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लौट रहे अच्छे दिन: Adani Ports सहित इस IT कंपनी पर मेहरबान हुए विदेशी निवेशक!
शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी है. कुछ वक्त पहले वह बाजार से पैसा निकाल रहे थे, लेकिन अब पैसा इन्वेस्ट कर रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
शेयर बाजार में भले ही आंधी-तूफान जैसी तेजी देखने को न मिल रही हो, लेकिन मार्केट ऊपर की तरफ चढ़ रहा है. इसमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) का अहम योगदान है. भारतीय स्टॉक मार्केट का इतिहास रहा है कि जब भी विदेशी निवेशक बाजार से पैसा निकालते हैं, वो ताश के पत्तों की तरह लुढ़क जाता है और जब विदेशी निवेशक खरीदारी करते हैं, मार्केट के पंख लग जाते हैं. आजकल विदेशी निवेशक बाजार में पैसा लगा रहे हैं. कुछ कंपनियों में उनकी खास दिलचस्पी बनी हुई है. इसमें एक IT कंपनी के अलावा, अडानी ग्रुप की भी एक कंपनी शामिल है.
KPIT में FPI होल्डिंग बढ़ी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईटी कंपनी केपीआईटी टेक्नोलॉजी (KPIT Technologies) में FPI होल्डिंग सितंबर 2019 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर है. कंपनी ने BSE को दी जानकारी में बताया है कि विदेशी निवेशकों की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 23.42 प्रतिशत हो गई है. दिसंबर तिमाही के दौरान KPIT में FPI होल्डिंग्स 20.26% थी. जबकि उससे पहले सितंबर तिमाही में यह आंकड़ा 16.88% और जून तिमाही में 15.99% था. इसका मतलब है कि महज एक साल में ही FPI हिस्सेदारी 7 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है.
कंपनी पर कायम भरोसा
यहां गैर करने वाली बात ये है कि कंपनी के शेयरों में पिछले 5 दिनों के दौरान 15 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है. इसके अलावा, हाल ही में जेपी मॉर्गन ने KPIT Technologies के प्रोजेक्शन को भी 44 प्रतिशत तक घटा दिया है. इसके बावजूद विदेशी निवेशकों का भरोसा कंपनी पर पहले की तुलना बढ़ा है. वहीं, अडानी समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड में भी विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) में उछाल आया है. गौरतलब है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी समूह को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. हालांकि, अब समूह की अधिकांश कंपनियां रिकवरी मोड में हैं.
अडानी पोर्ट्स में बढ़ी हिस्सेदारी
एक रिपोर्ट के अनुसार, अडानी पोर्ट्स के शेयरहोल्डिंग पैटर्न से पता चलता है कि जीक्यूपी पार्टनर्स के निवेश की बदौलत मार्च तिमाही में FPI की हिस्सेदारी 17.99 प्रतिशत थी. इससे पहले दिसंबर 2022 की तिमाही में यह आंकड़ा 13.76%, सितंबर तिमाही में 14.33% और जून तिमाही में 14.24% था. यानी पिछली कई तिमाही के मुकाबले जनवरी-मार्च 2023 की अवधि में FPI की हिस्सेदारी ज्यादा रही है. बता दें कि राजीव जैन की अमेरिका स्थित वैश्विक इक्विटी निवेश फर्म GQP पार्टनर्स ने मार्च तिमाही में अडानी पोर्ट्स के करीब 88,600,000 शेयर 5282 करोड़ रुपए में खरीदे थे, जो अडानी पोर्ट्स की हिस्सेदारी का 4.1 प्रतिशत हिस्सा है.
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