✕

होम / बिजनेस / EID SPECIAL: बकरा भी बिका ऑनलाइन, जानिए सबसे महंगा कितने में बिका और क्या है उसका नाम

EID SPECIAL: बकरा भी बिका ऑनलाइन, जानिए सबसे महंगा कितने में बिका और क्या है उसका नाम

इस बार बकरे की कीमत 10 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये थी.

आमिर कुरेशी 4 years ago

आगरा: जिस तरह से देश डिजिटल इंडिया (Digital India) की तरफ बढ़ रहा है, उसे लेकर हर चीज ऑनलाइन की जा रही है. आपने ऑनलाइन कपड़े, जूते, इलेक्टॉनिक्स समान, आदि जरूर खरीदे होंगे, लेकिन क्या कभी बकरे को ऑनलाइन बिकते देखा है? इस बार ईद उल अजहा के त्योहार पर ऑनलाइन बकरे भी बेचे जा रहे हैं. इस बार कुछ बकरा विक्रेता ऑनलाइन बकरे बेचने का काम भी करते दिखाई दे रहे हैं.

इस बार बकरे की कितनी कीमत
इस बार बकरे की कीमत 10 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये थी. सबसे महंगा बकरा 2.5 लाख रुपये में बिका, जिसका नाम सुल्तान है. बकरा बेचने वाले व्यापारी भी इसबार काफी खुश नजर आ रहे थे. उनके अनुसार ऑनलाइन होने के कारण बकरा बेचने में ज्यादा परेशानी नहीं आई और कीमत भी ठीक मिल रही थी.

पहले मंडी में बेचते थे बकरा, अब ऑनलाइन
एक ऑनलाइन बकरा व्यापारी सोनू ने बताया कि वह पहले बकरा मंडी में ही आकर बकरा बेचने का काम करते था, लेकिन जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के द्वारा डिजिटल इंडिया (Digital India) बनाने की बात कही है, तब से ऑनलाइन कारोबार भी शुरू कर दिया. उसने कहा कि हमारा देश डिजिटल की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. यही वजह है कि हम भी ऑनलाइन बकरे बेच रहे हैं.

इस तरह बेचते हैं ऑनलाइन बकरा
ऑनलाइन बकरा बेच रहे विक्रेताओं ने बताया कि वे सबसे पहले वे अपने बकरों की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं और उसके साथ में अपना नंबर भी डालते हैं. जिसे बकरे पसंद आते हैं, वह फोन कर लेता है. कई बार वे खुद आकर बकरे ले जाते हैं, जो नहीं आ पाता, उनके घर पर डिलिवरी कर दी जाती है. डिलिवरी से पहले ऑनलाइन पेमेंट लिया जाता है. दूसरे शहर के ग्राहकों को वीडियो कॉल के जरिए बकरा दिखाया जाता है और फिर पैसे Google Pay, Paytm या फिर Account Transfer के जरिए लिए जाते हैं. इसके बाद बकरे की डिलिवरी उनके घर पर की दी जाती है.

महंगाई से कुछ ग्राहक खासे नाराज
इसबार महंगाई के कारण बकरे काफी महंगे बिक रहे हैं. कुछ ग्राहकों का मानना है कि व्यापारी गुंडागर्दी कर रहे हैं और मनमानी कीमत वसूल रहे हैं. पैसे वाले तो बकरे ले जा रहे, लेकिन मिडिल क्लास खरीदने में सक्षम नहीं हैं. कीमतों पर कोई कंट्रोल नहीं है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

9 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

12 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

12 hours ago

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

13 hours ago

IRDAI के प्रस्तावित सुधारों पर IBAI की चिंता, PM मोदी से कहा- 10 लाख नौकरियों पर पड़ सकता है असर

इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कमीशन कैप और खर्च सीमा में बदलाव टालने की मांग की, 2028 तक मौजूदा व्यवस्था जारी रखने की अपील

16 hours ago


बड़ी खबरें

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

13 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

12 hours ago

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

9 hours ago

RBI MPC से पहले रियल्टी की उम्मीदें, 5.25% पर रेपो रेट रहने से होमबायर्स का भरोसा बढ़ने की आस

त्योहारी सीजन में घर खरीदारी के बीच रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर RBI के फैसले पर, स्थिर दरों से EMI, अफोर्डेबिलिटी और हाउसिंग डिमांड को मिल सकता है सहारा

11 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

12 hours ago