✕

होम / बिजनेस / अमेरिका में ब्याज दरें फिर 0.75% बढ़ीं, फेड ने माना- मंदी की आशंका से इनकार नहीं

अमेरिका में ब्याज दरें फिर 0.75% बढ़ीं, फेड ने माना- मंदी की आशंका से इनकार नहीं

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस साल अबतक 5 बार ब्याज दरों में इजाफा किया है, ऐसा आक्रामक रुख अमेरिका को मंदी में धकेल सकता है, इस बात को फेड भी मान रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

मुंबई: आखिरकार वही हुआ जिसका अनुमान पहले से ही था, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.75 परसेंट का इजाफा कर दिया है. फेडरल रिजर्व का ये कदम बाजार भी डिस्काउंट कर चुके थे, फिर ऐसा क्या हुआ कि पॉलिसी ऐलान के बाद अमेरिकी बाजार औंधे मुंह गिर पड़े. 

लगातार 5वीं बार बढ़ाई दरें 
सबसे पहले समझते हैं कि कल फेड ने क्या ऐलान किए. फेडरल रिजर्व ने दरों में 0.75 परसेंट का इजाफा किया, ये लगातार तीसरी बार है जब फेड ने ब्याज दरों में 0.75 परसेंट की बढ़ोतरी की है. इसके साथ ही सेंट्रल बैंक का बेंचमार्क फंड रेट बढ़कर अब 3-3.25 परसेंट पहुंच गया है. जो कि 2008 में आई मंदी के बाद सबसे ऊंचा स्तर है. एक तरह से फेड की इतनी आक्रामक पॉलिसी 1990 के बाद देखने को मिल रही है. फेडरल रिजर्व इस साल अबतक लगातार 5 बार ब्याज दरों में इजाफा कर चुका है जबकि इस अभी दो पॉलिसी आना और बाकी है. 

फेड चेयरमैन के बयानों से सहमे बाजार
हालांकि फेड ब्याज दरों में इजाफा करेगा और वो भी 0.75 परसेंट करेगा, इस बात को अमेरिका समेत दुनिया भर के बाजार पहले ही पचा चुके था और खुद को सेटल कर चुके थे, फिर ऐसा क्या हुआ कि अमेरिकी बाजार पॉलिसी ऐलान के बाद ही अचानक लुढ़क गए. दरअसल, बाजारों को फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की कमेंट्री भारी पड़ गई. उस कमेंट्री में कई बातें ऐसी थीं जिसे लेकर बाजार सहम गए और टूटते चले गए. एक एक करके समझते हैं 

1. फेडरल रिजर्व का ग्रोथ को लेकर काफी बोल्ड बयान या है, फेड ने ये माना है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती चल रही है, आगे मंदी की आशंका से कोई इनकार नहीं किया जा सकता है. यानी एक तरह से फेड ने ये मान लिया है कि मंदी आ सकती है, इसने बाजारों को मूड खराब कर दिया 

2. जेरोम पॉवेल ने कहा कि इस साल महंगाई दर गिरकर 5.5 परसेंट पर आ सकती है, मतलब ये कि 2 परसेंट का लक्ष्य हासिल करने के लिए महंगाई दर में 3.5 परसेंट की गिरावट और चाहिए, तबतक फेड रुकेगा नहीं

3. फेड चेयरमैन ने पॉलिसी ऐलान के दौरान कहा कि वो महंगाई दर को 2 परसेंट पर लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए वो आक्रामक रुख अख्तियार रखेंगे. अभी अमेरिका में महंगाई दर अगस्त में 8.3 परसेंट आई थी. 

4. बेरोजगारी के मोर्चे पर भी बुरी खबर है, फेड के इन आक्रामक कदमों के चलते बेरोजगारी दर 3.7 परसेंट से बढ़कर 4.4 परसेंट तक जा सकती है.  

5. पॉलिसी में ये भी अनुमान जताया गया कि साल 2023 तक टर्मिनल रेट यानी औसत दरें 4.6 परसेंट तक जाएंगी जो कि अभी 3.1 परसेंट हैं. मतलब ये कि इसमें भी 1.25.1.5 परसेंट का इजाफा होना तय है. एक्सपर्ट्स ये अनुमान जता रहे हैं कि ये बढ़ोतरी इसी साल हो सकती है, क्योंकि अभी दो पॉलिसीज आना बाकी हैं

6. शेयर बाजारों को झटका तब लगा जब फेड ने ये अनुमान जताया कि ब्याज दरों में जल्द ही कोई कटौती हो सकती है. जबकि बाजार ने ये अनुमान जताया था कि साल 2023 के मध्य के बाद दरों में कटौती की गुंजाइश बनेगी, लेकिन अब ये अनुमान साल 2024 तक चला गया है

तो कुल मिलाकर ये साफ है कि शेयर बाजारों में गिरावट दरअसल ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चलते नहीं बल्कि फेड चेयरमैन के बयानों के चलते आई, जिसमें उन्होंन कई ऐसी बातें कहीं जिसकी उम्मीद बाजारों को नहीं थी.

VIDEO: दुनियाभर में सस्ता लेकिन भारत में महंगा क्यों बिकता है iPhone?


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दूसरी तिमाही में मुनाफे में आई शिपरॉकेट, ₹0.6 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज; रेवेन्यू 34.7% बढ़ा

शिपरॉकेट का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 34.7 फीसदी बढ़कर 673.6 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 500.2 करोड़ रुपये था.

9 hours ago

CenturyPly का दूसरी तिमाही का राजस्व 28.5% बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया. प्लाईवुड, एमडीएफ, लैमिनेट्स और लॉजिस्टिक्स कारोबार में मजबूत वृद्धि से कंपनी के प्रदर्शन को सहारा मिला.

12 hours ago

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

13 hours ago

सेबी का जापानी समझौता: ऐसे नुकसान का निपटारा, जो अब अस्तित्व में ही नहीं है

एक पूर्णकालिक सदस्य ने निप्पॉन से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. दूसरे सदस्य अभी फैसला नहीं कर पाए हैं. बॉन्ड फिर से जीवित हो गए हैं. और सेबी चेयरमैन की डायरी बार-बार निप्पॉन से टकरा रही है.

13 hours ago

वेदांता की पूर्व डिप्टी CFO स्वाति चौहान ने शुरू की अपनी कंपनी, निवेशक संबंधों पर करेगी काम

गुरुग्राम की Vaydha Advisory स्मॉल और मिड-कैप कंपनियों को निवेशक संबंध (Investor Relations), IPO की तैयारी, कंपनियों के विभाजन और अधिग्रहण से जुड़ी सलाह देगी.

13 hours ago


बड़ी खबरें

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

13 hours ago

विश्व बैंक: भारत ने रचा इतिहास

भारत में गरीबी में आई भारी कमी एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इस प्रगति को बनाए रखने के लिए बेहतर रोजगार और कम ध्रुवीकृत राजनीतिक व्यवस्था जरूरी है.

9 hours ago

ZEE5 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-क्रिएटिव नियुक्त हुए प्रिंस मिश्रा

प्राइम वीडियो में काम कर चुके प्रिंस मिश्रा के पास फिल्म, विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो और ओटीटी क्षेत्र में 14 साल से अधिक का अनुभव है. ZEE5 में वह ब्रांड की पहचान मजबूत करने और दर्शकों के साथ जुड़ाव बढ़ाने पर काम करेंगे.

11 hours ago

CenturyPly का दूसरी तिमाही का राजस्व 28.5% बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया. प्लाईवुड, एमडीएफ, लैमिनेट्स और लॉजिस्टिक्स कारोबार में मजबूत वृद्धि से कंपनी के प्रदर्शन को सहारा मिला.

12 hours ago

सेबी ने म्यूचुअल फंड के लिए शुरू की नेट सेटलमेंट की सुविधा, 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नियम

सेबी ने म्यूचुअल फंड स्कीमों को शेयरों की खरीद और बिक्री से मिलने वाली रकम को आपस में एडजस्ट करने की अनुमति दी है.

14 hours ago