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टैक्स डिजिटलीकरण के साथ कदम से कदम मिलाने के लिए संघर्ष कर रही कंपनियां : सर्वे

जैसे जैसे भारतीय कंपनियां डिजिटल टैक्स क्रांति को अपना रही हैं. वैसे ही सरकार और कंपनियों के बीच सहयोग प्रगति को बढ़ावा देना भी महत्वपूर्ण होगा. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

Deloitte के एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि कई संगठन टैक्स डिजिटलीकरण (Tax Digitalisation) की दिशा में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. इनमें कुशल टैक्स तकनीकी पेशेवरों की कमी, बैंडविड्थ की सीमाएं, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने में प्रतिरोध और मौजूदा सिस्टम को बाहरी समाधानों या सरकारी पोर्टल्स से एकीकृत करने में कठिनाइयां जैसी प्रमुख बाधाएं शामिल हैं. Deloitte के सर्वेक्षण के अनुसार ये चुनौतियां अतिरिक्त समर्थन और संसाधनों की आवश्यकता को उजागर करती हैं, ताकि ट्रांजिशंस को सुगम बनाया जा सके. जैसे-जैसे भारत की कंपनियां डिजिटल टैक्स क्रांति को अपनाती जा रही हैं, सरकार और कंपनियों के बीच सहयोग प्रगति को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण होगा. 

भारतीय कंपनियों ने सरकार की डिजिटल पहलों में जताया विश्वास  

सर्वेक्षण में कहा गया है कि सरकारऔर कंपनियों के बीच यह सहयोग अनुपालन (compliance) को बढ़ावा देगा और इनोवेशन को प्रेरित करेगा. साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि भारत में कराधान (Taxation) का भविष्य आशाजनक और प्रभावशाली हो. विशेष रूप से, Deloitte इंडिया के आयकर डिजिटलीकरण (Income Tax Digitalisation) पर किए गए सर्वेक्षण के दूसरे संस्करण ने यह बताया कि भारत की कंपनियों ने टैक्स तकनीकी समाधानों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाया है और सरकार की डिजिटल पहलों में महत्वपूर्ण विश्वास जताया है. डिजिटलीकरण की ओर बढ़ते हुए, व्यवसायों के लिए काम करना सरल हुआ है, कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है और करदाताओं (Taxpayers) के लिए अनुपालन में लगने वाला समय कम हुआ है. सर्वेक्षण में यह बताया गया कि 92 प्रतिशत संगठन अगले पांच वर्षों में तकनीकी-आधारित टैक्स प्लेटफॉर्म को अपनाने या अपनाने की योजना बना रहे हैं, जो 2023 में 80 प्रतिशत से कम था. 

77 प्रतिशत कंपनियों ने टैक्स ट्रांसफॉर्मेशन और ऑटोमेशन के लिए बढ़ाया बजट

सर्वेक्षण में यह भी जोड़ा गया कि अब, करदाता नई तकनीकों जैसे AI/ML और GenAI को अपनी टैक्स प्रक्रियाओं में लागू करने के लिए खुले हैं और 50 प्रतिशत से अधिक संगठनों ने इन इनोवेशंस को लागू करने में विश्वास जताया है. सर्वेक्षण के निष्कर्षों से यह सामने आया कि 74 प्रतिशत उत्तरदाता उम्मीद करते हैं कि SAF-T लगभग वास्तविक समय में रिपोर्टिंग और अनुपालन निगरानी को सुविधाजनक बनाएगा. इसके अतिरिक्त, 63 प्रतिशत उत्तरदाता टैक्स पोर्टल्स के साथ डेटा विनिमय को सरल बनाने के लिए APIs की उम्मीद करते हैं. Deloitte के सर्वेक्षण में यह भी खुलासा हुआ कि 77 प्रतिशत कंपनियों ने FY24 में टैक्स ट्रांसफॉर्मेशन और ऑटोमेशन के लिए अपने बजट बढ़ाया है, जो पिछले वर्ष के 67 प्रतिशत से अधिक है-यह एक मजबूत, तकनीकी-आधारित टैक्स इको सिस्चम की आवश्यकता की बढ़ती स्वीकृति को दर्शाता है. 

टैक्स प्रक्रियाओं में डिजिटल परिवर्तन

Deloitte इंडिया के पार्टनर रोहितन सिद्धवा ने कहा कि संगठन उन्नत प्रौद्योगिकियों जैसे रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA), ब्लॉकचेन, GenAI, मशीन लर्निंग, डेटा इंटीग्रेशन और एनालिटिक्स,को अपना रहे हैं, ताकि वे अपनी टैक्स प्रक्रियाओं के डिजिटल परिवर्तन को तेज कर सकें. उन्होंने कहा है कि भारत सरकार का यह घोषणा कि अगले दो वर्षों में आयकर सेवाओं के बाकी हिस्सों को पूरी तरह से डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिसमें सुधार और अपीली आदेश भी शामिल हैं. यह पहल करदाता अनुभव को और बेहतर बनाएगी और प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-मित्रवत बनाएगी.

थर्ड पार्टी टैक्स सॉफ्टवेयर और क्लाउड-आधारित सोल्यूशंस का बढ़ा उपयोग

सर्वे में यह भी सामने आया है कि थर्ड पार्टी टैक्स सॉफ्टवेयर और क्लाउड-आधारित सोल्यूशंस का उपयोग बढ़ा है, जिसमें 69 प्रतिशत उत्तरदाता हैं, जोकि 2023 में 57 प्रतिशत था. जैसे-जैसे संगठन इन इनोवेशंस को अपना रहे हैं, वे अपनी डिजिटल परिवर्तन यात्रा में सुरक्षा और डेटा गोपनीयता को प्राथमिकता दे रहे हैं. साथ ही, व्यवसाय टीडीएस/टीसीएस अनुपालन को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. सर्वेक्षण में यह बताया गया कि अब 70 प्रतिशत उत्तरदाता इस क्षेत्र में तकनीकी-आधारित समाधानों का समर्थन करते हैं, जो पिछले वर्ष के 49 प्रतिशत से एक महत्वपूर्ण वृद्धि है. सर्वेक्षण के अनुसार प्रौद्योगिकी को लागू करना शिकायत पोर्टल्स पर मामलों के समाधान को भी सुविधाजनक बनाएगा, पुनर्मिलन प्रक्रियाओं को स्वचालित करेगा, अपीलों और सुधार आवेदन की प्रगति को ट्रैक करेगा और रिफंड जारी करने या मांगों को हटाने में तेजी लाएगा. 


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