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फ्लिपकार्ट ने त्योहारी सीजन में बनाया 4 लाख से ज्यादा मौसमी रोजगार, टियर-2 और 3 शहरों से बढ़ी जबर्दस्त मांग

फ्लिपकार्ट का 2025 का त्योहारी सीजन न केवल तेजी और डिलीवरी रिकॉर्ड के मामले में सफल रहा, बल्कि इसने लाखों लोगों को रोजगार, छोटे शहरों में डिजिटल पहुँच और समावेशी विकास का अवसर भी प्रदान किया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago

फ्लिपकार्ट ने इस साल के त्योहारी सीजन में तेज डिलीवरी के नए रिकॉर्ड बनाए और देशभर में लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए. 2025 के फेस्टिव सीजन के दौरान कंपनी ने 4 लाख से अधिक मौसमी नौकरियों का सृजन किया, जिससे परिवारों की आजीविका को मजबूती मिली. इसके साथ ही फ्लिपकार्ट ने अपने प्रतिष्ठित बिग बिलियन डेज सेल का सफल आयोजन किया और सेम-डे व नेक्स्ट-डे डिलीवरी में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की.

टियर-2 और टियर-3 शहरों ने बढ़ाया योगदान

इस साल के त्योहारी सीजन में टियर-2 और टियर-3 शहरों ने फ्लिपकार्ट की वृद्धि में अहम भूमिका निभाई. बिग बिलियन डेज (BBD) सेल के दौरान कुल ऑर्डरों में इन शहरों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक रही, जो उभरते भारतीय बाजारों में ऑनलाइन खरीदारी की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है. फ्लिपकार्ट की टेक्नोलॉजी-संचालित सप्लाई चेन ने यह साबित किया कि सही योजना और कार्यबल के साथ भारत की त्योहारी तेजी को नई ऊंचाई दी जा सकती है.

हर मिनट बढ़ा त्योहारी उत्साह

व्यस्ततम दिनों (पीक डेज) में फ्लिपकार्ट ने हर मिनट 5,000 से ज्यादा शिपमेंट मूव किए. टेक्नोलॉजी आधारित डिमांड सेंसिटिव सप्लाई चेन और फुलफिलमेंट नेटवर्क से यह संभव हुआ. कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले ऑर्डर के दिन (सेम डे) और अगले दिन (नेक्स्ट डे) डिलीवरी में 44 प्रतिशत का उछाल देखा. एक दिन में 73 लाख से ज्यादा शिपमेंट यानी हर घंटे औसतन 3 लाख से ज्यादा शिपमेंट के साथ फ्लिपकार्ट नेटवर्क ने सटीक तरीके से काम किया.

टेक्नोलॉजी से तेज और भरोसेमंद डिलीवरी

त्योहारी सीजन में फ्लिपकार्ट के परिचालन को इंटेलीजेंट सप्लाई चेन ने ताकत दी. एआई-पावर्ड फोरकास्टिंग, एमएल आधारित प्लानिंग और रियल-टाइम कैपेसिटी ऑर्केस्ट्रेशन ने अधिक मांग वाले समय में भी नेटवर्क को मजबूत रखा. ऑटोमेटेड इन्वेंटरी प्लेसमेंट और आईडब्ल्यूआईटी (इंटर वेयरहाउस इन्वेंटरी ट्रांसफर) ने स्टॉक की उपलब्धता बढ़ाई. फुलफिलमेंट सेंटर्स में एजीवी, रोबोटिक आर्म, क्रॉस बेल्ट सॉर्टर और सेंसर आधारित ट्रैकिंग से टर्नअराउंड टाइम कम हुआ.

एआई आधारित एक्स-रे फ्रॉड डिटेक्शन और एडवांस्ड जियोकोडिंग से भारत के विविध परिवेश में बेहतर एक्यूरेसी संभव हुई. एआई आधारित पैकेजिंग टूल्स ने मैटेरियल ऑप्टिमाइजेशन और कचरा कम करने में मदद की. प्रशिक्षित वर्कफोर्स और टेक्नोलॉजी-संचालित नेटवर्क की पहुंच 21,000 पिन कोड तक है, जिससे लाखों ऑर्डर सुचारू रूप से मैनेज किए गए.

नॉन-मेट्रो मार्केट में रिकॉर्ड मांग

झज्जर और बहराइच जैसे शहरों में ऑर्डर में तेज़ उछाल देखा गया. छोटे फर्नीचर और घरेलू सामान में नॉन-मेट्रो मार्केट में 90 प्रतिशत तेजी दर्ज की गई. बढ़ती डिजिटल अपनाने की प्रवृत्ति और ग्राहकों की उम्मीदों के साथ 28 राज्यों में बड़े वर्कफोर्स ने योगदान दिया. इस दौरान 4 लाख से अधिक सीजनल रोजगार पैदा हुए, जिनमें से 15 प्रतिशत लोगों ने पहली बार इस क्षेत्र में काम किया.

फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और सप्लाई चेन, कस्टमर एक्सपीरियंस एवं री-कॉमर्स हेड हेमंत बद्री ने कहा *"त्योहारी सीजन में हमारे विस्तार और सटीक परिचालन की असली परीक्षा होती है. इस दौरान हमारे सप्लाई चेन ने दिखा दिया कि जब लोगों, प्रक्रियाओं और टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर साथ लाया जाए, तो क्या परिणाम मिलता है. कुछ ही मिनट में बड़े अप्लायंस की डिलीवरी से लेकर देश के दूरदराज के क्षेत्रों में डिलीवरी को सक्षम बनाने तक, हमारा नेटवर्क इन जरूरतों को पूरा करता है. इस बार का त्योहारी सीजन सिर्फ तेजी और विस्तार के लिए ही खास नहीं रहा, बल्कि इसने 4 लाख से ज्यादा मौसमी रोजगार, क्षेत्रीय स्तर पर ज्यादा पहुंच और समावेशी नियुक्तियों में भी खुद को अलग साबित किया. टेक्नोलॉजी को माध्यम बनाते हुए और लोगों को केंद्र में रखते हुए हमें गर्व है कि हम सिर्फ पैकेज डिलीवर नहीं करते, बल्कि पूरे भारत में लाखों परिवारों के लिए भरोसा और उत्सव डिलीवर करते हैं."

त्योहारी खुशियों में समावेश और सामाजिक प्रभाव

फ्लिपकार्ट की पहलें त्योहारी सीजन के दौरान परिचालन उत्कृष्टता, क्षेत्रीय समावेश और सामाजिक प्रभाव को दर्शाती हैं. कंपनी ने ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने के लिए टेक्नोलॉजी और मजबूत वर्कफोर्स का संयोजन किया, जिससे पूरे भारत में त्योहारी उत्सव को नई रफ्तार मिली.


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