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त्योहारी सीजन में ऑटो सेक्टर ने तोड़ा सारे रिकॉर्ड: 52 लाख से ज्यादा गाड़ियां बिकीं, हर सेगमेंट में जोरदार उछाल
त्योहारी सीजन में ऑटो सेक्टर की यह रिकॉर्डतोड़ बिक्री भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है. उपभोक्ताओं की बढ़ती क्रय शक्ति, सरकारी नीतियों का असर और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में सुधार ने मिलकर ऑटो उद्योग को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने इस साल त्योहारी सीजन में इतिहास रच दिया है. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के मुताबिक, देशभर में इस बार सिर्फ 42 दिनों में 52 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री हुई है. यह पिछले साल की तुलना में 21% की रिकॉर्ड वृद्धि है. दोपहिया, तिपहिया, पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल, हर श्रेणी में बिक्री ने नए आयाम छुए हैं.
पैसेंजर और टू-व्हीलर सेगमेंट में जबरदस्त उछाल
FADA के आंकड़ों के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 23% बढ़कर 7,66,918 यूनिट्स तक पहुंच गई है, जबकि टू-व्हीलर बिक्री में 22% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 40,52,503 यूनिट्स रही. फाडा के अध्यक्ष सी. एस. विग्नेश्वर ने बताया कि यह त्योहारी सीजन भारत के ऑटो रिटेल इतिहास में “मील का पत्थर” साबित हुआ है. उनके अनुसार, GST 2.0 लागू होने के बाद ऑटो सेक्टर को बड़ा फायदा मिला है, जिससे गाड़ियां खरीदना मिडिल क्लास के लिए सस्ता और आसान हुआ है. कॉम्पैक्ट और सब-4 मीटर कारों की मांग में इस दौरान सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला.
GST 2.0 और ग्रामीण मांग बने गेमचेंजर
फाडा रिपोर्ट के मुताबिक, टू-व्हीलर सेगमेंट में तेजी का कारण बेहतर ग्रामीण मांग, लिक्विडिटी में सुधार और जीएसटी में कटौती है. स्कूटर और कम्यूटर बाइक्स की बिक्री में मजबूती रही, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की मांग भी बढ़ी है. वहीं, थ्री-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने क्रमशः 9% और 15% की वृद्धि दर्ज की. विग्नेश्वर ने कहा, “ऑटोमोबाइल्स की यह रिकॉर्ड बिक्री इस बात का सबूत है कि जीएसटी 2.0 सिर्फ टैक्स सुधार नहीं, बल्कि उपभोग आधारित विकास का इंजन है. इससे कार खरीदना सस्ता हुआ है और उपभोक्ताओं का भरोसा लौटा है.”
अक्टूबर में भी रिकॉर्ड बिक्री
अक्टूबर 2025 में ऑटो सेक्टर की रिटेल बिक्री साल-दर-साल 41% बढ़कर 40,23,923 यूनिट्स हो गई.
- पैसेंजर व्हीकल्स: 11% की वृद्धि के साथ 5,57,373 यूनिट्स
- टू-व्हीलर्स: 52% उछाल के साथ 31,49,846 यूनिट्स
- थ्री-व्हीलर्स: 5% की वृद्धि के साथ 1,29,517 यूनिट्स
- कमर्शियल व्हीकल्स: 18% की ग्रोथ दर्ज
विग्नेश्वर के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल और टू-व्हीलर दोनों ने ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया है. सितंबर में GST 2.0 ट्रांजिशन के चलते बिक्री धीमी थी, लेकिन अक्टूबर में मांग ने जोरदार वापसी की.
कौन रहा नंबर वन
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में
1. मारुति सुजुकी ने 18% की वृद्धि के साथ 2.39 लाख यूनिट्स बेचकर शीर्ष स्थान हासिल किया.
2. टाटा मोटर्स की बिक्री 13% बढ़कर 75,352 यूनिट्स
3. महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 9% बढ़कर 67,918 यूनिट्स रही.
4. हुंडई मोटर इंडिया की बिक्री 7% घटकर 65,442 यूनिट्स पर पहुंची.
टू-व्हीलर सेगमेंट में
1. हीरो मोटोकॉर्प की बिक्री 72% बढ़कर 9,94,787 यूनिट्स हुई.
2. होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया की बिक्री 48% बढ़कर 8,21,976 यूनिट्स
3. टीवीएस मोटर की बिक्री 58% बढ़कर 5,58,075 यूनिट्स रही.
अगले तीन महीने में भी रहेगी रफ्तार
FADA का अनुमान है कि आने वाले तीन महीनों में ऑटो रिटेल का रुझान सकारात्मक रहेगा. GST 2.0 के असर, ग्रामीण आय में स्थिरता, शादियों और फसलों की बिक्री से उपजे सीजनल डिमांड के चलते वाहन बिक्री को बढ़ावा मिलेगा. रिपोर्ट के अनुसार, नए मॉडल लॉन्च, बेहतर स्टॉक उपलब्धता और साल के अंत में मिलने वाले ऑफर्स से बिक्री की रफ्तार बनी रह सकती है.
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