✕

होम / बिजनेस / Liqour एसोशिएसन के अध्‍यक्ष का दावा, दिल्‍ली में बीयर का सूखा खत्‍म होने के कम ही हैं आसार

Liqour एसोशिएसन के अध्‍यक्ष का दावा, दिल्‍ली में बीयर का सूखा खत्‍म होने के कम ही हैं आसार

दिल्‍ली में जब से पुरानी शराब नीति वापस आई है तब से लोगों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एक ओर जहां उनके पसंदीदा ब्रैंड नहीं मिल रहे हैं वहीं दूसरी ओर ठंडी बीयर भी नहीं मिल रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

राजधानी दिल्‍ली में तापमान बढ़ने के साथ ही बीयर की पीने वालों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एक ओर बढ़ती गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरु कर दिया है तो वहीं दूसरी ओर पसंदीदा बीयर की कमी के साथ-साथ सबसे बड़ी समस्‍या ये हो गई है कि बीयर पीने वालों को उनकी पसंद का ब्रैंड नहीं मिल रहा है. लोग जिस किसी भी दुकान में जा रहे हैं उन्‍हें वहां वो बीयर मिल रही है जिसका नाम उन्‍होंने सुना ही नहीं है. ऐसे में बढ़ते पारे के बीच बीयर पीने वालों की प्‍यास नहीं बुझ पा रही है. यही नहीं दिल्‍ली लिकर शॉप एसोसिएशन के प्रेसीडेंट का दावा है कि इस स्थिति का सुधरना मुश्किल ही है.

हालात सुधरना मुश्किल है 

दिल्‍ली में पसंदीदा ब्रैंड की शराब न बिकने की शिकायत को लेकर दिल्‍ली लिकर शॉप एसोसिएशन के प्रेसीडेंट नरेश गोयल का कहना है कि अब इन हालातों का जल्‍दी सुधरना मुश्किल है. न तो सरकार के पास इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर है और ही मैनपॉवर है. अगर आपको पीक सीजन में डिमांड में पूरी करनी है तो आपके पास ये दोनों चीजें होनी चाहिए. उन्‍होंने ये भी कहा कि पसंदीदा ब्रैंड इसलिए नहीं मिलता है क्‍योंकि दिल्‍ली एक मैन्‍यूफैक्‍चरिंग स्‍टेट नहीं है. मौजूदा समय में पंजाब, यूपी, हरियाणा, राजस्‍थान ऐसे राज्‍य हैं जहां शराब की मैन्‍यूफैक्‍चरिंग होती है. जहां इसकी मैन्‍यूफैक्‍चरिंग होती है वहां का एक्‍साइज विभाग पहले अपने राज्‍य की डिमांड पूरी कराता है उसके बाद जो बचता है तो बाकी राज्‍यों में जाता है. उन्‍होंने कहा कि अगर सरकार को इस क्राइसिस को खत्‍म करना है तो उसके लिए उसे इसके लिए पहले से ही प्‍लॉनिंग करनी पड़ेगी. सर्दियों में जब बाकी राज्‍यों में बीयर की डिमांड नहीं होती है उस वक्‍त अपना स्‍टॉक बनाना होगा. हम लोग यही किया करते थे. इससे डिमांड भी पूरी हो जाती थी, और लोगों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता था. 

नहीं मिल रहा है पसंद का ब्रैंड 
दिल्‍ली में गर्मी आते ही शराब के साथ-साथ बीयर की खपत बढ़ जाती है. लेकिन पीने वालों का कहना है कि समस्‍या ये हो रही है कि उन्‍हें उनकी पसंद का ब्रैंड नहीं मिल रहा है. पूर्वी दिल्‍ली में रहने वाले हरीश कहते हैं कि वो पिछले लंबे समय से जब भी ठेके पर जा रहे हैं तो उन्‍हें उनकी पसंद का ब्रैंड नहीं मिल पा रहा है, उन्‍हें मजबूरन उन ब्रैंड्स को लेना पड़ रहा है जिसे वो नहीं पीना चाहते हैं. इसी तरह दिल्‍ली के प्रीत विहार गौरव शर्मा का कहना है कि उन्‍हें दुकानों पर ऐसे ब्रैंड मिल रहे हैं जिनका नाम उन्‍होंने अभी तक कभी नहीं सुना. 

क्‍यों नहीं मिल पा रहे है पसंद की ब्रैंड 
दरअसल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिल्‍ली में बीयर की सप्‍लाई राजस्‍थान से होती है. जो कंपनी दिल्‍ली में बीयर सप्‍लाई करती है, उसका प्‍लांट राजस्‍थान में है. ऐसे में बताया ये जा रहा है कि पहले वो कंपनी राजस्‍थान में बीयर में की सप्‍लाई कर रही है इसके कारण दिल्‍ली में सप्‍लाई कम हो पा रही है. मीडिया रिपोर्ट में ये भी कहा जा रहा है कि तीन बड़ी कंपनियों के लाइसेंस को इस साल अभी तक रिन्‍यू नहीं किया गया है. ऐसा कदम इसलिए उठाया गया है क्‍योंकि इनका नाम शराब मामले में आया है. इसी कारण के चलते इनका लाइसेंस रिन्‍यू नहीं किया गया है. सबसे दिलचस्‍प बात ये है कि दिल्‍ली में शराब घोटाले को लेकर सीबीआई से लेकर ईडी तक की जांच चल रही है.

नहीं मिल रही है ठंडी बीयर 
बीयर पीने वालों के सामने सिर्फ यही समस्‍या नहीं है. समस्‍या ये भी है कि उन्‍हें ठंडी बीयर नहीं मिल रही है. इस समस्‍या को लेकर दुकानदारों का कहना है कि दुकानों में बीयर को ठंडी करने को लेकर जो फ्रिज लगाए जाते हैं उनका टेंडर दे दिया गया है. अगले महीने तक जैसे ही उनकी सप्‍लाई हो जाएगी लोगों को ठंडी बीयर मिलनी शुरु हो जाएगी. 
 

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा का निधन, पत्रकारिता से लेकर कारोबार और राजनीति तक बनाई थी खास पहचान

नोएडा में 83 वर्षीय आर. के. सिन्हा ने ली अंतिम सांस, SIS ग्रुप की स्थापना कर भारत में निजी सुरक्षा उद्योग को नई पहचान दी; जनसंघ के दौर से भाजपा से जुड़े रहे

3 hours ago

छह महीने में राजकोषीय घाटा 25.4% बढ़कर 7.15 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, सालाना लक्ष्य का 42.1% हुआ पूरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.7 लाख करोड़ रुपये था.

7 hours ago

दूसरी तिमाही में 7.35% रह सकती है GDP ग्रोथ, औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में भी तेजी

अक्टूबर 2026 की मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार, पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही थी.

9 hours ago

राहुल गांधी ने IDBI बैंक की बिक्री पर उठाए सवाल, सीतारमण बोलीं- 25 हजार करोड़ रुपये डालकर बैंक को उबारा

राहुल गांधी ने सार्वजनिक बैंक को फेयरफैक्स को बेचने के फैसले पर उठाए सवाल, सीतारमण ने UPA सरकार पर लगाए राजनीतिक दबाव में कर्ज बांटने के आरोप; कहा- 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डालकर IDBI को संकट से निकाला

9 hours ago

IDBI बिक्री: बिजनेसवर्ल्ड की खबर में दिए गए नोट का वित्त मंत्रालय ने खंडन नहीं किया

DIPAM की देर रात आई सफाई में घटनाओं के क्रम, निजी बैंकों को तुलनात्मक सूची से हटाने या फेयरफैक्स की अंतिम चेतावनी को खारिज नहीं किया गया. इसके बजाय सरकार ने एक नया आंकड़ा 627 करोड़ रुपये सामने रखा और पुष्टि की कि सौदे के अपने सलाहकार ने ही बैंक का मूल्यांकन किया था.

11 hours ago


बड़ी खबरें

छह महीने में राजकोषीय घाटा 25.4% बढ़कर 7.15 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, सालाना लक्ष्य का 42.1% हुआ पूरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.7 लाख करोड़ रुपये था.

7 hours ago

पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा का निधन, पत्रकारिता से लेकर कारोबार और राजनीति तक बनाई थी खास पहचान

नोएडा में 83 वर्षीय आर. के. सिन्हा ने ली अंतिम सांस, SIS ग्रुप की स्थापना कर भारत में निजी सुरक्षा उद्योग को नई पहचान दी; जनसंघ के दौर से भाजपा से जुड़े रहे

3 hours ago

राहुल गांधी ने IDBI बैंक की बिक्री पर उठाए सवाल, सीतारमण बोलीं- 25 हजार करोड़ रुपये डालकर बैंक को उबारा

राहुल गांधी ने सार्वजनिक बैंक को फेयरफैक्स को बेचने के फैसले पर उठाए सवाल, सीतारमण ने UPA सरकार पर लगाए राजनीतिक दबाव में कर्ज बांटने के आरोप; कहा- 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डालकर IDBI को संकट से निकाला

9 hours ago

‘सरस गीता’ - जीवन की उलझनों का समाधान और कर्म की राह दिखाता दर्शन

गीता का संदेश अंततः मनुष्य को जीवन से भागने के बजाय उसका सामना करने, अपने कर्तव्य को पहचानने और विवेक के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. ‘सरस गीता’ इसी संदेश को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की एक कोशिश है.

7 hours ago

हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस के CEO बने विवेक कन्नन, सचिन पिल्लई की लेंगे जगह

कन्नन को वित्तीय सेवा क्षेत्र, रिटेल लेंडिंग और बिजनेस ऑपरेशंस में दो दशक से अधिक का अनुभव है. हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस में COO रहते हुए वह कंपनी के हाउसिंग फाइनेंस कारोबार की निगरानी कर रहे थे.

8 hours ago