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चीन से बढ़ा अमेरिका का विवाद, अब भारत करेगा अमेरिका को लिथियम-आयन सेल्स की सप्लाई
भारतीय कंपनी Munouth ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिकी कंपनी Anker के साथ लिथियम-आयन सेल्स की सप्लाई के लिए एक समझौता किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अमेरिका और चीन के बीच चल रहे विवाद के कारण भारत को काफी फायदा हो रहा है. एक ओर एप्पल (Apple) भारत को दूसरा सबसे बड़ा iPhone निर्माता बना रहा है. वहीं, अब लिथियम-आयन सेल्स भी भारत से सोर्स किए जाएंगे, जिसके बाद भारत की बैटरी निर्माण इंडस्ट्री में एक नया मोड़ देखने को मिलेगा. दरअसल, अमेरिकी कंपनी Anker ने भारत कंपनी Munouth ग्रुप से लिथियम-आयन सेल्स की सप्लाई को लेकर एक समझौता किया है. तो आइए आपको इस डील की पूरी जानकारी देते हैं.
इस समय अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं, जिसका सीधा फायदा भारत को हो सकता है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि एप्प्ल के चीन से हटकर भारत को दूसरा सबसे बड़ा iPhone निर्माता बनाने के फैसले के बाद, अब लिथियम-आयन सेल्स भी भारत से अमेरिका सोर्स किए जाएंगे. इसके लिए अमेरिका की कंपनी Anker ने चेन्नई स्थित Munouth ग्रुप के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत भारत से लिथियम-आयन सेल्स की सप्लाई होगी. यह कदम बाइडन प्रशासन द्वारा 2026 से उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए चीन से आयातित लिथियम सेल्स पर 25 प्रतिशत ड्यूटी लगाने के फैसले के बाद उठाया गया है.
एक मिलियन लिथियम सेल्स की सप्लाई
Munouth का 270 MWh का प्लांट, जो आंध्र प्रदेश में स्थित है, Anker को हर महीने एक मिलियन लिथियम सेल्स निर्यात करेगा. यह छह महीने के सौदे का हिस्सा है. Munouth अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अतिरिक्त परीक्षण उपकरण लगाने की प्रक्रिया में है, इसे भारत की प्रारंभिक बैटरी निर्माण इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी जीत बताया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Munouth Industries Limited के उपाध्यक्ष जसवंत मुनौथ ने जानकारी दी है कि नई बैटरी उत्पादन यूनिट अमेरिका के एक प्रमुख पावर बैंक ब्रैंड को एक मिलियन लिथियम सेल्स की सप्लाई करेगी. अब तक इस ग्राहक को चीन के सप्लायर सेवाएं दे रहे थे. यह सीधे तौर पर 2026 से उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए चीन से आयातित लिथियम सेल्स पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ का परिणाम है.
भारत को ऐसे होगा फायदा
मुनौथ ने बताया कि सप्लाई 2025 की दूसरी तिमाही से शुरू होगी. यह ऑर्डर भारत में स्थानीय ब्रैंड्स को बैटरी की सप्लाई भारत से कराने का आत्मविश्वास देगा. अंध्र प्रदेश स्थित प्लांट की वर्तमान क्षमता हर महीने 5 लाख सेल्स का उत्पादन करने की है. समझौते के बाद, मुनौथ अपनी क्षमता को पांच गुना बढ़ाकर 20 लाख सेल्स प्रति माह करने की योजना बना रहा है. भारत को इससे काफी फायदा होने वाला है. मुनौथ ने कहा कि चीन के शीर्ष लिथियम आयन सप्लायर्स के ग्राहक अब भारत का रुख कर रहे हैं ताकि चीन से आयात पर लगाए गए भारी शुल्क से बचा जा सके. हमारे सहयोगी, जो चीन के शीर्ष तीन लिथियम आयन सप्लायर्स में से एक हैं, उनके ग्राहक यह जानना चाहते थे कि क्या भारत लिथियम-आयन सेल्स की सप्लाई कर सकता है. यह बदलाव भारत की बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वैश्विक बाजार में चीन का मजबूत विकल्प बनने की दिशा में अग्रसर है.
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