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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्च किया नया GST अपीलेट ट्रिब्यूनल, कारोबारियों को मिलेगा बड़ा लाभ
GST अपीलेट ट्रिब्यूनल से टैक्स विवादों का निपटारा आसान होगा, कारोबारियों को राहत मिलेगी और भारत के टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को "गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल" (GSTAT) की शुरुआत की. उन्होंने इस मौके पर कहा कि यह सिर्फ एक नई संस्था नहीं, बल्कि पिछले आठ वर्षों में जीएसटी व्यवस्था के विकास का एक बड़ा कदम है. इसके साथ ही उन्होंने एक ई-फाइलिंग पोर्टल भी शुरू किया, जिससे अब कारोबारियों को ऑनलाइन केस फाइलिंग की सुविधा मिलेगी. इस पहल का मकसद टैक्स सिस्टम को और पारदर्शी बनाना और कारोबारियों को राहत देना है.
GSTAT क्या है और क्यों है जरूरी?
GSTAT का मुख्य उद्देश्य जीएसटी से जुड़े विवादों और अपील को जल्दी और प्रभावी तरीके से सुलझाना है. इससे पहले ये मामले केवल राज्य स्तर पर देखे जाते थे, लेकिन अब केंद्र स्तर पर भी इन्हें निपटाया जा सकेगा. इसका मतलब है कि पूरे देश में जीएसटी विवादों को एक समान प्रक्रिया के तहत हल किया जाएगा. यदि कोई कारोबारी या व्यक्ति जीएसटी अथॉरिटी के फैसले से असहमत होता है, तो वह GSTAT में अपील कर सकता है. इससे कोर्ट के केस कम होंगे और विवाद तेजी से सुलझेंगे.
31 राज्यों में स्थापित होंगी GST ट्रिब्यूनल की बेंच
देशभर में GSTAT के तहत 31 स्टेट बेंच बनाई जाएंगी. हर बेंच में एक प्रेसिडेंट, एक ज्यूडिशियल मेंबर और दो टेक्निकल मेंबर होंगे, जो टैक्स मामलों की गहराई से जांच कर फैसले करेंगे. इस कदम से उच्च न्यायालयों पर बोझ कम होगा, टैक्स नियमों को समझना आसान होगा और कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी. वित्त मंत्रालय ने बताया कि ट्रिब्यूनल के लिए आवश्यक नियुक्तियां और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम जारी है और जल्द ही ट्रिब्यूनल अपना काम शुरू कर देगा.
4.8 लाख लंबित मामलों का निपटारा करेगा GSTAT
GSTAT के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संजय कुमार मिश्रा के अनुसार, ट्रिब्यूनल की प्राथमिक जिम्मेदारी लगभग 4.8 लाख लंबित अपीलों का निपटारा करना होगी, जिनमें केंद्र और राज्य के GST अधिकारियों के आदेशों को चुनौती दी गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने GSTAT को करदाताओं के लिए ‘वन-स्टॉप समाधान’ बताया और कहा कि यह मंच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से विवादों का समाधान सुनिश्चित करेगा.
प्रधान पीठ नई दिल्ली में और 31 राज्य पीठों का गठन
GST Appellate Tribunal का प्रधान पीठ नई दिल्ली में होगा, जबकि 31 राज्य पीठें देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित होंगी. इनमें केंद्र और राज्य सरकारों का समान प्रतिनिधित्व होगा. अप्रैल 2026 से प्रधान पीठ राष्ट्रीय अपील प्राधिकरण के रूप में भी काम करेगा.
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