होम / बिजनेस / इस दिग्गज ऑटो कंपनी से आई ऐसी खबर, कई परिवारों का टूट गया दिल
इस दिग्गज ऑटो कंपनी से आई ऐसी खबर, कई परिवारों का टूट गया दिल
छंटनी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस साल अब तक सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिग्गज ऑटो कंपनी जनरल मोटर्स (General Motors) बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ग्लोबल लेवल पर अपने सॉफ्टवेयर और सर्विस डिवीजन के 1000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है. GM के इस फैसले से सबसे ज्यादा सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी प्रभावित हुए हैं. पिछले साल के अंत तक जनरल मोटर्स के कुल वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या 76,000 थी, जिसमें से लगभग 1.3% की छंटनी की गई है.
कंपनी ने की छंटनी की पुष्टि
लेऑफ के इस राउंड में अमेरिकी कर्मचारी ज्यादा प्रभावित हुए हैं. जनरल मोटर्स ने छंटनी की पुष्टि करते हुए कहा है कि हम उन लोगों के आभारी हैं, जिन्होंने कंपनी को एक मजबूत आधार स्थापित करने में मदद की. हम सॉफ्टवेयर और सेवा संगठन की कुछ टीमों में कटौती कर रहे हैं. कंपनी की सॉफ्टवेयर और सर्विस डिवीजन का नेतृत्व बारिस सेटिनोक और डेव रिचर्डसन हाथों में है. यह डिवीजन व्हीकल इन्फोटेनमेंट, ऑनस्टार सर्विसेज और GM के सुपर क्रूज एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्ट सिस्टम जैसे सेक्टर्स को कवर करती है.
चुनौतियों में घिरी कंपनी
जनरल मोटर्स को इस समय तमाम तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी को अपनी नई शेवरले ब्लेजर ईवी में सॉफ्टवेयर संबंधी दिक्कतों के चलते आलोचना का सामना भी करना पड़ा. इस कार में इन्फोटेनमेंट स्क्रीन के ब्लैंक होने और चार्जिंग परेशानी जैसी शिकायतें मिली थीं. पिछले साल दिसंबर में इन समस्याओं के चलते उसे शेवरले ब्लेजर ईवी की बिक्री भी रोकनी पड़ी थी, जिसे इस साल मार्च में दुरुस्त किया गया.
कभी भारत में था जलवा
GM ने टेस्ला के फुल सेल्फ ड्राइव सिस्टम को टक्कर देने के लिए अपनी कारों में "अल्ट्रा क्रुज" प्रोग्राम इनस्टॉल करने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इस प्लान को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. यह भी छंटनी की एक वजह बताई जा रही है. बता दें कि यह अमेरिकी कंपनी किसी जमाने में भारत में भी मौजूद थी. कंपनी ने 1928 में भारत में एक फैक्ट्री खोली थी, लेकिन 1958 में यह वापस चली गई. 1995 में यह फिर भारत आई मगर 22 साल के बाद भारत से कारोबार समेट लिया. दरअसल, कंपनी को लगातार घाटा हो रहा था, जिसकी वजह से उसने भारत से कारोबार समेट लिया. पिछले साल ही हुंडई मोटर इंडिया (HMIL) ने महाराष्ट्र के तलेगांव स्थित जनरल मोटर्स इंडिया के प्लांट के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की थी.
टैग्स