होम / बिजनेस / त्रिपुरा बना टेक्नोलॉजी निवेश का नया हब, बिजनेस कॉन्क्लेव में ₹10,000 करोड़ से ज्यादा के 43 MoU पर हस्ताक्षर

त्रिपुरा बना टेक्नोलॉजी निवेश का नया हब, बिजनेस कॉन्क्लेव में ₹10,000 करोड़ से ज्यादा के 43 MoU पर हस्ताक्षर

त्रिपुरा ने टेक्नोलॉजी और डिजिटल निवेश के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाते हुए 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026' के दौरान ₹10,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

त्रिपुरा ने टेक्नोलॉजी और डिजिटल निवेश के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाते हुए 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026' के दौरान ₹10,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं. दो दिवसीय कॉन्क्लेव में सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थकेयर, क्लाउड, ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई क्षेत्रों में 43 समझौता ज्ञापनों (MoU) और 11 एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) पर हस्ताक्षर हुए. इस दौरान गूगल और सेल्सफोर्स जैसी वैश्विक टेक कंपनियों के साथ भी अहम साझेदारियां की गईं.

दो दिन तक चला बिजनेस कॉन्क्लेव

अगरतला के इंटरनेशनल फेयर ग्राउंड, हापानिया में आयोजित इस दो दिवसीय (9 और 10 जुलाई 2026) कॉन्क्लेव में देशभर के निवेशकों, उद्योगपतियों, स्टार्टअप्स, टेक कंपनियों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य त्रिपुरा को टेक्नोलॉजी आधारित और सतत निवेश के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करना था.

मुख्यमंत्री बोले- निवेशकों का भरोसा बढ़ा

कार्यक्रम का उद्घाटन त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने किया. इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त एवं योजना मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय समेत राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. वहीं केंद्रीय पूर्वोत्तर विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वर्चुअली कार्यक्रम को संबोधित किया.

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि पिछले छह वर्षों में राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) दोगुनी हुई है. उन्होंने बताया कि कॉन्क्लेव में 500 प्रतिभागियों के आने की उम्मीद थी, लेकिन 1,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जो त्रिपुरा में निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है.

गूगल और सेल्सफोर्स के साथ रणनीतिक साझेदारी

कॉन्क्लेव के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय (DIT) ने गूगल इंडिया के साथ डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के विकास के लिए समझौता किया. इसके अलावा सेल्सफोर्स के साथ AI आधारित नागरिक सेवाओं, CRM समाधान और डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म विकसित करने पर साझेदारी हुई. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के साथ भी शुरुआती स्तर पर चर्चा की गई.

इसके अलावा Da'Spatio Rhobotique Laboratory, Bodhi Tree Multimedia, Elvania Energies 369, Indigi Consulting and Solutions समेत कई कंपनियों के साथ भी MoU पर हस्ताक्षर किए गए.

आईटी सेक्टर में बढ़ रहा निवेश

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक जेया रागुल गेशन बी ने बताया कि राज्य की आईटी नीतियों का सकारात्मक असर दिखने लगा है. उन्होंने कहा कि एयरटेल ने अगरतला में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए ₹200 करोड़ के निवेश का फैसला किया है.

उन्होंने बताया कि राज्य में फिलहाल 134 स्टार्टअप पंजीकृत हैं, 59 कंपनियों को मान्यता मिल चुकी है और स्टार्टअप्स को ₹2.7 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है.

निवेशकों के लिए आसान होगी प्रक्रिया

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव किरण गिट्टे ने कहा कि राज्य सरकार ने कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है. बेहतर सड़क, रेल, इंटरनेट, बैंकिंग और कुशल मानव संसाधन के दम पर त्रिपुरा निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है.

IT Pavilion बना आकर्षण का केंद्र

कॉन्क्लेव में सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय का IT Pavilion सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा. यहां निवेशकों, स्टार्टअप संस्थापकों, छात्रों और उद्योग प्रतिनिधियों को त्रिपुरा की IT/ITeS नीति, स्टार्टअप नीति और डेटा सेंटर नीति की जानकारी दी गई. साथ ही प्रस्तावित AI Policy, AVGC-XR Policy और Global Capability Centre (GCC) Policy की भी झलक दिखाई गई.

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

राज्य सरकार ने प्रस्तावित IT Park, Tripura IT & Data Ecosystem Zone (TIDEZ), Airtel Nxtra Data Centre और T-NEST इनक्यूबेशन सेंटर जैसी परियोजनाओं को भी प्रदर्शित किया. इन परियोजनाओं का उद्देश्य आईटी, डेटा सेंटर, साइबर सिक्योरिटी, BPO, ESDM और AI आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना है.

टेक्नोलॉजी आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता त्रिपुरा

सरकार का कहना है कि 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026' राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा. वैश्विक टेक कंपनियों के निवेश और नई साझेदारियों से त्रिपुरा को आने वाले वर्षों में पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख टेक्नोलॉजी निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

Infosys के सीनियर VP बोले, सेमीकंडक्टर में भारत के लिए ‘Invent in India’ का बड़ा मौका

Semicon India 2026 में मेघल ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पारंपरिक सप्लाई चेन और डिजाइन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. खासकर AI आधारित वर्कलोड यह तय कर रहे हैं कि चिप्स को किस तरह डिजाइन किया जाए.

2 hours ago

RBI की 50,000 करोड़ रुपये की OMO बिक्री में 66,590 करोड़ रुपये की बोलियां

RBI ने बाजार में चल रही यील्ड से अधिक यील्ड पर सरकारी प्रतिभूतियों को स्वीकार किया. इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने बॉन्ड खरीदने के लिए प्रीमियम यील्ड की मांग की.

2 hours ago

टूल एंड इक्विपमेंट एक्स्पो: हैंड टूल्स से स्मार्ट ऑटोमेशन तक, मैन्युफैक्चरिंग में तकनीक का नया दौर

एक्सपो में एक 'इनोवेशन गैलरी' तैयार की गई है, जिसमें 200 से अधिक प्रोडक्ट्स को लॉन्च किया गया है. इस गैलरी उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उभरती तकनीकों, नए विचारों और इनोवेटिव समाधानों को सामने लाना है.

3 hours ago

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

4 hours ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

6 hours ago


बड़ी खबरें

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

4 hours ago

Infosys के सीनियर VP बोले, सेमीकंडक्टर में भारत के लिए ‘Invent in India’ का बड़ा मौका

Semicon India 2026 में मेघल ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पारंपरिक सप्लाई चेन और डिजाइन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. खासकर AI आधारित वर्कलोड यह तय कर रहे हैं कि चिप्स को किस तरह डिजाइन किया जाए.

2 hours ago

RBI की 50,000 करोड़ रुपये की OMO बिक्री में 66,590 करोड़ रुपये की बोलियां

RBI ने बाजार में चल रही यील्ड से अधिक यील्ड पर सरकारी प्रतिभूतियों को स्वीकार किया. इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने बॉन्ड खरीदने के लिए प्रीमियम यील्ड की मांग की.

2 hours ago

भारत की इकोनॉमी पर Moody’s का भरोसा बढ़ा, FY27 GDP ग्रोथ अनुमान 6% से बढ़ाकर 7%

Moody’s के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और निजी क्षेत्र के निवेश में सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है.

7 hours ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

6 hours ago