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हीरा उद्योग पर दोहरी मार: लैब-ग्रो डायमंड और वैश्विक मंदी से संकट गहराया
ICRA ने FY2026 में 10% तक निर्यात गिरने का अनुमान जताया, प्राकृतिक हीरों की मांग में तेज़ गिरावट
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
रेटिंग एजेंसी ICRA ने कट एंड पॉलिश्ड डायमंड (CPD) क्षेत्र पर अपना 'नकारात्मक दृष्टिकोण' बरकरार रखा है, और चेतावनी दी है कि वित्त वर्ष 2026 में इस उद्योग के लिए चुनौतियां और बढ़ सकती हैं. प्राकृतिक हीरों को लैब-ग्रो डायमंड (LGD) से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा, वैश्विक मांग में गिरावट और अमेरिका द्वारा संभावित टैरिफ लगाने की आशंका के चलते, CPD निर्यात में 7–10% और गिरावट की आशंका जताई गई है.
FY2025 में पहले ही CPD निर्यात 17 प्रतिशत गिरकर 20 वर्षों के निचले स्तर USD 13 बिलियन पर पहुंच गया था. ICRA का अनुमान है कि FY2026 में यह आंकड़ा घटकर लगभग USD 12 बिलियन तक रह सकता है.
प्राकृतिक हीरों का सबसे बड़ा बाजार अमेरिका है, लेकिन वहां की धीमी मांग इस उद्योग को प्रभावित कर रही है. इसके अलावा, अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाने की संभावना से उद्योग में अनिश्चितता और बढ़ गई है. यदि यह टैरिफ लागू होते हैं, तो CPD कंपनियों की लागत और मार्जिन पर और अधिक दबाव पड़ेगा.
रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ताओं में सस्ते और नैतिक रूप से सुरक्षित विकल्पों की ओर रुझान बढ़ने से लैब-ग्रो डायमंड का बाजार तेज़ी से बढ़ रहा है. FY2019 में जहां LGD का हिस्सा मात्र 1% था, FY2025 में यह बढ़कर 8% हो गया है. इसके साथ-साथ फैंसी-कलर्ड डायमंड (FCD) की मांग भी प्राकृतिक हीरों की बिक्री को प्रभावित कर रही है.
FY2025 में रफ डायमंड की कीमतों में 8% की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि FY2026 में कीमतों में और गिरावट की संभावना कम है, क्योंकि प्रमुख माइनर्स अब आपूर्ति में कटौती कर कीमतों को स्थिर रखने की रणनीति अपना सकते हैं.
पॉलिश्ड डायमंड की कीमतें H2 FY2025 में इतिहास के निचले स्तर पर पहुंच गईं. पूरे साल में औसत मूल्य में 7% गिरावट दर्ज की गई, जो FY2024 की 17% गिरावट के बाद आया है. Q1 आमतौर पर सुस्त रहता है और टैरिफ को लेकर असमंजस FY2026 की पहली छमाही में भी कीमतों को सीमित दायरे में रखेगा.
ICRA के अनुसार, CPD कंपनियों के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (OPM) में FY2025 में 400 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट के साथ यह 4% पर पहुंच गया. FY2026 में यह घटकर 3.6–3.7% तक आ सकता है क्योंकि लागत बढ़ोतरी को ग्राहकों तक पहुंचा पाना मुश्किल होगा.
ICRA ने कहा कि CPD कंपनियों की आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहेगी, जिसमें आय घटने और कार्यशील पूंजी चक्र के लंबा होने जैसी समस्याएं होंगी। इस चुनौतीपूर्ण माहौल से निपटने के लिए कंपनियों को इन्वेंट्री प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि यही उनकी क्रेडिट प्रोफाइल का निर्धारक बन सकता है.
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