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फोर्ड फिर से भारत में करेगी बड़ा निवेश, चेन्नई में बनेगा अगली पीढ़ी का इंजन केंद्र
फोर्ड का चेन्नई संयंत्र परियोजना न केवल भारत में ऑटो उद्योग के पुनरुत्थान को गति देगी बल्कि राज्य में विनिर्माण और रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी. यह कदम भारत को वैश्विक ऑटोमोटिव सप्लाई चेन में और सशक्त स्थिति में लाने की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बार फिर हलचल मचने जा रही है. दरअसल, अमेरिकी वाहन निर्माता फोर्ड मोटर कंपनी (Ford) ने देश में अपनी विनिर्माण उपस्थिति को पुनर्जीवित करते हुए चेन्नई के मराइमलाई नगर संयंत्र में ₹3,250 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की है. यह संयंत्र 2029 से अगली पीढ़ी के इंजनों (पावरट्रेन) का उत्पादन शुरू करेगा और इसकी क्षमता सालाना 2.35 लाख इंजन तैयार करने की होगी. फोर्ड का यह प्रोजेक्ट न केवल भारत में उसके औद्योगिक पुनरागमन का संकेत है, बल्कि अमेरिका के बाहर कंपनी की पहली पावरट्रेन मैन्युफैक्चरिंग सुविधा के रूप में एक नई रणनीतिक दिशा भी तय करता है.
अमेरिका के बाहर फोर्ड का पहला पावरट्रेन विनिर्माण केंद्र
फोर्ड का यह कदम भारत में उसकी विनिर्माण उपस्थिति को एक नई दिशा देगा. यह अमेरिका के बाहर कंपनी का पहला पावरट्रेन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट होगा. कंपनी ने सितंबर 2024 में तमिलनाडु सरकार के साथ एक आशय पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत भारत की मजबूत औद्योगिक क्षमता का उपयोग करने की योजना तैयार की गई है.
तमिलनाडु सरकार से हुई अहम बैठक
फोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से मुलाकात की और परियोजना की रूपरेखा प्रस्तुत की. माना जा रहा है कि चेन्नई संयंत्र में बनने वाले पावरट्रेन का उपयोग मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजारों में निर्यात के लिए किया जाएगा.
फोर्ड प्रबंधन ने जताया उत्साह
फोर्ड मोटर कंपनी के इंटरनेशनल मार्केट्स ग्रुप के प्रेसिडेंट जेफ मैरेंटिक ने कहा, “हमें खुशी है कि चेन्नई संयंत्र हमारे वैश्विक विनिर्माण नेटवर्क का अहम हिस्सा बन रहा है. तमिलनाडु सरकार के निरंतर सहयोग के लिए हम आभारी हैं.” उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत की विनिर्माण क्षमता का लाभ उठाने की कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है.
राज्य सरकार ने बताया रोजगार और निवेश का अवसर
तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टी.आर.बी. राजा ने कहा, “फोर्ड का चेन्नई में पुनः विनिर्माण शुरू करने का निर्णय हमारे ऑटोमोबाइल क्षेत्र को नई ताकत देगा. यह राज्य के मजबूत विनिर्माण ढांचे और कुशल कार्यबल का प्रमाण है.” इस निवेश से 600 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है, जबकि परोक्ष रूप से भी कई अवसर बनेंगे.
पुनः शुरू होगा बंद पड़ा कारखाना
फोर्ड का मराइमलाई नगर कारखाना अगस्त 2022 से बंद पड़ा था. यह स्थान चेन्नई और एन्नोर बंदरगाहों के पास तथा बेंगलूरु से लगभग 320 किलोमीटर दूर है. कंपनी ने 2021 में भारत से उत्पादन बंद करने का फैसला किया था क्योंकि उसे पिछले दशक में लगभग 2 अरब डॉलर का घाटा हुआ था और यात्री वाहन बाजार में उसकी हिस्सेदारी 2% से भी कम थी.
राज्य सरकार ने जून 2023 में फोर्ड संयंत्र को दोबारा शुरू करने पर बातचीत शुरू की थी. इसके बाद जुलाई 2024 में मंत्री टी.आर.बी. राजा ने अमेरिका के डियरबॉर्न स्थित फोर्ड मुख्यालय का दौरा किया, जहाँ कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से चर्चा के बाद यह निर्णय पक्का हुआ.
फोर्ड की भारत में मौजूदगी बरकरार
हालांकि उत्पादन बंद था, लेकिन फोर्ड अब भी भारत में 10 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा, कलपुर्जे और वारंटी सहायता प्रदान कर रही है. कंपनी की वैश्विक व्यावसायिक इकाई तमिलनाडु में पहले से ही 12,000 लोगों को रोजगार दे रही है.
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