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एमएसएमई पर संकट: सीआईआई ने सरकार से मांगी इमरजेंसी राहत

सीआईआई का कहना है कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए तत्काल राहत और समर्थन जरूरी है, ताकि भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट के बीच छोटे और मझोले उद्योग अपने संचालन को बनाए रख सकें और आर्थिक नुकसान से बच सकें.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारतीय एमएसएमई क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला को गंभीर झटका दिया है. भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने सरकार से कच्चे माल की वैकल्पिक आपूर्ति, गैस आपूर्ति में स्पष्टता और बंदरगाहों पर भंडारण के लिए अस्थायी राहत देने की मांग की है, ताकि सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम उत्पादन और संचालन में बाधा से बच सकें.

पश्चिम एशिया संकट का असर

सीआईआई ने बताया कि जहाजों के आवागमन और लॉजिस्टिक्स संचालन में रुकावट के कारण छोटी कंपनियों को लंबी यात्रा और बढ़ी परिवहन लागत का सामना करना पड़ रहा है. कुछ मामलों में निर्यात की खेपें बंदरगाहों पर लंबे समय तक फंसी हुई हैं या भारत लौटाई गई हैं. इस स्थिति ने एमएसएमई उद्योग को गंभीर दबाव में डाल दिया है.

राहत और सुधार की मांग

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने एमएसएमई मंत्रालय के सचिव एससीएल दास को लिखे पत्र में कहा कि अगर आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट लंबे समय तक बनी रहती है तो कई क्षेत्रों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है. उन्होंने नाममात्र शुल्क पर वेयरहाउसिंग, सरल सीमा शुल्क ढांचा और कच्चे माल के आयात में अस्थायी छूट जैसे उपाय सुझाए हैं.

प्रमुख चिंताएं और जोखिम

सीआईआई ने कांच, सिरैमिक, रसायन और धातु जैसे विनिर्माण क्षेत्रों पर जोर देते हुए कहा कि गैस आपूर्ति में अचानक व्यवधान से उत्पादन बंद और वित्तीय नुकसान होने का खतरा है. उद्योग ने माल ढुलाई और बीमा लागत में बढ़ोतरी, कच्चे माल की आपूर्ति में बाधा और औद्योगिक इनपुट की कीमतों में अस्थिरता जैसी समस्याओं को भी उजागर किया है.

वैकल्पिक उपायों का सुझाव

उद्योग संगठन ने कहा कि कच्चे माल के लिए आयात प्रतिबंधों, गुणवत्ता प्रमाणन और मानकों में अस्थायी छूट या तेजी से मंजूरी देने पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि कंपनियां वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति प्राप्त कर सकें. इसके अलावा, शिपिंग कंपनियों और लॉजिस्टिक्स प्रदाताओं के साथ बातचीत से माल ढुलाई और बीमा लागत में राहत मिल सकती है और जहाजों के आवागमन की जानकारी बेहतर हो सकती है.

 


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