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बिना इंटरनेट अब होगा डिजिटल भुगतान: RBI ने लॉन्च किया ऑफलाइन डिजिटल रुपया
e₹ का ऑफलाइन वर्जन भारत में डिजिटल इकॉनमी के विस्तार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. यह न केवल इंटरनेट की सीमाओं को तोड़ता है, बल्कि वित्तीय पहुंच को भी जन-जन तक पहुंचाता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल पेमेंट को नई दिशा देते हुए ऑफलाइन डिजिटल रुपया (e₹) लॉन्च कर दिया है. यह सुविधा खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी सीमित है. अब बिना इंटरनेट के भी डिजिटल नकद की तरह भुगतान संभव होगा. मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 के दौरान आरबीआई ने इस नई सेवा की घोषणा की. ऑफलाइन e₹ के ज़रिए उपयोगकर्ता इंटरनेट की आवश्यकता के बिना भी तेज, सुरक्षित और सीधा लेनदेन कर सकेंगे. तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
डिजिटल रुपया क्या है?
डिजिटल रुपया या e₹, भारत का सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) है, जिसे सीधे आरबीआई जारी करता है. यह रुपये का डिजिटल रूप है और इसे रखने के लिए विशेष डिजिटल वॉलेट की ज़रूरत होती है. इस वॉलेट से बिना बैंक खाता जोड़े भी व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) या व्यापारी (P2M) को पेमेंट किया जा सकता है. UPI QR कोड स्कैन कर आसानी से भुगतान संभव है.
इन बैंकों से मिल रहा है e₹ वॉलेट
फिलहाल देशभर के 15 बैंक डिजिटल रुपया वॉलेट की सुविधा दे रहे हैं. इनमें SBI, ICICI Bank, HDFC Bank, IDFC First Bank, YES Bank, Union Bank of India, Bank of Baroda, Kotak Mahindra Bank, Canara Bank, Axis Bank, IndusInd Bank, Punjab National Bank (PNB), Federal Bank, Karnataka Bank और Indian Bank शामिल हैं.
यूजर्स इन बैंकों के डिजिटल रुपया ऐप्स को Google Play Store और Apple App Store से डाउनलोड कर सकते हैं. वॉलेट में न तो किसी शुल्क की आवश्यकता है, न ही न्यूनतम बैलेंस की. अगर मोबाइल फोन खो जाए, तो वॉलेट को रिकवर भी किया जा सकता है.
कैसे काम करता है ऑफलाइन फीचर?
e₹ का ऑफलाइन मोड इसकी सबसे बड़ी खासियत है. यह दो तरीकों से काम करता है:
- टेलीकॉम-सहायता प्राप्त पेमेंट: बहुत कम नेटवर्क में भी काम करता है.
- NFC आधारित टैप पेमेंट: बिल्कुल बिना इंटरनेट के भुगतान संभव.
इससे बैंक खाते या कनेक्टिविटी के बिना बिल्कुल नकद की तरह भी लेनदेन किया जा सकता है.
क्या है प्रोग्रामेबल डिजिटल कैश?
RBI ने e₹ में प्रोग्रामेबल कैश फीचर भी जोड़ा है, जिससे फंड का इस्तेमाल खास उद्देश्यों या स्थानों तक सीमित किया जा सकता है. यह सरकारी योजनाओं को लक्षित रूप से लागू करने में मदद करता है. उदाहरण G-SAFAL (गुजरात): कृषि इनपुट के लिए सीमित डिजिटल फंड और DEEPAM 2.0 (आंध्र प्रदेश): LPG सब्सिडी को e₹ में भेजा गया. यह सुविधा कॉर्पोरेट पेमेंट, ऋण वितरण और सब्सिडी योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हो सकती है.
डिजिटल समावेशन को मिलेगा बढ़ावा
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आधार, UPI और DigiLocker जैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) ने भारत को वित्तीय समावेशन की दिशा में नई ऊंचाई दी है. डिजिटल रुपया उसी डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का अगला कदम है, जो सुरक्षित, तेज और सुलभ वित्तीय सेवाएं सुनिश्चित करता है. इसका ऑफलाइन और प्रोग्रामेबल फीचर भारत को उन गिने-चुने देशों की कतार में खड़ा करता है, जो अपने डिजिटल करेंसी को जमीन तक ले जाने में सक्षम हैं.
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