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लोकसभा में पारित हुआ फाइनेंस बिल 2026, टैक्स और निवेश नियों में बदलाव
बजट 2026-27 में विकास, रोजगार और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है. इसमें विशेष रूप से निवेश और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने, युवाशक्ति जैसी रोजगार एवं कौशल विकास पहलों, और MSME (लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्यम) के लिए लोन और इंसेंटिव प्रदान करने पर जोर है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
लोकसभा ने बुधवार को वित्त विधेयक 2026 पारित कर दिया. यह वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार के बजट प्रस्तावों को कानूनी रूप से लागू करने की दिशा में अहम कदम है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को सदन में यह विधेयक पेश किया था. यह विधेयक अब इनकम टैक्स रेट्स, शुल्क और अन्य लेवी में किए गए बदलावों को लागू करेगा, जिसका सीधा असर आम जनता और व्यवसायों पर पड़ेगा.
बजट के मुख्य प्रस्ताव
बजट 2026-27 में विकास, रोजगार और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है. इसमें विशेष रूप से निवेश और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने, युवाशक्ति जैसी रोजगार एवं कौशल विकास पहलों, और MSME (लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्यम) के लिए लोन और इंसेंटिव प्रदान करने पर जोर है.
मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रीज और कृषि सेक्टर को प्रोडक्शन-बेस्ड स्कीम्स, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स, सिंचाई और ग्रामीण इंफ्रा से लाभ मिलेगा. साथ ही, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल शासन, शहरी विकास और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी गई है. शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण क्षेत्र में ह्यूमन कैपिटल ग्रोथ पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है.
कल्याणकारी योजनाओं, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करके समावेशी विकास और सोशल सिक्योरिटी को मजबूत किया गया है.
टैक्स में बदलाव और नए नियम
वित्त मंत्री ने 1 फरवरी को अपने बजट भाषण में कई अहम सुधारों की घोषणा की थी. स्टैंडर्ड डिडक्शन और इनकम टैक्स स्लैब को पिछले साल के समान रखा गया है.
1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया इनकम टैक्स एक्ट नियमों और प्रपत्रों को सरल बनाता है ताकि अनुपालन आसान हो.
1. विदेश यात्रा पैकेज पर TCS (स्रोत पर कर संग्रह) और एजुकेशन व मेडिकल उद्देश्यों के लिए LRS (लिबराइज्ड रेमिटेंस स्कीम) के तहत किए जाने वाले रेमिटेंस पर TCS की दर घटाकर 2% कर दी गई है.
2. रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है.
3. इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ और आयु-आधारित अतिरिक्त लाभ भी नहीं दिए गए.
नागरिकों और व्यवसायों पर असर
फाइनेंस बिल 2026 के लागू होने से व्यक्तिगत खर्च योग्य आय, बचत और निवेश पर असर पड़ेगा. व्यवसायों के लिए भी टैक्स और शुल्क में बदलाव का असर वित्तीय योजना और कैश फ्लो पर दिखाई देगा.
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