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विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट, सोने का भंडार 95 अरब डॉलर के पार
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे सप्ताह घटने से यह संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक दबाव, रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेश में अस्थिरता का असर देश की वित्तीय स्थिरता पर पड़ रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे सप्ताह घटा है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 26 सितंबर 2025 को समाप्त सप्ताह में देश के कुल फॉरेक्स रिजर्व में 2.33 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई है. हालांकि इस दौरान सोने के भंडार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई, जिससे कुल गिरावट का असर कुछ कम हुआ. वहीं देश के सोने के भंडार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
700 अरब डॉलर के नीचे पहुंचा भंडार
रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार यानी 03 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 700.23 अरब डॉलर रह गया है. इससे पिछले सप्ताह इसमें 396 मिलियन डॉलर की गिरावट हुई थी. गौरतलब है कि सितंबर 2024 में यह भंडार 704.88 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था.
फॉरेन करेंसी एसेट में आई सबसे ज्यादा गिरावट
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान फॉरेन करेंसी एसेट (FCA) में भारी गिरावट दर्ज की गई. आंकड़ों के मुताबिक इसमें 4.39 अरब डॉलर की कमी आई है, जिससे FCA घटकर 581.75 अरब डॉलर पर आ गया. विदेशी मुद्रा भंडार में FCA का सबसे बड़ा हिस्सा होता है. इन आंकड़ों में यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव का असर भी शामिल होता है.
सोने के भंडार में मजबूत बढ़ोतरी
जहां विदेशी मुद्रा आस्तियों में गिरावट देखी गई, वहीं सोने के भंडार में तेजी जारी रही. 19 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का गोल्ड रिजर्व 2.23 अरब डॉलर बढ़कर 95.01 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इससे पहले के सप्ताह में भी इसमें 360 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी.
SDR और IMF रिजर्व में भी गिरावट
रिजर्व बैंक के अनुसार, भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में भी हल्की गिरावट देखी गई. समीक्षाधीन सप्ताह में SDR का स्तर घटकर 18.78 अरब डॉलर रह गया. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे देश के रिजर्व मुद्रा भंडार में भी 80 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई है, जो अब 4.67 अरब डॉलर रह गया है.
रुपये और बाजार की गिरावट का असर
बीते सप्ताह शेयर बाजार में लगातार गिरावट और रुपये की कमजोरी का असर विदेशी मुद्रा भंडार पर भी देखने को मिला. भारतीय शेयर बाजार में आठ सत्रों तक गिरावट रही और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ. विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स मजबूत होता है तो आने वाले हफ्तों में भी फॉरेक्स रिजर्व पर दबाव बना रह सकता है.
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