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GetVantage ने जुटाए 63 करोड़ रुपये, छोटे कारोबारों के लिए AI आधारित कैपिटल गेटवे का करेगा विस्तार
कंपनी ने बताया कि आने वाले महीनों में वह कई प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ सेलर-फाइनेंसिंग साझेदारियों की घोषणा करेगी, जिससे MSME को और अधिक तेज, आसान और डिजिटल फाइनेंसिंग सुविधाएं मिल सकेंगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
मुंबई की B2B फिनटेक कंपनी GetVantage ने अपने Series A1 फंडिंग राउंड में 63 करोड़ रुपये (इक्विटी और डेट) जुटाने का ऐलान किया है. इस नई पूंजी के साथ कंपनी की कुल कमिटेड फंडिंग क्षमता 700 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी. कंपनी इस राशि का इस्तेमाल अपने AI-आधारित कैपिटल गेटवे प्लेटफॉर्म का विस्तार करने और देशभर के MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) को आसान व तेज वित्तपोषण उपलब्ध कराने में करेगी.
कंपनी ने इस फंडिंग राउंड को "Scale Capital Round" नाम दिया है. यह निवेश GetVantage के रेवेन्यू-बेस्ड फाइनेंसिंग मॉडल से आगे बढ़कर एक व्यापक एम्बेडेड कैश-फ्लो फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
700 करोड़ रुपये से अधिक होगी फंडिंग क्षमता
कंपनी का कहना है कि नई पूंजी से उसके वित्तीय संस्थान साझेदारों के माध्यम से परिचालन ऋण पूंजी (Operational Debt Capital) के रूप में सैकड़ों करोड़ रुपये की अतिरिक्त फंडिंग उपलब्ध होगी. इस पूंजी का उपयोग GetVantage के कैपिटल गेटवे को विस्तार देने में किया जाएगा. कैपिटल गेटवे एक प्लग-एंड-प्ले API इकोसिस्टम है, जिसकी मदद से B2B ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, मार्केटप्लेस और लॉजिस्टिक्स कंपनियां अपने मर्चेंट नेटवर्क में सीधे फाइनेंसिंग विकल्प जोड़ सकती हैं. यह उसी तरह काम करता है, जैसे पेमेंट गेटवे किसी व्यवसाय को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की सुविधा देता है.
इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व बैंकिंग क्षेत्र के 30 वर्षों के अनुभवी और RBL Bank के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव आहूजा ने किया. उनके साथ ऑपरेटर-नेतृत्व वाली निवेश कंपनी SanRaj Group ने भी निवेश किया. इसके अलावा Chiratae Ventures, Varanium Fintech Fund और VCMint जैसे मौजूदा संस्थागत निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा बनाए रखा.
क्या बोले संस्थापक भाविक वासा
GetVantage के संस्थापक भाविक वासा ने कहा कि कंपनी ने भारत में कैश-फ्लो आधारित फाइनेंसिंग की शुरुआत की थी, लेकिन उसका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा था. उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य भारत का कैपिटल गेटवे बनना है. जिस तरह पेमेंट गेटवे छोटे कारोबारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने में मदद करता है, उसी तरह कैपिटल गेटवे उन्हें तुरंत और आसान तरीके से वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराता है. राजीव आहूजा, राजदीप गुप्ता और Chiratae Ventures जैसे अनुभवी निवेशकों का साथ हमारी इस यात्रा को गति देगा."
पारंपरिक बैंकिंग मॉडल से अलग
GetVantage का फाइनेंसिंग मॉडल पारंपरिक बैंकिंग से अलग है. जहां बैंक आमतौर पर संपार्श्विक (Collateral) और पुराने वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर लोन देते हैं, वहीं GetVantage वैकल्पिक डेटा (Alternate Data) और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का उपयोग कर कंपनियों की वास्तविक कैश-फ्लो क्षमता का आकलन करता है. इससे MSME और स्टार्टअप्स के लिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया आसान और तेज हो जाती है.
MSME के 30 लाख करोड़ रुपये के क्रेडिट गैप को भरने पर फोकस
कंपनी फिलहाल कैश-फ्लो आधारित फाइनेंसिंग, टर्म लोन, बिजनेस लोन और मर्चेंट कैश एडवांस जैसी कई सेवाएं उपलब्ध करा रही है. GetVantage का दावा है कि उसका डेटा-आधारित मॉडल भारत के लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के MSME क्रेडिट गैप को कम करने में मदद करेगा और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को गति देगा.
सरकारी नीति के अनुरूप रणनीति
कंपनी ने कहा कि उसका कैपिटल गेटवे हाल के सरकारी प्रयासों और वित्त मंत्री द्वारा दिए गए उस संदेश के अनुरूप है, जिसमें कहा गया था कि "एक जैसे वित्तीय उत्पाद अलग-अलग तरह के व्यवसायों की जरूरतें पूरी नहीं कर सकते." सरकार कैश-फ्लो आधारित अंडरराइटिंग, को-लेंडिंग और डिजिटल फाइनेंसिंग को बढ़ावा दे रही है, ऐसे में GetVantage का प्लेटफॉर्म संस्थागत पूंजी को MSME तक पहुंचाने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा.
आगे क्या है योजना
SanRaj Group के राजदीप गुप्ता ने कहा कि छोटे कारोबारों के लिए लचीली पूंजी तक पहुंच आज भी बड़ी चुनौती है और GetVantage का API-आधारित कैपिटल गेटवे इस समस्या का समाधान करने की क्षमता रखता है. कंपनी ने बताया कि आने वाले महीनों में वह कई प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ सेलर-फाइनेंसिंग साझेदारियों की घोषणा करेगी, जिससे MSME को और अधिक तेज, आसान और डिजिटल फाइनेंसिंग सुविधाएं मिल सकेंगी.
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