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खाद्य तेल की कीमतों में आई गिरावट, सस्ता होगा सरसों का तेल?
भारत के इम्पोर्ट्स में खजूर के तेल की हिस्सेदारी 60% की है. मुंबई के बंदरगाह पर खजूर के तेल की कीमतों में 42% की गिरावट देखने को मिली है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
सोयाबीन, सनफ्लावर और खजूर की ग्लोबल कीमतों में कमी आने की बदौलत, इस तेल वर्ष के पहले पांच महीनों के दौरान खाद्य तेल के इम्पोर्ट में बहुत तेजी से बढ़त देखने को मिली है. SEA (साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन) की मानें तो नवम्बर 2022 से मार्च 2023 के बीच खाद्य तेल के इम्पोर्ट्स में सालाना आधार पर 23.7% की बढ़त देखने को मिली है जिसके बाद यह 6.98 मिलियन टन पर पहुंच गया है.
खाद्य तेलों की कीमत में हुई इतनी कमी
भारत के इम्पोर्ट्स में खजूर के तेल की हिस्सेदारी 60% की है. मुंबई के बंदरगाह पर खजूर के तेल की कीमतों में 42% की गिरावट देखने को मिली है जिसके बाद 14 अप्रैल को खजूर के तेल की कीमतों को 1030 डॉलर प्रति टन की कीमत पर दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल अप्रैल में खजूर के तेल की कीमत 1,791 डॉलर प्रति टन रिकॉर्ड की गयी थी. जहां सोयाबीन के तेल के लैंडेड प्राइज में 45% की कमी देखने को मिली है वहीं सनफ्लावर तेल के लैंडेड प्राइज में 53% की गिरावट दर्ज की गयी है. इस वक्त सोयाबीन के तेल की कीमत 1040 डॉलर प्रति टन और सनफ्लावर के तेल की कीमत 1010 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गयी है.
किसान संगठन बढ़ाना चाहते हैं इम्पोर्ट ड्यूटी
देश में इम्पोर्ट्स बढ़ने की वजह से सरसों और सोयाबीन के बीजों की घरेलु कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है. मार्च 2023 में ‘ऑयल और फैट कैटेगरी’ के इन्फ्लेशन में 7.86% की कमी देखने को मिली है. बहुत से किसान संगठन और खाद्य तेल प्रोसेस करने वाले संगठनों ने सरकार से इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की मांग की है ताकि खाद्य तेल की घरेलु कीमतों में समानता लायी जा सके. SEA के प्रेजिडेंट अजय झुनझुनवाला ने खाद्य मंत्रालय से बातचीत के दौरान कहा कि पामोलिन के बेलगाम इम्पोर्ट्स से खाद्य तेल की कीमतों में कमी आ रही है जिसकी वजह से फसल काटने के समय पर सरसों की मार्केटिंग पर भी प्रभाव पड़ रहा है.
इतना खाद्य तेल इम्पोर्ट करता है भारत
SOPA (सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) द्वारा साझा की गयी जानकारी के अनुसार सितम्बर 2022 से मार्च 2023 के बीच इम्पोर्ट किये गए कच्चे सोयाबीन तेल की कीमतों में लगभग 31% की गिरावट देखने को मिली है. इसके साथ ही, सनफ्लावर और खजूर के तेलों की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है. भारत अपने सालाना खाद्य तेल की खपत का 56% हिस्सा इम्पोर्ट करता है. हर साल मलेशिया और इंडोनेशिया से लगभग 8 मिलियन टन खजूर का तेल इम्प्कोर्ट किया जाता है. मंडी में सरसों के बीजों की कीमत 5450 रूपए प्रति कुंटल के अपने MSP (न्यूनतम समर्थित मूल्य) से कम स्तर पर बनी हुई है. भारत के खाद्य तेल मार्केट में सरसों की 40% की, सोयाबीन की 24% की और मूंगफली की 7% की हिस्सेदारी है.
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