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खाद्य से लेकर ईंधन तक सब सस्ता, अक्टूबर में थोक महंगाई एक साल के निचले स्तर पर
लगातार दो महीनों से थोक कीमतों में हो रही कमी से आने वाले समय में खुदरा बाजार पर भी राहत का असर दिखने की उम्मीद है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
बिहार चुनाव नतीजों के दिन आम जनता के लिए एक और बड़ी खुशखबरी आई है. दरअसल, अक्टूबर 2025 में देश की थोक महंगाई (WPI) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बाजार और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में थोक मूल्य सूचकांक 1.21% घटा है, जो पिछले एक साल में सबसे कम स्तर है. लगातार दूसरे महीने थोक स्तर पर कीमतों में आई इस गिरावट ने उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाया है.
खाद्य वस्तुओं में बड़ी राहत, सब्जियों से प्याज तक कीमतें गिरीं
अक्टूबर में थोक स्तर पर सबसे ज्यादा राहत खाने-पीने की चीजों में दिखी है. सब्जियों और आवश्यक खाद्य उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई.
1. सब्जियों में करीब 35% की बड़ी अपस्फीति
2. दालों में 16.50% की गिरावट
3. आलू की कीमतें 39.88% नीचे
4. प्याज में 65% से अधिक की भारी कमी
कुछ महीने पहले जिन वस्तुओं की कीमतें घरेलू बजट को परेशान कर रही थीं, वे अब सामान्य उपभोक्ताओं को राहत दे रही हैं.
ईंधन, गैस और बिजली के दाम भी घटे
अक्टूबर में ईंधन, गैस और बिजली की श्रेणी में भी कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. इस श्रेणी में मुद्रास्फीति 2.55% रही, जो बताती है कि थोक स्तर पर पेट्रोलियम आधारित उत्पाद पहले की तुलना में सस्ते हुए हैं. उद्योगों और परिवहन क्षेत्र के लिए यह राहत की बड़ी खबर है. विनिर्माण क्षेत्र में भी लागत का दबाव कम हुआ है, जहां महंगाई सितंबर के 2.33% से घटकर 1.54% पर आ गई.
GST दरों में कटौती का असर, कीमतें और नीचे आईं
सरकार द्वारा 22 सितंबर को कई रोजमर्रा की वस्तुओं पर GST स्लैब कम करने का प्रभाव अब थोक बाजार में स्पष्ट दिखने लगा है. कई उच्च कर वाली वस्तुओं को 5% और 18% वाले स्लैब में लाने से उनकी कीमतों में कमी आई है. इसी का असर खुदरा स्तर पर भी नजर आ रहा है और खुदरा महंगाई (CPI) घटकर ऐतिहासिक स्तर 0.25% पर पहुंच गई है.
अब RBI पर बढ़ीं ब्याज दरें घटाने की उम्मीदें
थोक और खुदरा दोनों स्तरों पर तेजी से कम हो रही महंगाई ने बाजार की नजरें रिज़र्व बैंक की अगली मौद्रिक नीति बैठक पर टिका दी हैं. 35 दिसंबर को होने वाली बैठक में RBI के नए सिरे से ब्याज दरों में कटौती करने की उम्मीद बढ़ गई है. अगर ऐसा होता है, तो होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन लेने वालों को भी सीधी राहत मिल सकती है.
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