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पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के नए सचिव बने डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला
डॉ. तुम्माला फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में यूनेस्को के अंतर्गत भारतीय महासागर सुनामी चेतावनी एवं शमन प्रणाली (IOTWMS) सचिवालय के प्रमुख हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ समुद्र वैज्ञानिक डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) का नया सचिव नियुक्त किया है. वह दो साल के कार्यकाल के लिए इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे. डॉ. तुम्माला फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में यूनेस्को के अंतर्गत भारतीय महासागर सुनामी चेतावनी एवं शमन प्रणाली (IOTWMS) सचिवालय के प्रमुख हैं.
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी
केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला की नियुक्ति को मंजूरी दी है. आधिकारिक आदेश के अनुसार, वह कार्यभार संभालने की तारीख से दो वर्षों तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव के रूप में कार्य करेंगे.
समुद्र विज्ञान और आपदा प्रबंधन में तीन दशक का अनुभव
डॉ. तुम्माला को रिमोट सेंसिंग, सैटेलाइट ओशनोग्राफी, तटीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है. अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी संभालने से पहले वह अगस्त 2020 से हैदराबाद स्थित भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) के निदेशक थे.
उनके कार्यकाल में INCOIS ने संभावित मत्स्य क्षेत्र सलाह सेवाओं का विस्तार किया. साथ ही कोरल रीफ ब्लीचिंग अलर्ट सिस्टम और बहु-आपदा संवेदनशीलता मानचित्रण (Multi-Hazard Vulnerability Mapping) जैसी महत्वपूर्ण पहलें शुरू कीं.
सुनामी चेतावनी प्रणाली तैयार करने में निभाई अहम भूमिका
2004 में हिंद महासागर में आई विनाशकारी सुनामी के बाद डॉ. तुम्माला ने INCOIS में भारत की सुनामी पूर्व चेतावनी प्रणाली की स्थापना का नेतृत्व किया था. यह प्रणाली बाद में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त सुनामी सेवा प्रदाता के रूप में विकसित हुई.
डीप ओशन मिशन और जलवायु मॉडलिंग को मिलेगी मजबूती
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार, डॉ. तुम्माला की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत डीप ओशन मिशन को आगे बढ़ा रहा है, जलवायु मॉडलिंग क्षमताओं को मजबूत कर रहा है और समुद्री तथा मौसम संबंधी आपदाओं के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों का विस्तार कर रहा है. इसके अलावा सरकार समुद्र विज्ञान और ब्लू इकोनॉमी को भी बढ़ावा देने पर जोर दे रही है.
कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
डॉ. तुम्माला को भारत की सुनामी पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास में योगदान के लिए वर्ष 2010 में खान मंत्रालय का राष्ट्रीय भू-विज्ञान पुरस्कार मिल चुका है. इसके अलावा उन्हें वर्ष 2008 में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और समुद्री संसाधन मानचित्रण के लिए भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग पर भारतीय राष्ट्रीय जियोस्पेशियल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.
उन्होंने 100 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं और यूनेस्को के अंतर-सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग (Intergovernmental Oceanographic Commission) के उपाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
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