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पूर्व टीवी संपादक ने शुरू की उत्तर प्रदेश की पहली NABL-मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक लैब

इस उपलब्धि के साथ Laxhar Evidence Labs उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी फॉरेंसिक लैब बन गई है, जिसे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में NABL की मान्यता मिली है. ह

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago

पूर्व टीवी संपादक और फॉरेंसिक पत्रकार इंद्रजीत राय ने उत्तर प्रदेश में राज्य की पहली मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक प्रयोगशाला' स्थापित कर एक नया कीर्तिमान बनाया है. उनकी कंपनी Laxhar Evidence Labs Private Limited को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) से फॉरेंसिक परीक्षण के लिए आधिकारिक मान्यता प्राप्त हुई है.

इस उपलब्धि के साथ Laxhar Evidence Labs उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी फॉरेंसिक लैब बन गई है, जिसे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में NABL की मान्यता मिली है. साथ ही यह भारत की पहली निजी मल्टी-डिसिप्लिनरी फॉरेंसिक प्रयोगशाला भी बन गई है, जिसे एक साथ डिजिटल फॉरेंसिक, फिजिकल फॉरेंसिक और क्राइम सीन मैनेजमेंट तीनों क्षेत्रों में NABL मान्यता हासिल हुई है.

पत्रकारिता से फॉरेंसिक साइंस तक का सफर

इंद्रजीत राय ने दो दशकों से अधिक समय तक टीवी पत्रकारिता में अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता की. वे ABP News में एग्जीक्यूटिव एडिटर, Zee News में डिप्टी एडिटर और Network18 में क्राइम एडिटर जैसे वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुके हैं.

उन्होंने भारत में फॉरेंसिक पत्रकारिता को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसी योगदान के लिए उन्हें World Book of Records से भी सम्मानित किया गया. वर्षों तक फॉरेंसिक विज्ञान का अध्ययन और रिपोर्टिंग करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम के साथ Laxhar Evidence Labs की स्थापना की.

इंद्रजीत राय ने कहा कि पत्रकार के रूप में उन्होंने वर्षों तक सवाल पूछे और तथ्यों की तलाश की. अब फॉरेंसिक विज्ञान उन्हें वैज्ञानिक साक्ष्यों के माध्यम से उन सवालों के जवाब देने का अवसर देता है. उनका उद्देश्य जांच एजेंसियों के साथ-साथ हर उस नागरिक तक विश्वसनीय फॉरेंसिक सेवाएं पहुंचाना है, जो सच्चाई जानना चाहता है.

कड़ी जांच के बाद मिली NABL मान्यता

NABL की मान्यता प्रयोगशाला की वैज्ञानिक क्षमता, परीक्षण पद्धतियों, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, तकनीकी प्रक्रियाओं, उपकरणों, विशेषज्ञ कर्मियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन की विस्तृत जांच के बाद प्रदान की गई है. इसके लिए NABL की विशेषज्ञ टीम ने प्रयोगशाला का व्यापक ऑन-साइट ऑडिट भी किया.

किन सेवाओं की मिलेगी सुविधा

नोएडा के सेक्टर-73 स्थित एन्थूरियम टॉवर में स्थापित यह प्रयोगशाला निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करती है.

1. डिजिटल फॉरेंसिक
2. मोबाइल और क्लाउड फॉरेंसिक
3. ऑडियो एवं वीडियो फॉरेंसिक
4. फिंगरप्रिंट परीक्षण
5. हस्तलेखन और हस्ताक्षर परीक्षण
6. फॉरेंसिक दस्तावेज जांच
7. क्राइम सीन जांच एवं प्रबंधन
8. टेक्निकल सर्विलांस काउंटर-मेजर्स (TSCM)
9. फॉरेंसिक सलाह और विशेषज्ञ राय

निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

भारत में अब तक अधिकांश फॉरेंसिक जांच सरकारी प्रयोगशालाओं तक सीमित रही है. Laxhar Evidence Labs का उद्देश्य इस कमी को दूर करते हुए आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, कॉर्पोरेट कंपनियों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, स्टार्टअप्स और जांच एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित फॉरेंसिक सेवाएं उपलब्ध कराना है.

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लैब

Laxhar Evidence Labs को ISO/IEC 17025:2017 मानक के तहत मान्यता प्राप्त है. प्रयोगशाला को 20 मान्यता प्राप्त परीक्षण क्षेत्रों में लैबोरेटरी टेस्टिंग और ऑन-साइट टेस्टिंग दोनों की अनुमति मिली है. इसके अलावा कंपनी कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, MSME, DPIIT, उत्तर प्रदेश आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और Government e-Marketplace (GeM) में भी पंजीकृत है. साथ ही इसे ISO 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रमाणन भी प्राप्त है.

इंद्रजीत राय का कहना है कि Laxhar Evidence Labs का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाना और वैज्ञानिक उत्कृष्टता तथा अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के माध्यम से भारत की न्याय प्रणाली को और अधिक मजबूत करना है.


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