरेशंस की हिस्सेदारी
इस अवसर को भुनाकर GIFT सिटी को एक USD 500 बिलियन मल्टी-एसेट फाइनेंशियल हब के रूप में स्थापित करने की योजना है, जो भारत की भूमिका को सिर्फ एक डिलीवरी हब से बदलकर एक रणनीतिक वैश्विक वित्तीय केंद्र में बदल देगा.
GIFT सिटी का नेतृत्व और भविष्य की दिशा
GIFT सिटी के प्रबंध निदेशक और समूह सीईओ संजय कौल ने कहा "GIFT सिटी भारत की वैश्विक बैंकिंग और वित्तीय शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा के केंद्र में है. यहां पहले से ही 34 IFSC बैंकिंग यूनिट्स (IBUs) संचालन में हैं, जो वैश्विक वित्तीय बाजारों से भारत को जोड़ने वाला एक मजबूत इकोसिस्टम बना रहे हैं."
उन्होंने आगे कहा, "जैसे-जैसे भारत डिलीवरी हब से रणनीतिक वित्तीय केंद्र की ओर बढ़ रहा है, GIFT सिटी इस परिवर्तन का लॉन्चपैड बना रहेगा – नवाचार, पूंजी प्रवाह और वैश्विक वित्तीय नेतृत्व का केंद्र."
EY इंडिया की अहम भागीदारी और दृष्टिकोण
EY इंडिया में फाइनेंशियल सर्विसेज के नेशनल लीडर प्रतीक शाह ने कहा "GIFT सिटी भारत का एक साहसिक मंच है जो वैश्विक पूंजी को भारत के करीब लाता है और भारतीय पूंजी को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाता है. भारत की आर्थिक गति, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रतिभा की गहराई GIFT को वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा हब बनाएगी."
चर्चा के मुख्य बिंदु: GIBF 2025 के विशेष सत्र
1. रणनीतिक सोच और नियामकीय नेतृत्व: ओपनिंग सत्र में यह चर्चा हुई कि कैसे भारत नियामकीय दूरदर्शिता, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक लिंक के माध्यम से एक भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय हब बन सकता है.
2. होलसेल और ट्रांजैक्शन बैंकिंग: GIFT सिटी को ईस्ट और वेस्ट के बीच व्यापारिक सेतु के रूप में प्रस्तुत करते हुए, क्रॉस-बॉर्डर कॉर्पोरेट बैंकिंग और फॉरेन करंसी लेंडिंग की भूमिका पर चर्चा हुई.
3. रिटेल वेल्थ और निवेश समाधान: उभरती भारतीय आकांक्षाओं को वैश्विक निवेश उत्पादों से जोड़ने पर चर्चा हुई, जिसमें KYC नियमों को ध्यान में रखते हुए एफिशिएंसी बढ़ाने की बात की गई.
4. ट्रेजरी ऑपरेशंस इन रियल टाइम: यह चर्चा हुई कि कैसे भारत मल्टी-करंसी पूलिंग, डीप FX मार्केट और स्वचालित ट्रेजरी केंद्रों की अगुआई कर सकता है.
5. सीईओ राउंडटेबल: देश-विदेश के शीर्ष बैंक सीईओ ने GIFT सिटी के स्केलिंग, रेगुलेटरी एलाइनमेंट और नवाचार के रोडमैप पर साझा विज़न प्रस्तुत किया.
प्रतिष्ठित पुरस्कारों की घोषणा
GIBF 2025 के अंत में फोरम ने बैंकिंग क्षेत्र में उत्कृष्टता को भी सम्मानित किया:
1. बैंक ऑफ द ईयर: HSBC
2. इनोवेटिव बैंक ऑफ द ईयर: बैंक ऑफ बड़ौदा
3. डिजिटल बैंक ऑफ द ईयर: स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक
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