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अनिल अग्रवाल का दिल तोड़ने वाली इस कंपनी को कहीं मिल न जाए Bharat पर प्यार लुटाने की सजा
ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन वेदांता के साथ सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की योजना से बाहर हो गई थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
देश में पहला सेमीकंडक्टर प्लांट लगाना वेदांता (Vedanta) के मालिक अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) का सपना है. इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) से हाथ मिलाया था. शुरुआत में सबकुछ ठीक नजर आ रहा था, लेकिन फिर अचानक फॉक्सकॉन जॉइंट वेंचर से बाहर हो गई. फॉक्सकॉन के इस फैसले से अनिल अग्रवाल को बड़ा झटका लगा, क्योंकि सेमीकंडक्टर प्लांट उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है. ताइवान की इस कंपनी ने भले ही वेदांता से रिश्ता तोड़ा, लेकिन भारत के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करने में लगातार लगी हुई है.
अतिरिक्त निवेश का ऐलान
फॉक्सकॉन (Foxconn) कॉन्ट्रैक्ट पर मैन्युफैक्चरिंग करने वाली ताइवान की कंपनी है. कंपनी Apple के लिए आईफोन भी तैयार करती है. फॉक्सकॉन भारत के कर्नाटक में 1.67 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त निवेश करने जा रही है. माना जा रहा है कि फॉक्सकॉन अगले साल अप्रैल तक कर्नाटक में iPhones का निर्माण शुरू कर सकती है. बता दें कि फॉक्सकॉन भारत पर लगातार प्यार लुटा रही है. उसने पिछले एक साल में दक्षिण भारत में विनिर्माण सुविधाओं में भारी निवेश किया है. कर्नाटक में ही कंपनी ने अगस्त में आईफोन के लिए केसिंग कंपोनेंट और चिप से जुड़े इक्विटमेंट्स बनाने की दो परियोजनाओं में करीब 600 मिलियन डॉलर के निवेश का ऐलान किया था.
चीन में है बड़ी हिस्सेदारी
फॉक्सकॉन करीब 70 फीसदी iPhones का निर्माण करती है. इसका एक बड़ा हिस्सा अब तक वो चीन में तैयार करती आई है, लेकिन पिछले कुछ वक्त से कंपनी चीन के बाहर भी संभावनाएं तलाश रही है और भारत उसकी पहली पसंद है. कॉन्ट्रैक्ट पर इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी फॉक्सकॉन को लेकर हाल ही में खबर आई थी कि वो भारत में प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए 70 करोड़ डॉलर का निवेश करने की तैयारी में है. यह भारत में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा. फॉक्सकॉन (Foxconn) के चेयरमैन यंग लियू बीते 8 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से दो बार मुलाकात कर चुके हैं. माना जा रहा है कि इन बैठकों में फॉक्सकॉन की भारत में विस्तार योजना पर ही बातचीत हुई है और आने वाले समय में फॉक्सकॉन भारत को लेकर कुछ और घोषणाएं कर सकती है.
चढ़ न जाए China का पारा
फॉक्सकॉन जिस तरह से भारत पर प्यार लुटा रही है, वो चीन को हरगिज पसंद नहीं आ रहा होगा. ऐसे में इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि चीन की शी जिनपिंग सरकार उसके लिए परेशानी खड़ी कर दे. जानकार मानते हैं कि चीन फॉक्सकॉन को कानूनी दांवपेंच में उलझा सकता है. हाल ही में चीनी सरकार ने फॉक्सकॉन के खिलाफ जांच शुरू करने के आदेश दिए थे. स्थानीय टैक्स विभाग ने फॉक्सकॉन की सहयोगी कंपनियों का ऑडिट किया था. जबकि नेचुरल रिसोर्सेज मिनिस्ट्री ने हेनान और हुबेई प्रांतों में कंपनी के लैंड यूज की जांच के भी आदेश दिए थे. ऐसे में कंपनी के भारत में अतिरिक्त निवेश से भी चीन का पारा चढ़ सकता है और वो सजा के तौर पर फॉक्सकॉन के खिलाफ कोई और जांच खोल सकता है. वैसे, चीन इस समय Apple से भी नाराज चल रहा है, क्योंकि उसकी नजरें भी भारत पर टिक गई हैं. शायद यही वजह रही कि कुछ वक्त पहले कम्युनिस्ट सरकार ने अपने अधिकारियों को iPhone इस्तेमाल न करने का अघोषित फरमान सुनाया था.
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