होम / बिजनेस / 1.3 बिलियन डॉलर्स के प्रॉफिट के बावजूद EBay करेगी Layoff, जानिए क्या है वजह?

1.3 बिलियन डॉलर्स के प्रॉफिट के बावजूद eBay करेगी Layoff, जानिए क्या है वजह?

पिछले क्वार्टर के दौरान कंपनी को 1.3 बिलियन डॉलर्स का प्रॉफिट हुआ था और यह क्वार्टर भी कंपनी के लिए काफी मजबूत रहा था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

पिछ्ले कुछ समय के दौरान गूगल (Google), अमेजन (Amazon), मेटा (Meta) और अन्य टेक कंपनियों ने Layoff के माध्यम से अपने कर्मचारियों की संख्या में प्रमुख रूप से कटौती की है. जानी मानी ई-कॉमर्स कंपनी eBay भी फिलहाल इसी रास्ते पर चलती हुई नजर आ रही है. हाल ही में कंपनी ने अपने स्टाफ को ईमेल के द्वारा सूचित किया है कि जल्द ही कंपनी द्वारा 1000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाएगा. 

eBay करेगी Layoff
आपको बता दें कि 1000 कर्मचारियों का सीधा मतलब ये है कि कंपनी अपनी कुल वर्कफोर्स में लगभग 9% की कटौती करना चाहती है. लेकिन ये कहानी बस इतनी ही नहीं है, कंपनी आने वाले समय में और अधिक छंटनी यानी Layoff करने के बारे में भी विचार कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले क्वार्टर के दौरान कंपनी को 1.3 बिलियन डॉलर्स का प्रॉफिट हुआ था और यह क्वार्टर भी कंपनी के लिए काफी मजबूत रहा था लेकिन इसके बावजूद कंपनी द्वारा Layoff की घोषणा कर दी गई है. कंपनी का कहना है कि वह बदलाव करना चाहती है और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कर्मचारियों के साथ साझा किये गए एक पत्र में कंपनी ने कहा है कि ‘हालांकि हम अपनी रणनीति के खिलाफ प्रगति कर रहे हैं लेकिन कर्मचारियों की कुल संख्या और उन पर हो रहे खर्चे की वजह से विकास की गति धीमी पड़ती नजर आ रही है. 

क्यों करना पड़ रहा है Layoff?
विकास गति को धीमा करते इन्हीं कारकों से निपटने के लिए हम संस्था में बदलाव कर रहे हैं ताकि कुछ निश्चित टीमों को इकट्ठा करके मजबूत किया जाये जिससे एंड-टू-एंड एक्सपीरियंस में वृद्धि हो सके और हम दुनिया भर में मौजूद अपने कस्टमर्स की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकें. टेक इंडस्ट्री द्वारा अपनी वर्कफोर्स को कम करने के पीछे मौजूद एक अन्य प्रमुख वजह, जरूरत से ज्यादा हायरिंग भी है. बहुत सी कंपनियों ने कोविड के बाद जमकर हायरिंग की लेकिन 2022 खत्म होने तक विशालकाय Layoffs की लहर चली और कंपनियों ने फैसला किया कि लागत कम करने के लिए वह अपनी वर्कफोर्स में कटौती करेंगी. 
 

यह भी पढ़ें: एक कदम और आगे बढ़ी JSW-MG Motors की डील, इस संस्‍था ने दी हरी झंडी

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

1 day ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

1 day ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

1 day ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

1 day ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

1 day ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

1 day ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

1 day ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

1 day ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

1 day ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

1 day ago