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FY27 में CPI मुद्रास्फीति 4.1% पहुंच सकती है, लो बेस का असर रहेगा: CareEdge
FY26 में महंगाई के और नीचे जाने की उम्मीद तथा RBI द्वारा अनुमान घटाने की संभावना आर्थिक स्थिरता के संकेत देती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago
भारत में महंगाई लगातार नीचे आती दिखाई दे रही है, लेकिन आने वाले वर्षों में इसका रुझान कैसा रहेगा, इस पर नई रिपोर्ट ने अहम संकेत दिए हैं. CareEdge Ratings की एक रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष के लो बेस के कारण FY27 में CPI मुद्रास्फीति थोड़ी बढ़कर 4.1% तक जा सकती है, जबकि खाद्य मुद्रास्फीति मजबूत कृषि गतिविधियों और बेहतर सप्लाई स्थिति से नियंत्रित रहने की संभावना है.
खाद्य मुद्रास्फीति रहेगी मध्यम स्तर पर
रिपोर्ट के अनुसार स्वस्थ कृषि गतिविधि, पर्याप्त जलाशय स्तर और अनुकूल आधार प्रभाव के चलते खाद्य मुद्रास्फीति मध्यम स्तर पर बनी रहने की उम्मीद है. खाद्य मुद्रास्फीति के नियंत्रित रहने के साथ रिपोर्ट ने FY26 के लिए औसत मुद्रास्फीति 2.1 प्रतिशत और कोर मुद्रास्फीति 4.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है.
RBI कर सकता है मुद्रास्फीति अनुमान में और कटौती
CareEdge Ratings ने बताया कि RBI ने अक्टूबर में FY26 के लिए CPI मुद्रास्फीति का अनुमान 3.1 प्रतिशत से घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया था. एजेंसी का कहना है कि दिसंबर की मौद्रिक नीति बैठक में RBI अपने मुद्रास्फीति अनुमान को और घटाकर लगभग 2.1 प्रतिशत कर सकता है.
अक्टूबर में CPI गिरकर 0.25% पर, GST सुधारों का दिखा असर
अक्टूबर 2025 में CPI मुद्रास्फीति घटकर 0.25 प्रतिशत पर पहुंच गई. GST दरों के तार्किकरण (रैशनलाइजेशन) और खाद्य एवं पेय पदार्थ श्रेणी में जारी डिफ्लेशन ने कुल मुद्रास्फीति को नीचे खींचा. खाद्य टोकरी में डिफ्लेशन सितंबर के 1.4 प्रतिशत से बढ़कर अक्टूबर में 3.7 प्रतिशत तक गहरा गया.
सब्जियों, दालों और मसालों में गहरा डिफ्लेशन; तेलों में अभी भी महंगाई
रिपोर्ट के अनुसार खाद्य श्रेणी में कई वस्तुओं में डिफ्लेशन और तेज हुआ. अक्टूबर में सब्जियों में साल-दर-साल 27.6 प्रतिशत की गिरावट, दालों में 16.2 प्रतिशत की गिरावट और मसालों में 3.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि खाद्य तेलों में कुछ नरमी दिखी, लेकिन 11.2 प्रतिशत की डबल-डिजिट मुद्रास्फीति जारी रही, जिसने कुल खाद्य मुद्रास्फीति में और गिरावट पर रोक लगा दी.
वैश्विक तेल कीमतें चिंता का विषय, कमोडिटी कीमतें रहेंगी नरम
CareEdge Ratings ने कहा कि खाद्य तेलों की कीमतों का यह रुझान आगे भी निगरानी का प्रमुख बिंदु रहेगा, खासकर तब जब वैश्विक वेजिटेबल ऑयल कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं. वहीं कमजोर वैश्विक ग्रोथ और चीन में ओवरकैपेसिटी के कारण अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी कीमतें नरम रहने की उम्मीद है.
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