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कल होने वाले इम्तिहान से पहले Byju Raveendran को झटका, देश छोड़ने पर रोक
केंद्रीय एजेंसी ने बीओआई को बायजू चीफ के खिलाफ ताजा LOC जारी कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वे देश छोड़कर न जाएं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) फिलहाल देश छोड़कर नहीं जा पाएंगे. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीओआई (Bureau of Immigration) से कहा है कि वह बायजू रवींद्रन के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह देश छोड़कर न जा सकें. बता दें कि बायजू रवींद्रन के लिए कल यानी शुक्रवार को बड़ा दिन है. बायजू के निवेशकों का एक समूह शुक्रवार को असाधारण आम बैठक (EGM) करने जा रहा है, जिसमें कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बायजू रवींद्रन को कंपनी से बाहर करने पर फैसला लिया जाएगा. इस बैठक से ठीक पहले ED ने भी बायजू रवींद्रन को करारा झटका दिया है.
क्या है एलओसी ऑन इंटीमेशन?
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि केंद्रीय एजेंसी ने बीओआई को बायजू चीफ के खिलाफ ताजा LOC जारी कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वे देश छोड़कर न जाएं. बायजू रवींद्रन के खिलाफ ED कोच्चि कार्यालय के कहने पर डेढ़ साल पहले भी एलओसी ऑन इंटीमेशन जारी किया गया था. बाद में इस जांच को बेंगलुरु कार्यालय स्थानांतरित कर दिया गया. एलओसी 'ऑन इंटीमेशन' के तहत आव्रजन अधिकारी जांच एजेंसी को इस बात की सूचना देते हैं कि संबंधित व्यक्ति विदेश जा रहा है, लेकिन उसे देश छोड़ने से नहीं रोका जा रहा.
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FWMA के तहत जारी हैं जांच
ED की बेंगलुरु यूनिट कथित विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े मामले की जांच कर रही है. इसी सिलसिले में एजेंसी ने बायजू रवीन्द्रन के विरुद्ध एलओसी जारी करवाया है, ताकि उन्हें देश छोड़ने से रोका जा सके. ई़डी ने पिछले साल नवंबर फेमा के तहत 9362.35 करोड़ के उल्लंघन के लिए बायजू को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था. इधर, बुधवार को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक आदेश पारित किया, जिसमें बायजू के शेयरधारकों से अंतिम सुनवाई तक ईजीएम के दौरान कोई भी प्रस्ताव लागू नहीं करने को कहा गया है. अदालत ने ईजीएम पर रोक नहीं लगाई है.
बायजू रवींद्रन पर हैं ये आरोप
निवेशकों के इस समूह ने बायजू रवींद्रन और उनके परिवार के सदस्यों पर कुप्रबंधन जैसे आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की है. बायजू के बोर्ड में फिलहाल बायजू रवींद्रन, उनके भाई रीजू रवींद्रन और पत्नी दिव्या गोकुलनाथ शामिल हैं. जबकि बायजू के निवेशकों में जनरल अटलांटिक, पीक-15 पार्टनर्स, सोफिना, आउल, चैन जुकरबर्ग इनिशिएटिव और सैंड्स शामिल हैं. बायजू में इनकी कुल मिलाकर लगभग 30% हिस्सेदारी है. बताया जा रहा है कि बायजू के शेयरधारकों के एक ग्रुप ने जुलाई और दिसंबर में भी बोर्ड की बैठक बुलाने का अनुरोध किया था, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया. ये निवेशक कंपनी की मौजूदा हालत को देखते हुए उसके भविष्य को लेकर चिंतित हैं. उन्हें लगता है कि कंपनी की मौजूदा लीडरशिप और बोर्ड कंपनी को ठीक से संभालने में नाकाम रहे हैं.
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