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ओवरबुकिंग के कारण नहीं मिल पाई दूसरी फ्लाइट? जानिए कितना मिलता है मुआवजा 

सरकार की ओर से इस स्थिति के लिए कई तरह के नियम हैं,  इनमें आपके लिए वैकल्पिक सेवा का इंतजाम किया जाएगा अगर नहीं होता है तो मुआवजा बढ़ता जाता है. 

ललित नारायण कांडपाल 2 years ago

हमारे देश में पिछले कुछ समय में हवाई जहाज से यात्रा करने वालों की संख्‍या में बड़ा इजाफा हुआ है. ये इजाफा तो सही है लेकिन कई बार यात्रियों को एयरलाइन कंपनियों के द्वारा अलग अलग तरह की परेशानी का भी सामना करना पड़ता है. ऐसे में आपको नहीं पता होता है कि आखिर करना क्‍या है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि ऐसी ही अलग-अलग तरह की परेशानियों में एक समस्‍या से ये भी है कि कई बार आपकी फ्लाइट के ओवरबुक होने के कारण आपको अगर वैकल्पिक सेवा न दी जाए तो आप मुआवजे के हकदार हैं. इसमें मैक्सिमम 20000 रुपये तक के मुआवजे की व्‍यवस्‍था की गई है. लेकिन सवाल ये है आप उसे कैसे क्‍लेम करें.

सबसे पहले जानते हैं कितना मिलता है मुआवजा 
सरकार की ओर से इसके लिए जो गाइडलाइन बनाई गई हैं उसके अनुसार आपके द्वारा बुक की गई फ्लाइट के बेसिक फेयर के 200 प्रतिशत राशि के साथ आपको एयरलाइन फ्यूल चार्ज जो कि ज्‍यादा से ज्‍यादा 10 हजार तक हो सकता है दिया जाएगा. इसके अतिरिक्‍त अगर आपको 24 घंटे से ज्‍यादा समय तक अगली फ्लाइट नहीं दी जाती है तो आप बेसिक फेयर के 400 प्रतिशत के साथ-साथ एयर फ्यूल प्राइस मिलाकर कुल 20 हजार रुपये तक हो सकता है. 

ओवरबुक फ्लाइट क्‍या होती है 
ओवरबुक फ्लाइट वो होती है जब किसी भी विमान कंपनी के द्वारा विमान की तय सीटों के लिए से ज्‍यादा टिकट दे दी जाती है. विमान कंपनी तय सीटों से ज्‍यादा लोगों को कंफर्म टिक दे देती है। लेकिन जब विमान मुहैया कराने की बारी आती है तो वो विमान नहीं मुहैया करा पाती है. ऐसे में आप विमान कंपनी से मुआवजा पा सकते हैं. ऐसे में विमान कंपनी बुनियादी तौर पर करती ये है कि फ्लाइट में से लोगों को स्‍वयंसेवक तरीके से सीट खाली करने का आग्रह करती है. उसके बदले में वो उसे किसी तरह का ऑफर देती है. इसे लेना या ना लेना उस ग्राहक पर निर्भर करता है.

आपके क्‍या हैं अधिकार  
जब आपको सीट न मिले तो ऐसे में आप क्‍या कर सकते हैं. इसमें दो तरह की स्थितियां पैदा होती हैं. पहली स्थिति ये पैदा होती है कि आपको अगर विमान कंपनी मूल फ्लाइट में सीट न मिलने की स्थिति में अगले एक घंटे में आपके लिए दूसरी फ्लाइट की व्‍यवस्‍था कर देती है तो आपके क्‍या अधिकार हैं? 
 ऐसे में आप विमान कंपनी को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं. आपके लिए जो व्‍यवस्‍था की है आप उसमें जाएं या नहीं ये आपकी इच्‍छा है लेकिन आप विमान कंपनी को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं. 
इसी तरह से दूसरी स्थिति में अगर आपके लिए अगले एक घंटे में व्‍यवस्‍था नहीं कर पाती है तो आप क्‍या कर सकते हैं? 
आपको अगर एक घंटे में फ्लाइट नहीं मिलती है और विमान कंपनी मूल फ्लाइट के जाने के समय के 24 घंटे के अंदर दूसरी फ्लाइट अरेंज करती है तो आप ऐसी स्थिति में 10 हजार रुपये तक मुआवजा पा सकते हैं. 
अगर ये समय 24 घंटे से ज्‍यादा हो जाता है तो आप इसके लिए 20 हजार रुपये तक जुर्माना पा सकते हैं. 
अगर उसके बाद आप उस फ्लाइट को नहीं लेते हैं तो ऐसे में विमान कंपनी को आपको टिकट की पूरी राशि के साथ 400 प्रतिशत का मुआवजा देना होगा. जो अधिकतम 20 हजार रुपये तक हो सकता है. 


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