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6 महीने के लिए फिर आगे बढ़ायी गई विदेश व्यापार नीति

सभी उद्योग संगठनों से इस मामले में बातचीत की थी, जिसमें सभी की ये राय थी कि मौजूदा अंतराष्ट्रीय हालातों के बीच नई विदेश व्यापार नीति लाने का निर्णय सही नहीं होगा, जिसके चलते ये निर्णय लिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

वाणिज्य  मंत्रालय ने देश की मौजूदा विदेश व्यापार नीति को मार्च 2023 तक के लिए आगे बढ़ा दिया है. सरकार ने ये कदम इंडस्ट्री एसोसिएशन और एक्सपोर्ट प्रमोशन की मांग के बाद उठाया है. उनका मानना है कि मौजूदा हालात में नई पॉलिसी को लाना ठीक नहीं होगा, जिसके बाद सरकार ने ये निर्णय लिया है. सरकार की योजना 30 सितंबर को नई ट्रेड पॉलिसी लाने की थी. लेकिन अब उसे अगले 6 महीने के लिए टाल दिया गया है.

आखिर क्यों लिया गया निर्णय
वाणिज्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अमित यादव ने बताया कि मंत्रालय ने सभी उद्योग संगठनों से इस मामले में बातचीत की थी, जिसमें सभी की ये राय थी कि मौजूदा अंतराष्ट्रीय हालातों के बीच नई विदेश व्यापार नीति लाने का निर्णय सही नहीं होगा, जिसके चलते सरकार ने ये निर्णय लिया है. अगर अंतराष्ट्रीय परिस्थितियों की बात करें तो रूस-यूक्रेन युद्ध के अतिरिक्तं पूरी दुनिया में इस वक्त महंगाई को लेकर बड़ी परेशानी है. जिसे लेकर भी ये निर्णय किया गया है. यही नहीं दुनिया के अलग-अलग देशों में इस वक्त मुद्रा को लेकर भी काफी गिरावट देखने को मिल रही हैं. इसे लेकर डीजीएफटी एक नोटिफिकेशन भी जारी करेगा. जिसमें इसे लेकर विस्तार से जानकारी दी जाएगी.

30 सितंबर को लाई जानी थी नई ट्रेड पॉलिसी
सरकार आगामी 30 सितंबर को नई ट्रेड पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही थी. इस पॉलिसी के जरिए सरकार कई तरह के नए प्रावधान व्यापार क्षेत्र में करने जा रही थी, जिसमें एक्सपोर्ट प्रमोशन पर सरकार का विशेष जोर था. यही नहीं कई तरह के नए बदलाव भी किए जाने थे. लेकिन सरकार की ओर से मौजूदा अंतराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए इस तरह का निर्णय लिया गया है. सरकार का लक्ष्य देश का एक्सपोर्ट, मौजूदा स्तर से कहीं आगे ले जाने का है, जिसमें ये नई पॉलिसी काफी कारगर साबित होने वाली थी.

देश का व्यापार घाटा बढ़कर 124.52 अरब डॉलर पहुंचा
भारत का निर्यात चालू वित्त  वर्ष के पहले पांच महीनों में 17.68 प्रतिशत बढकर 193.51 अरब डॉलर रहा है. लेकिन इस दौरान आयात कहीं ज्यादा 45.74 फीसदी बढकर 318 अरब डॉलर हो गया है. इस तरह अप्रैल-अगस्त की अवधि में देश का व्यापार घाटा बढ़कर 124.52 अरब डॉलर हो गया है.  

 


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