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Voda-Idea की FY27 पर बड़ी रणनीति, नेटवर्क विस्तार से कमाई बढ़ाने तक इन 3 मोर्चों पर रहेगा फोकस
कंपनी को उम्मीद है कि नेटवर्क में निवेश, बेहतर ग्राहक अनुभव और मजबूत वित्तीय स्थिति के दम पर वह आने वाले वर्षों में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति और बाजार हिस्सेदारी को मजबूत कर सकेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
वोडाफोन-आइडिया (Vi) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपनी ग्रोथ रणनीति स्पष्ट कर दी है. आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि कंपनी अगले वित्त वर्ष में नेटवर्क विस्तार, ग्राहक अनुभव में सुधार और राजस्व बढ़ाने पर सबसे ज्यादा ध्यान देगी. उनका कहना है कि वित्त वर्ष 2026 चुनौतियों से उबरने का साल था, जबकि FY27 विकास योजनाओं को तेज़ी से लागू करने का वर्ष होगा.
वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 जारी करते हुए शेयरधारकों को संबोधित करते हुए बिड़ला ने कहा कि कंपनी के सामने मौजूद अधिकांश बड़ी चुनौतियां अब पीछे छूट चुकी हैं. उन्होंने कहा कि वोडाफोन-आइडिया को अपने प्रमोटर्स का पूरा समर्थन मिल रहा है, वित्तीय स्थिति पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट है और कंपनी के पास निवेश करने की बेहतर क्षमता भी है. यही कारक आने वाले वर्षों में कंपनी की विकास यात्रा को गति देंगे.
नियमित टैरिफ बढ़ोतरी की वकालत
कुमार मंगलम बिड़ला ने दूरसंचार क्षेत्र में समय-समय पर टैरिफ बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया. उनके मुताबिक, नेटवर्क में निवेश बनाए रखने और अगली पीढ़ी की तकनीकों के विस्तार के लिए टेलीकॉम कंपनियों के पास पर्याप्त संसाधन होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि मजबूत और विश्वसनीय संचार नेटवर्क भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के लिए बेहद अहम होंगे.
AGR विवाद में मिली राहत
वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 वोडाफोन-आइडिया के लिए महत्वपूर्ण रहा. इस दौरान कंपनी ने समायोजित सकल राजस्व (AGR) से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर प्रगति हासिल की. दूरसंचार विभाग (DoT) की समिति ने कंपनी का बकाया 64,046 करोड़ रुपये तय किया, जो पहले के अनुमान से कम है. साथ ही, इसके भुगतान के लिए दीर्घकालिक पुनर्भुगतान योजना भी तैयार की गई है.
FY26 में बढ़ा राजस्व और EBITDA
वित्त वर्ष 2026 में वोडाफोन-आइडिया का कुल राजस्व 3 फीसदी बढ़कर 44,873 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष 43,571 करोड़ रुपये था. वहीं EBITDA 4.8 फीसदी बढ़कर 19,003 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 41.6 फीसदी से बढ़कर 43.1 फीसदी हो गया, जो बेहतर लागत प्रबंधन और स्थिर राजस्व वृद्धि का संकेत देता है.
कंपनी को उम्मीद है कि नेटवर्क में निवेश, बेहतर ग्राहक अनुभव और मजबूत वित्तीय स्थिति के दम पर वह आने वाले वर्षों में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति और बाजार हिस्सेदारी को मजबूत कर सकेगी.
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