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फिलहाल नियंत्रण में महंगाई, लेकिन आगे बढ़ सकता है दबाव: HDFC बैंक रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई अभी नियंत्रण में जरूर है, लेकिन ऊर्जा कीमतों, खाद्य महंगाई और संभावित कमजोर मानसून जैसे कारक आने वाले महीनों में दबाव बढ़ा सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
देश में महंगाई अभी काबू में दिखाई दे रही है, लेकिन राहत की यह तस्वीर पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही. HDFC बैंक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर 3.40 प्रतिशत रही, जो फिलहाल आरामदायक स्तर पर है. हालांकि ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और खाद्य वस्तुओं पर बढ़ता दबाव आने वाले महीनों में स्थिति को बदल सकता है. रिपोर्ट ने संकेत दिया है कि फिलहाल जो स्थिरता दिख रही है, वह अस्थायी हो सकती है और आगे महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है.
मार्च में हल्की बढ़त के साथ CPI 3.4% पर पहुंचा
HDFC बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 में कुल उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) बढ़कर 3.4 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो फरवरी के 3.2 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है. हालांकि यह स्तर अभी भी नियंत्रण में माना जा रहा है, लेकिन लगातार तीन महीनों से बढ़ोतरी का रुझान चिंता बढ़ा रहा है.
ऊर्जा कीमतों में उछाल, लेकिन असर सीमित
मार्च में गैस और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, खासकर एलपीजी सिलेंडर महंगा होने से ऊर्जा महंगाई 1.7 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि फरवरी में यह लगभग शून्य के करीब थी. इसके बावजूद इसका पूरा असर आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाया, जिससे कुल महंगाई अपेक्षाकृत सीमित रही.
खाद्य महंगाई बढ़ी, जेब पर पड़ सकता है दबाव
खाद्य और पेय पदार्थों की महंगाई भी बढ़कर 3.7 प्रतिशत हो गई है. यह संकेत देता है कि आने वाले समय में रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी हो सकती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रुझान जारी रहा तो आम आदमी की खर्च क्षमता पर सीधा असर देखने को मिल सकता है.
कोर महंगाई में हल्की राहत
खाद्य और ईंधन को छोड़कर कोर महंगाई मार्च में घटकर 3.3 प्रतिशत पर आ गई. इस गिरावट के पीछे सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है. हालांकि यह राहत अस्थायी साबित हो सकती है.
आने वाले समय में बढ़ सकता है महंगाई का दबाव
HDFC बैंक ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2027 में औसत महंगाई 4.9 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. रिपोर्ट के अनुसार अगर वैश्विक तेल कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही और मानसून सामान्य से कमजोर रहा, तो खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है.
कमजोर मानसून बना बड़ा जोखिम
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस बार मानसून सामान्य से कम रह सकता है. यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो कृषि उत्पादन प्रभावित होगा और इसका सीधा असर खाद्य महंगाई पर पड़ सकता है.
RBI फिलहाल इंतजार के मूड में
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक फिलहाल रेपो रेट में बदलाव नहीं करेगा. मौजूदा 5.25 प्रतिशत की दर को बरकरार रखा जा सकता है, क्योंकि केंद्रीय बैंक अभी स्थिति पर नजर बनाए रखना चाहता है.
बाजार ने दिखाया स्थिर रुख
महंगाई के आंकड़ों का असर बॉन्ड मार्केट पर ज्यादा नहीं पड़ा. 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड करीब 6.94 प्रतिशत पर स्थिर रही, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार ने फिलहाल इन आंकड़ों को संतुलित माना है.
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