होम / बिजनेस / ₹5,000 करोड़ का IPO ला रहा Cube Highways Trust, 22 जुलाई से खुलेगा इश्यू
₹5,000 करोड़ का IPO ला रहा Cube Highways Trust, 22 जुलाई से खुलेगा इश्यू
क्यूब हाईवे ट्रस्ट का यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा. यानी इसमें कोई नई यूनिट जारी नहीं की जाएगी, बल्कि मौजूदा यूनिटधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) क्यूब हाईवे ट्रस्ट (Cube Highways Trust) ने अपने ₹5,000 करोड़ के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए प्रति यूनिट ₹151-152 का प्राइस बैंड तय कर दिया है. यह इश्यू 22 जुलाई को खुलेगा और 24 जुलाई को बंद होगा. इस आईपीओ के जरिए कंपनी पहली बार शेयर बाजार में सूचीबद्ध (लिस्ट) होगी.
पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा IPO
क्यूब हाईवे ट्रस्ट का यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा. यानी इसमें कोई नई यूनिट जारी नहीं की जाएगी, बल्कि मौजूदा यूनिटधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. सार्वजनिक निर्गम 22 जुलाई को खुलेगा और 24 जुलाई को बंद होगा.
एंकर निवेशकों से पहले ही जुटाए ₹1,250 करोड़
आईपीओ से पहले Cube Highways Trust ने पांच रणनीतिक निवेशकों से ₹1,250 करोड़ जुटा लिए हैं. इससे इस इश्यू में संस्थागत निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी का संकेत मिला है. इन निवेशकों में Prazim Trading and Investment Company Pvt. Ltd., HDFC Life Insurance Company, HDFC Pension Fund Management, Axis Max Life Insurance Company और WhiteOak Capital REIT & InvIT Alternatives Fund-I शामिल हैं.
इस आईपीओ का प्रबंधन कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, एचडीएफसी बैंक, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (India) Pvt. Ltd. और जेएम फाइनेंशियल कर रहे हैं.
क्यों लाई जा रही है पब्लिक लिस्टिंग?
इन्वेस्टमेंट मैनेजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विनय सी. सेकर ने कहा कि पब्लिक लिस्टिंग का उद्देश्य निवेशकों का दायरा बढ़ाना और भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है. उनके मुताबिक, घरेलू निवेशक ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जो स्थिर नकदी प्रवाह के साथ लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना भी दें. लिस्टिंग से यूनिट्स में लिक्विडिटी बढ़ेगी, बेहतर प्राइस डिस्कवरी होगी और ज्यादा निवेशकों को उच्च गुणवत्ता वाली हाईवे परिसंपत्तियों में निवेश का मौका मिलेगा.
उन्होंने बताया कि मार्च 2026 के अंत तक ट्रस्ट का नेट डेट-टू-एंटरप्राइज वैल्यू अनुपात 46.8 फीसदी था, जो नियामकीय सीमा 70 फीसदी से काफी कम है. साथ ही ट्रस्ट की AAA क्रेडिट रेटिंग भविष्य में नई परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए वित्तीय लचीलापन प्रदान करती है.
रिटेल निवेशकों के लिए बड़ा मौका
ग्रुप मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) पंकज वासनी ने कहा कि यह पब्लिक लिस्टिंग रिटेल निवेशकों को इंफ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियों में निवेश का अवसर देगी. अब तक इस तरह की उच्च गुणवत्ता वाली परिचालन हाईवे परिसंपत्तियों में निवेश का अवसर मुख्य रूप से संस्थागत और निजी निवेशकों तक ही सीमित था.
उन्होंने कहा कि भारत का सड़क क्षेत्र जीडीपी आधारित विकास, थोक मूल्य सूचकांक (WPI) से जुड़ी टोल दरों में संशोधन, बढ़ते ट्रैफिक और सरकार के लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के कारण लंबी अवधि के लिए आकर्षक निवेश अवसर बना हुआ है.
27 हाईवे परियोजनियों का बड़ा पोर्टफोलियो
क्यूब हाईवे ट्रस्ट के पास भारत के सबसे बड़े विविधीकृत सड़क पोर्टफोलियो में से एक है. ट्रस्ट के पास 12 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में फैली 27 हाईवे परियोजनाएं हैं. इनमें 18 टोल रोड और 9 एन्युटी आधारित परियोजनाएं शामिल हैं, जिससे ट्रैफिक आधारित आय और स्थिर नकदी प्रवाह का संतुलित मिश्रण मिलता है.
ट्रस्ट का पोर्टफोलियो करीब 8,800 लेन किलोमीटर में फैला है और इसके प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों का मूल्य लगभग ₹36,800 करोड़ है. इन परिसंपत्तियों का औसत परिचालन इतिहास नौ वर्ष से अधिक है, जबकि औसत शेष रियायत अवधि 18 वर्ष से ज्यादा है, जिससे लंबी अवधि तक नियमित नकदी प्रवाह की संभावना बनी रहती है.
InvIT में बढ़ रही निवेशकों की दिलचस्पी
क्यूब हाईवे ट्रस्ट का पब्लिक इश्यू ऐसे समय आ रहा है, जब भारत में सड़क और परिवहन अवसंरचना पर लगातार निवेश बढ़ रहा है और InvIT जैसे निवेश माध्यम नियमित नकद वितरण के कारण निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं.
टैग्स