✕

होम / बिजनेस / चार भारतीय कंपनियों को चीन से मिला दुर्लभ मैग्नेट आयात का लाइसेंस, ऑटोमोबाइल सेक्टर को राहत

चार भारतीय कंपनियों को चीन से मिला दुर्लभ मैग्नेट आयात का लाइसेंस, ऑटोमोबाइल सेक्टर को राहत

भारत को रेयर अर्थ मैग्नेट आयात की अनुमति मिलना घरेलू उद्योगों, विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहन और हाई-टेक निर्माण क्षेत्र के लिए बड़ी राहत है. यह कदम न केवल आपूर्ति श्रृंखला स्थिर करेगा बल्कि भारत की विनिर्माण क्षमता को भी मजबूत करेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

भारत की चार प्रमुख कंपनियों को चीन से दुर्लभ खनिज मैग्नेट (Rare Earth Magnets) आयात करने का लाइसेंस मिल गया है. विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है. यह कदम ऐसे समय पर आया है जब चीन ने इन खनिजों के निर्यात पर नियंत्रण कड़ा कर दिया था, जिससे ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में चिंता बढ़ गई थी.

कॉन्टिनेंटल इंडिया, डीई डायमंड, हिताची और जे उशिन को मिला लाइसेंस

सूत्रों के अनुसार, कॉन्टिनेंटल इंडिया, डीई डायमंड, हिताची और जे उशिन जैसी चार कंपनियों ने चीन से रेयर अर्थ मैग्नेट आयात के लिए लाइसेंस प्राप्त किए हैं. इन कंपनियों ने आवश्यक अंतिम उपयोगकर्ता प्रमाणपत्र (End-User Certificate) जमा कर दिए हैं, जो चीन की निर्यात नियंत्रण नीति के तहत जरूरी है. इस प्रमाणपत्र के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि आयातित सामग्री का उपयोग रक्षा उद्देश्यों या अमेरिका को निर्यात के लिए नहीं होगा.

अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह परियोजना पर दी 6 महीने की छूट

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि अमेरिका ने भारत को चाबहार बंदरगाह परियोजना पर लगाए गए प्रतिबंधों से छह महीने की छूट दी है. यह छूट 29 अक्टूबर से प्रभावी हो गई है. भारत इस परियोजना के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जो ईरान और मध्य एशिया से कनेक्टिविटी बढ़ाने में अहम मानी जाती है.

भारत कर रहा है वैश्विक समझौतों के असर का आकलन

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम पुष्टि करते हैं कि कुछ भारतीय कंपनियों को चीन से दुर्लभ मैग्नेट आयात के लिए लाइसेंस मिले हैं.” उन्होंने आगे कहा कि भारत इस बात का मूल्यांकन कर रहा है कि अमेरिका और चीन के बीच रेयर अर्थ मैग्नेट को लेकर बनी सहमति का भारत पर क्या असर पड़ेगा.

चीन ने निर्यात नियंत्रण एक वर्ष के लिए टाला

दक्षिण कोरिया के बुसान में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद, पेइचिंग ने रेयर अर्थ मिनरल्स पर अपने नवीनतम निर्यात नियंत्रण को एक वर्ष के लिए टालने पर सहमति दी है. यह नियंत्रण 8 नवंबर से लागू होना था.

वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मिलेगी राहत

भारत की जिन कंपनियों को लाइसेंस मिला है, वे देश के वाहन विनिर्माताओं के प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं. चीन द्वारा निर्यात नियंत्रण लगाने से ऑटोमोबाइल क्षेत्र पर असर पड़ा था क्योंकि रेयर अर्थ मैग्नेट का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, विंड टर्बाइन, स्मार्टफोन, विमान और हथियारों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है.

भारत-चीन वार्ता के बाद बनी सहमति

अगस्त में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के दौरान भारत ने रेयर अर्थ मैग्नेट पर लगे प्रतिबंधों का मुद्दा उठाया था. इसके बाद चीन ने भारतीय कंपनियों से अंतिम उपयोग प्रमाणपत्र मांगे थे और निर्यात बहाल करने का वादा किया था.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत के रनिंग बाजार में विस्तार की तैयारी, डेकाथलॉन का 2030 तक ₹1,000 करोड़ कारोबार का लक्ष्य

50 लाख सक्रिय रनर्स तक पहुंचने की रणनीति, इस साल KIPRUN के 35 नए प्रोडक्ट होंगे लॉन्च

5 hours ago

मिठाई के डिब्बे से पर्सनलाइज्ड तोहफों तक, बदल रही फेस्टिव गिफ्टिंग की तस्वीर

प्रीमियम चॉकलेट, स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद, स्मार्ट उपकरण और अनुभव आधारित उपहारों की बढ़ती मांग; छोटे शहरों तक पहुंचा महंगे और व्यक्तिगत उपहारों का चलन

8 hours ago

MCX को-लोकेशन: SEBI बना युधिष्ठिर

नियामक का कहना है कि उसने MCX को अपने ट्रेडिंग इंजन को एक अमेरिकी स्वामित्व वाले डेटा सेंटर में ले जाने की "कोई अनुमति नहीं" दी. उसका यह भी कहना है कि उसे इसकी जानकारी दी गई थी. इन दोनों बयानों के बीच वह सब कुछ है जो भारत NSE से सीखने में विफल रहा.

8 hours ago

जब बोर्डरूम बन जाए ब्रांडरूम: टाटा ब्रांड की रक्षा कौन करेगा?

इतने मजबूत तरीके से भरोसे से जुड़े समूह के लिए बड़ा सवाल यह है कि क्या लंबे समय तक बनी रहने वाली अनिश्चितता अंततः व्यापक टाटा समूह को लेकर धारणाओं को प्रभावित कर सकती है, लिखते हैं डॉ. अनुराग बत्रा

11 hours ago

REIT-InvIT में बढ़ेगा निवेश, 5 साल में दोगुना हो सकता है AUM, ₹20 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान

ICRA के मुताबिक, वित्त वर्ष 2030-31 तक InvIT और REIT का संयुक्त AUM करीब ₹20 लाख करोड़ हो सकता है. सड़क, रिन्यूएबल एनर्जी, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर इस वृद्धि को रफ्तार दे सकते हैं.

13 hours ago


बड़ी खबरें

जब बोर्डरूम बन जाए ब्रांडरूम: टाटा ब्रांड की रक्षा कौन करेगा?

इतने मजबूत तरीके से भरोसे से जुड़े समूह के लिए बड़ा सवाल यह है कि क्या लंबे समय तक बनी रहने वाली अनिश्चितता अंततः व्यापक टाटा समूह को लेकर धारणाओं को प्रभावित कर सकती है, लिखते हैं डॉ. अनुराग बत्रा

11 hours ago

MCX को-लोकेशन: SEBI बना युधिष्ठिर

नियामक का कहना है कि उसने MCX को अपने ट्रेडिंग इंजन को एक अमेरिकी स्वामित्व वाले डेटा सेंटर में ले जाने की "कोई अनुमति नहीं" दी. उसका यह भी कहना है कि उसे इसकी जानकारी दी गई थी. इन दोनों बयानों के बीच वह सब कुछ है जो भारत NSE से सीखने में विफल रहा.

8 hours ago

REIT-InvIT में बढ़ेगा निवेश, 5 साल में दोगुना हो सकता है AUM, ₹20 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान

ICRA के मुताबिक, वित्त वर्ष 2030-31 तक InvIT और REIT का संयुक्त AUM करीब ₹20 लाख करोड़ हो सकता है. सड़क, रिन्यूएबल एनर्जी, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर इस वृद्धि को रफ्तार दे सकते हैं.

13 hours ago

भारत के रनिंग बाजार में विस्तार की तैयारी, डेकाथलॉन का 2030 तक ₹1,000 करोड़ कारोबार का लक्ष्य

50 लाख सक्रिय रनर्स तक पहुंचने की रणनीति, इस साल KIPRUN के 35 नए प्रोडक्ट होंगे लॉन्च

5 hours ago

मिठाई के डिब्बे से पर्सनलाइज्ड तोहफों तक, बदल रही फेस्टिव गिफ्टिंग की तस्वीर

प्रीमियम चॉकलेट, स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद, स्मार्ट उपकरण और अनुभव आधारित उपहारों की बढ़ती मांग; छोटे शहरों तक पहुंचा महंगे और व्यक्तिगत उपहारों का चलन

8 hours ago